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15 टीमें करेंगी जिले में 112 राइस मिलों के स्टॉक की जांच

Fri, 04 Dec 2015 11:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल Updated Fri, 04 Dec 2015 11:35 PM IST
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प्रशासनिक अधिकारियों की 15 टीमें जिले के 112 राइस मिलर्स द्वारा सीजन में खरीदे गए ग्रेड ए के धान की फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगी। जिसमें मंडियों में से मार्केट कमेटी के माध्यम से खरीदे गए धान के रिकॉर्ड एवं मिलों रखे हुए धान एवं चावल की मात्रा की जांच करेंगी। इन टीमों को अगले 20 दिनों में यह रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद सरकार द्वारा इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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विदित रहे कि विपक्ष के धान खरीद में घोटाले के आरोपों के बाद प्रदेश की सभी मिलों में 1509 धान की खरीद की जांच का फैसला लिया है। बासमती ग्रुप के 1509 धान को इस बार ग्रेड ए धान में शामिल करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा गया था।
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जिसे सरकार ने सीजन में मंडियों से खरीद कर एजेंसियों के माध्यम से मिलर्स को दे दिया है। मिलर्स से अब इस धान के बदले में 67 प्रतिशत चावल लिया जाना है। 1509 चावल मोटे चावल के मुकाबले महंगा बिकता है। विपक्ष का आरोप है कि धान खरीद में घोटाला हुआ है।
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1509 एवं मोटे धान की होगी फिजिकल वेरिफिकेशन
सीजन में जिले में 112 मिलर्स को सरकार द्वारा धान खरीद कर मिलिंग के लिए दिया है। इसमें पीआर ग्रुप सहित 1509 का धान भी शामिल है। सरकार के आदेशानुसार जिला प्रशासन द्वारा गठित टीमें मिलर्स को दिए गए 1509 एवं पीआर ग्रुप की अलग-अलग वेरिफिकेशन की जाएगी। जिसमें सबसे पहले अनाज मंडियों में मार्केट कमेटी सचिव कार्यालय से मिलर्स को दिए गए दोनों प्रकार के धान की अलग-अलग रिपोर्ट शनिवार तक देने को कहा गया है। सचिव इन टीमों को मिलर्स अनुसार यह रिपोर्ट देंगे। इस रिपोर्ट को लेकर टीमें संबंधित मिलों में जाकर रिकॉर्ड के अनुसार मिलों में मौजूद धान की मात्रा की जांच करेंगी। जिसमें रिकॉर्ड एवं मिलों में मौजूद धान की मात्रा में अंतर पाया गया तो निश्चित तौर पर उस मिलर के खिलाफ कार्रवाई होगी। टीम का नेतृत्व कर रहे अधिकारी को 25 प्रतिशत वेरिफिकेशन अपनी मौजूदगी में करवाने का आदेश दिया गया है।

रिकॉर्ड का मिलान होना मुश्किल कार्य
टीमों द्वारा रिकॉर्ड एवं मिलों में मौजूद धान की मात्रा का मिलान करना अपने आप में एक मुश्किल कार्य है। क्योंकि मिलर्स द्वारा काफी मात्रा में धान की मिलिंग करके चावल भी बना दिया है। इसके अलावा भी कुछ मिलों में स्टॉक कम या ज्यादा निकल सकता है। ऐसे में मिलान होना मुश्किल कार्य है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई भी लगभग तय मानी जा रही है।

मार्केट कमेटी सचिव को लगी फटकार
डीसी द्वारा ली जा रही मीटिंग में जब एक मार्केट कमेटी सचिव ने कहा कि 1509 एवं पीआर ग्रुप की अलग-अलग रिकॉर्ड की रिपोर्ट तैयार होना मुश्किल है तो डीसी ने फटकार लगाते हुए कहा कि सभी मार्केट कमेटी सचिव 1509 एवं मोटे चावल की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार करके शनिवार तक उपलब्ध करवाएं।

ये अधिकारी करेंगे टीमों का नेतृत्व
फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए एडीसी जितेंद्र कुमार, चीनी मिल प्रबंध निदेशिका सुभिता ढाका, एसडीएम कैथल मनदीप कौर, एसडीएम गुहला कमलप्रीत कौर, एसडीएम कलायत आरके सिंह, सीटीएम नवीन कुमार आहुजा तथा आरटीओ अमित गुलिया को विभिन्न टीमों का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कैथल तहसीलदार ओपी बिश्नोई, एक्सइएन इकबाल सैनी, बीडीपीओ कैथल प्रेम सिंह, गुहला तहसीलदार विजय मोहन सियाल, सीवन बीडीपीओ संजय टांक, कलायत के तहसीलदार चंद्र मोहन, बीडीपीओ राजौंद दीनानाथ, एक्सइएन केके नैन, एक्सइएन विशाल शर्मा, एक्सइएन हुकम चंद, एक्सइएन अरविंद कौशिक, बीडीपीओ गुहला नरेंद्र मल्होत्रा, एक्सइएन आशीष गुप्ता, डीडीए रोहताश सिंह तथा एक्सईएन जगदीश चंद्र जांगड़ा के नेतृत्व में 15 टीमें गठित की गई हैं। इन सभी टीमों में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 2-2 सदस्य, प्रशासन द्वारा एक-एक सदस्य तथा स्टाक के इंचार्ज को भी इन टीमों का सदस्य नियुक्त किया गया है।   

जिले में 112 राइस मिलों में विभिन्न खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदे गए धान को रखा गया है। प्रथम चरण में राइस मिलों में रखे1509 तथा पीआर धान के स्टाक की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार की जानी है।
मोनिका मलिक, डीएफएससी, कैथल।

सरकार के निर्देशानुसार जिले के 112 मिलों में अगले 20 दिनों 15 टीमों द्वारा धान के 1509 एवं पीआर ग्रुप की किस्मों की फिजिकल वेरिफिकेशन मंडियों के रिकॉर्ड के अनुसार की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनसे सरकार को अवगत करवाया जाएगा।

केएम पांडुरंग, डीसी, कैथल।

फिजिकल वेरिफिकेशन करना कोई गलत काम नहीं है। लेकिन केवल विपक्षी दलों के घोटालों के आरोपों पर इस तरह की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। कोई घोटाला नहीं है। यह विपक्षी दलों का प्रोपगेंडा है। व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। हम सभी मिलर्स का दावा है कि इस जांच में कोई गड़बड़ी नहीं निकलेगी। सभी मिलर्स के पास खरीदा गया स्टॉक पूरा है।
अश्विनी शोरेवाला, राइस मिलर।
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