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तबाही के निशान छोड़ गया आंदोलन
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Tue, 23 Feb 2016 11:15 PM IST
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जाट आरक्षण के आंदोलन के दौरान हुआ उपद्रव कैथल में तबाही का मंजर छोड़ गया। करनाल रोड बाईपास पर से जाम खुलने के बाद मंगलवार सुबह जब आसपास के एरिया में प्रतिष्ठानों और दुकानों में हुई तोड़फोड़ सामने आई तो लोगों की आह निकल गई। अकेले कैथल शहर में करीब तीन करोड़ का नुकसान हुआ है। तिनका-तिनका जोड़कर उम्र भर की कमाई से बनाई गईं मिठाई की दुकानों समेत कंप्यूटर, मोबाइल की दुकानों को जिस तरह से नष्ट किया गया है, वह बर्बादी से कम नहीं है। करनाल रोड बाईपास चौक से आगे और जींद रोड बाईपास चौक स्थित प्रतिष्ठानों में उपद्रवियों ने जमकर नंगा नाच किया।
लोगों के आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे थे। मीडिया कर्मी जब इन दुकानों पर पहुंचे तो लोगों का गुस्सा और दर्द फूट पड़ा। उन्हें इस नुकसान से उबरने में जहां लंबा समय लगेगा वहीं उनके दिलों में हुए गहरे जख्म तो शायद ही भर पाएं। करीब तीन दर्जन दुकानों में तोड़फोड़ के अलावा जींद रोड बाईपास स्थित टाटा मोटर्स के शोरूम को पूरी तरह से जला दिया गया है। यहां सर्विस के लिए खड़ी की गई जाट स्कूल की बस को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। इसके अलावा जन्नत होटल, पद्मा सिटी मॉल में नुकसान देखने को मिला।
शहर भर से एकत्रित हुए लोगों की पीड़ा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला व मंत्री नायब सैनी के सामने भी फूटी। जहां जाट नेता वापस जाओ, कैथल एसपी चोर है, गली-गली में शोर है, जैसे नारे लगाकर लोगों ने अपनी भड़ास निकाली। लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि जब गरीब और आम जनता की रोजी-रोटी के साधनों को जलाया जा रहा था, उस समय कैथल एसपी समेत आला प्रशासन के अधिकारी मीटिंगों में कॉफी पी रहे थे।
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सब कुछ प्रशासन की जानकारी में था, तो उन लोगों को रोका क्यों नहीं। फिलहाल कैथल में जीवन पटरी पर लौटने लगा है। रोडवेज की बसों समेत निजी बसों का आवागमन शुरू हो गया है। तितरम मोड़ पर चल रहा जाम भी लोगों ने मंगलवार सुबह खोल दिया।
आश्वासनों का दौर शुरू
अधिकारी व प्रशासन सहित सत्ताधारी दल के नेता अब लकीर पीटना शुरू हो गए हैं। दौरे शुरू हो गए हैं। आश्वासन शुरू हो गए हैं लेकिन क्या उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी जो इस पूरी तबाही के लिए जिम्मेदार हैं। लोगों के मन में यह प्रश्न उठ रहा है।
भारी नुकसान
कैथल में करनाल रोड बाईपास चौक के तीन मार्गों पर स्थित करीब 30 दुकानों में दो से तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोगों के जीवन भर की पूंजी तबाह हो गई। लोग सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
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लोगों के आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे थे। मीडिया कर्मी जब इन दुकानों पर पहुंचे तो लोगों का गुस्सा और दर्द फूट पड़ा। उन्हें इस नुकसान से उबरने में जहां लंबा समय लगेगा वहीं उनके दिलों में हुए गहरे जख्म तो शायद ही भर पाएं। करीब तीन दर्जन दुकानों में तोड़फोड़ के अलावा जींद रोड बाईपास स्थित टाटा मोटर्स के शोरूम को पूरी तरह से जला दिया गया है। यहां सर्विस के लिए खड़ी की गई जाट स्कूल की बस को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। इसके अलावा जन्नत होटल, पद्मा सिटी मॉल में नुकसान देखने को मिला।
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शहर भर से एकत्रित हुए लोगों की पीड़ा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला व मंत्री नायब सैनी के सामने भी फूटी। जहां जाट नेता वापस जाओ, कैथल एसपी चोर है, गली-गली में शोर है, जैसे नारे लगाकर लोगों ने अपनी भड़ास निकाली। लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि जब गरीब और आम जनता की रोजी-रोटी के साधनों को जलाया जा रहा था, उस समय कैथल एसपी समेत आला प्रशासन के अधिकारी मीटिंगों में कॉफी पी रहे थे।
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सब कुछ प्रशासन की जानकारी में था, तो उन लोगों को रोका क्यों नहीं। फिलहाल कैथल में जीवन पटरी पर लौटने लगा है। रोडवेज की बसों समेत निजी बसों का आवागमन शुरू हो गया है। तितरम मोड़ पर चल रहा जाम भी लोगों ने मंगलवार सुबह खोल दिया।
आश्वासनों का दौर शुरू
अधिकारी व प्रशासन सहित सत्ताधारी दल के नेता अब लकीर पीटना शुरू हो गए हैं। दौरे शुरू हो गए हैं। आश्वासन शुरू हो गए हैं लेकिन क्या उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी जो इस पूरी तबाही के लिए जिम्मेदार हैं। लोगों के मन में यह प्रश्न उठ रहा है।
भारी नुकसान
कैथल में करनाल रोड बाईपास चौक के तीन मार्गों पर स्थित करीब 30 दुकानों में दो से तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। लोगों के जीवन भर की पूंजी तबाह हो गई। लोग सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।