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Kaithal News: नवदीप ने उगाया 4.50 किलो का खरबूजा
Sat, 24 May 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 24 May 2025 12:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। खेती को आधुनिक तकनीकों और कड़ी मेहनत से जोड़ते हुए गोबिंदपुरा निवासी नवदीप सिंह ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। नवदीप सिंह ने अपने खेत में 4.50 किलो वजनी खरबूजा पैदा कर सबका ध्यान आकर्षित किया है।
यह खरबूजा न केवल आकार में विशाल है, बल्कि मिठास और गुणवत्ता के लिहाज से भी बेहतरीन माना जा रहा है। नवदीप सिंह लंबे समय से खेतीबाड़ी कर रहे हैं और हर वर्ष लगभग आठ से 10 एकड़ में खरबूजे की खेती करते हैं। इसके अतिरिक्त वे आलू, मटर, खीरा व अन्य सब्जियों की खेती में भी सक्रिय हैं।
उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने अपने खेत में गोल्डन ग्लोरी नामक खरबूजे की किस्म लगाई, जो आकार में बड़ा और स्वाद में बेहतर होता है। नवदीप के अनुसार इस बार उन्होंने विशेष देखभाल और वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग किया, जिससे उनके खेत से 4.50 किलो का यह विशाल खरबूजा प्राप्त हुआ।
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खरबूजे की खेती में खर्च और चुनौतियां ः नवदीप सिंह ने बताया कि खरबूजे की खेती सस्ती नहीं होती। बीज काफी महंगे आते हैं और मल्चिंग जैसी तकनीकों पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये से अधिक का खर्च आता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की सहायता के लिए बीज और मल्चिंग सामग्री पर सब्सिडी प्रदान की जाए ताकि आम किसान भी इस तरह की उन्नत खेती कर सकें।
क्षेत्र में प्रेरणा बन रहे नवदीप ः नवदीप सिंह की यह उपलब्धि न केवल गोबिंदपुरा, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणास्पद है। वे लगातार परंपरागत खेती में नवाचार को शामिल कर रहे हैं और सरकार की ओर से थोड़ी सी सहायता मिलने पर और भी बेहतर प्रदर्शन करने का माद्दा रखते हैं।
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सीवन। खेती को आधुनिक तकनीकों और कड़ी मेहनत से जोड़ते हुए गोबिंदपुरा निवासी नवदीप सिंह ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। नवदीप सिंह ने अपने खेत में 4.50 किलो वजनी खरबूजा पैदा कर सबका ध्यान आकर्षित किया है।
यह खरबूजा न केवल आकार में विशाल है, बल्कि मिठास और गुणवत्ता के लिहाज से भी बेहतरीन माना जा रहा है। नवदीप सिंह लंबे समय से खेतीबाड़ी कर रहे हैं और हर वर्ष लगभग आठ से 10 एकड़ में खरबूजे की खेती करते हैं। इसके अतिरिक्त वे आलू, मटर, खीरा व अन्य सब्जियों की खेती में भी सक्रिय हैं।
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उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने अपने खेत में गोल्डन ग्लोरी नामक खरबूजे की किस्म लगाई, जो आकार में बड़ा और स्वाद में बेहतर होता है। नवदीप के अनुसार इस बार उन्होंने विशेष देखभाल और वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग किया, जिससे उनके खेत से 4.50 किलो का यह विशाल खरबूजा प्राप्त हुआ।
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खरबूजे की खेती में खर्च और चुनौतियां ः नवदीप सिंह ने बताया कि खरबूजे की खेती सस्ती नहीं होती। बीज काफी महंगे आते हैं और मल्चिंग जैसी तकनीकों पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये से अधिक का खर्च आता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की सहायता के लिए बीज और मल्चिंग सामग्री पर सब्सिडी प्रदान की जाए ताकि आम किसान भी इस तरह की उन्नत खेती कर सकें।
क्षेत्र में प्रेरणा बन रहे नवदीप ः नवदीप सिंह की यह उपलब्धि न केवल गोबिंदपुरा, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणास्पद है। वे लगातार परंपरागत खेती में नवाचार को शामिल कर रहे हैं और सरकार की ओर से थोड़ी सी सहायता मिलने पर और भी बेहतर प्रदर्शन करने का माद्दा रखते हैं।