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Kaithal News: नए डॉक्टर आने के बाद शुरू होगा नया आईसीयू
Thu, 23 Jan 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 23 Jan 2025 01:30 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में बनाया गया आईसीयू नए डॉक्टरों के आने के बाद शुरू होगा। यहां पर 20 के करीब का स्टाफ चाहिए। इसमें पांच डॉक्टर और तीन एमओ शामिल हैं जबकि अन्य स्टाफ नर्सिंग ऑफिसर और मशीनों को ऑपरेट करने का काम करेगा। स्टाफ की नियुक्ति के लिए सिविल सर्जन की ओर से मुख्यालय में मांग करते हुए एक पत्र भी लिखा गया है।
गौरतलब है कि जिले में सभी सरकारी अस्पतालों में फरवरी महीने में नए डॉक्टरों के आने की उम्मीद है। उधर, नागरिक अस्पताल में 12 बेड का आईसीयू बनकर तैयार हो चुका है। अब लोक निर्माण विभाग कभी भी यह आईसीयू स्वास्थ्य विभाग को सौंप सकता है। आईसीयू के शुरू होने के बाद गंभीर हालत के मरीजों को इलाज मिलेगा।
नहीं जाना होगा रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई ः जिला नागरिक अस्पताल में आईसीयू की सुविधा मिलने के बाद लोगों को अपनी गंभीर बीमारियों का इलाज करवाने के लिए रोहतक या पीजीआई चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जिला मुख्यालय पर ही मरीजों को इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
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दूसरी मंजिल पर बनाए आईसीयू में चार वेंटिलेटर बेड और आठ एचडीयू बेड शामिल किए गए हैं। आईसीयू शुरू होने के बाद यहां चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति 24 घंटे रहेगी। इसके साथ आठ बेड का एक अन्य आईसीयू भी अस्पताल में बनकर तैयार हो चुका है।
जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गए आईसीयू का काम पूरा हो चुका है। अब यहां पर केवल डॉक्टरों की नियुक्ति का इंतजार है। इसलिए सिविल सर्जन ने मुख्यालय को यहां पर जल्द ही डॉक्टर नियुक्त करने की मांग भी की है। फरवरी माह में नए डॉक्टरों की सूची जारी होनी है। उम्मीद है कि इस सूची में आईसीयू के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति होगी। यह नियुक्ति होने के बाद ही आईसीयू शुरू हो पाएगा। - डाॅ. सचिन मांडले, जिला प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।
विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी, नियुक्ति न होने से परेशानी
इस समय नागरिक अस्पताल में विशेष बीमारियों के चिकित्सकों की कमी है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए काफी दिक्कत आती है। अस्पताल में अब स्वीकृत पद 55 हैं, लेकिन कार्यरत मात्र 15 चिकित्सक हैं। बेहोशी का स्थायी चिकित्सक नहीं है। एनएचएम के तहत दो चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। पूरे जिले में सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक है। जिले के 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।
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कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में बनाया गया आईसीयू नए डॉक्टरों के आने के बाद शुरू होगा। यहां पर 20 के करीब का स्टाफ चाहिए। इसमें पांच डॉक्टर और तीन एमओ शामिल हैं जबकि अन्य स्टाफ नर्सिंग ऑफिसर और मशीनों को ऑपरेट करने का काम करेगा। स्टाफ की नियुक्ति के लिए सिविल सर्जन की ओर से मुख्यालय में मांग करते हुए एक पत्र भी लिखा गया है।
गौरतलब है कि जिले में सभी सरकारी अस्पतालों में फरवरी महीने में नए डॉक्टरों के आने की उम्मीद है। उधर, नागरिक अस्पताल में 12 बेड का आईसीयू बनकर तैयार हो चुका है। अब लोक निर्माण विभाग कभी भी यह आईसीयू स्वास्थ्य विभाग को सौंप सकता है। आईसीयू के शुरू होने के बाद गंभीर हालत के मरीजों को इलाज मिलेगा।
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नहीं जाना होगा रोहतक या चंडीगढ़ पीजीआई ः जिला नागरिक अस्पताल में आईसीयू की सुविधा मिलने के बाद लोगों को अपनी गंभीर बीमारियों का इलाज करवाने के लिए रोहतक या पीजीआई चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जिला मुख्यालय पर ही मरीजों को इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
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दूसरी मंजिल पर बनाए आईसीयू में चार वेंटिलेटर बेड और आठ एचडीयू बेड शामिल किए गए हैं। आईसीयू शुरू होने के बाद यहां चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति 24 घंटे रहेगी। इसके साथ आठ बेड का एक अन्य आईसीयू भी अस्पताल में बनकर तैयार हो चुका है।
जिला नागरिक अस्पताल में बनाए गए आईसीयू का काम पूरा हो चुका है। अब यहां पर केवल डॉक्टरों की नियुक्ति का इंतजार है। इसलिए सिविल सर्जन ने मुख्यालय को यहां पर जल्द ही डॉक्टर नियुक्त करने की मांग भी की है। फरवरी माह में नए डॉक्टरों की सूची जारी होनी है। उम्मीद है कि इस सूची में आईसीयू के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति होगी। यह नियुक्ति होने के बाद ही आईसीयू शुरू हो पाएगा। - डाॅ. सचिन मांडले, जिला प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।
विशेषज्ञ डाॅक्टरों की कमी, नियुक्ति न होने से परेशानी
इस समय नागरिक अस्पताल में विशेष बीमारियों के चिकित्सकों की कमी है। विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए काफी दिक्कत आती है। अस्पताल में अब स्वीकृत पद 55 हैं, लेकिन कार्यरत मात्र 15 चिकित्सक हैं। बेहोशी का स्थायी चिकित्सक नहीं है। एनएचएम के तहत दो चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है। पूरे जिले में सिर्फ एक बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक है। जिले के 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।