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31 तक वेरिफिकेशन नहीं तो कटेगा नाम!
करनाल
Updated Tue, 18 Mar 2014 11:41 PM IST
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कैथल। यदि आप राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्राथमिक परिवारों में शामिल हैं, लेकिन 31 मार्च तक आपने अपनी प्रॉपर्टी की वेरिफिकेशन नहीं करवाई तो इस योजना की सूची से आपका नाम कट सकता है।
इसके बाद आप योजना के तहत मिलने वाली भोजन की गारंटी का लाभ नहीं ले पाएंगे। इसके तहत दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से पांच किलो प्रति व्यक्ति के अनुसार गेहूं दिया जाता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने आदेश जारी किए हैं।
योजना में जिले की आधी आबादी
जिले में जनसंख्या करीब 12 लाख से ज्यादा है। इस योजना में जिले के लगभग छह लाख से अधिक लोग पात्र हैं। आर्थिक जनगणना में जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उसी के अनुसार केंद्र सरकार ने पांच एकड़ से कम भूमि मालिकों सहित विभिन्न शर्तें तय करते हुए इसकी पात्रता की घोषणा की थी।
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इसमें बीपीएल, एवाई परिवारों सहित नए जुड़ने वाले चार लाख लोग शामिल हैं। बीपीएल एवं एवाई परिवारों को तो योजना का लाभ दिया जा रहा है। लेकिन जो नए परिवार इस सूची में जुडे़ हैं, उन्हें आर्थिक जनगणना में दी गई जानकारी की वेरिफिकेशन पटवारी, नगर परिषद से करवानी है। पटवारी से तस्दीक करवाने के बाद पात्र लोगों को डिपो से इस योजना के तहत गेहूं दी जा रही है।
पहले 21 मार्च थी अंतिम तिथि
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पहले यह वेरिफिकेशन करवाने की तिथि 21 मार्च निर्धारित की गई थी। विभाग ने अब जिले के अधिकारियों को इस जांच को जल्द से जल्द पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि 31 मार्च तक इसे हर हाल में पूरा किया जा सके।
विभाग के अनुसार यदि 31 मार्च तक सूची में शामिल परिवारों ने वेरिफिकेशन करवाकर डिपो धारक को कागजात जमा नहीं करवाए तो उसका नाम सूची से काटा जा सकता है। डीएफएससी रविंद्र सैनी ने कहा कि विभाग के आदेश हैं कि 21 मार्च तक यह काम पूरा करवा लिया जाए। यदि कोई शेष रहता है तो 31 मार्च तक हर हाल में वेरिफिकेशन करवा ले। यदि कोई इस अवधि में अपनी वेरिफिकेशन नहीं हुआ तो नाम सूची से कट भी सकता है।
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इसके बाद आप योजना के तहत मिलने वाली भोजन की गारंटी का लाभ नहीं ले पाएंगे। इसके तहत दो रुपये प्रति किलो के हिसाब से पांच किलो प्रति व्यक्ति के अनुसार गेहूं दिया जाता है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने आदेश जारी किए हैं।
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योजना में जिले की आधी आबादी
जिले में जनसंख्या करीब 12 लाख से ज्यादा है। इस योजना में जिले के लगभग छह लाख से अधिक लोग पात्र हैं। आर्थिक जनगणना में जो आंकड़े उपलब्ध हैं, उसी के अनुसार केंद्र सरकार ने पांच एकड़ से कम भूमि मालिकों सहित विभिन्न शर्तें तय करते हुए इसकी पात्रता की घोषणा की थी।
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इसमें बीपीएल, एवाई परिवारों सहित नए जुड़ने वाले चार लाख लोग शामिल हैं। बीपीएल एवं एवाई परिवारों को तो योजना का लाभ दिया जा रहा है। लेकिन जो नए परिवार इस सूची में जुडे़ हैं, उन्हें आर्थिक जनगणना में दी गई जानकारी की वेरिफिकेशन पटवारी, नगर परिषद से करवानी है। पटवारी से तस्दीक करवाने के बाद पात्र लोगों को डिपो से इस योजना के तहत गेहूं दी जा रही है।
पहले 21 मार्च थी अंतिम तिथि
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पहले यह वेरिफिकेशन करवाने की तिथि 21 मार्च निर्धारित की गई थी। विभाग ने अब जिले के अधिकारियों को इस जांच को जल्द से जल्द पूरा करवाने के निर्देश दिए हैं, ताकि 31 मार्च तक इसे हर हाल में पूरा किया जा सके।
विभाग के अनुसार यदि 31 मार्च तक सूची में शामिल परिवारों ने वेरिफिकेशन करवाकर डिपो धारक को कागजात जमा नहीं करवाए तो उसका नाम सूची से काटा जा सकता है। डीएफएससी रविंद्र सैनी ने कहा कि विभाग के आदेश हैं कि 21 मार्च तक यह काम पूरा करवा लिया जाए। यदि कोई शेष रहता है तो 31 मार्च तक हर हाल में वेरिफिकेशन करवा ले। यदि कोई इस अवधि में अपनी वेरिफिकेशन नहीं हुआ तो नाम सूची से कट भी सकता है।