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नरड़ के समीरपाल ने पास की आईएएस परीक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला/ कैथ्ाल
Updated Sun, 15 Jun 2014 11:59 PM IST
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इंडियन सिविल सर्विसिज में गांव नरड़ के समीरपाल भोला ने 1053वां रैंक हासिल किया है। रविवार को गांव नरड़ पहुंचने पर समीरपाल का लोगों ने स्वागत किया और सिर आंखों पर बैठा लिया। समीरपाल का परिवार कुरुक्षेत्र में रहता है। समीर ने यह सफलता हासिल कर पिता के सपने को पूरा किया। समीरपाल ने कहा कि वह देश में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए नीतियां बनाना चाहता है। समीर ने बताया कि उसके पिता सत्यपाल भोला यमूनानगर में विजय बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक हैं। उनका परिवार कई साल से कुरुक्षेत्र में रहता है।
तीन भाईयों में वह सबसे बड़ा है। उसने अपनी स्कूली शिक्षा पानीपत से पूरी की। इसके बाद वह परिवार के साथ कुरुक्षेत्र आ गया। जहां बारहवीं तक की परीक्षा पास करने के बाद उसने एनआईटी में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन कोर्स किया। इसके बाद उसने टाटा कन्सल्टेंसी में आईटी अनॉलिस्ट की जॉब की। इसी बीच उसने आईएएस परीक्षा के लिए भी अपनी तैयारी जारी रखी। समीनपाल ने बताया कि उसने पहले एक बार आईएएस की परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो पाया। इसके बाद दूसरे प्रयास में सफलता हाथ लगी।
समीरपाल ने बताया कि प्रतिदिन 5-6 घंटे तैयारी करता था। समीर के दो छोटे भाई इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। समीर के साथ गांव में आए उसके पिता सत्यपाल, मां कैलाश देवी एवं उसके भाई भी साथ थे। सभी ने समीर की सफलता का जशभन मनाया। उसके पिता ने बताया कि बेटे ने उनका सपना पूरा कर दिया है।
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तीन भाईयों में वह सबसे बड़ा है। उसने अपनी स्कूली शिक्षा पानीपत से पूरी की। इसके बाद वह परिवार के साथ कुरुक्षेत्र आ गया। जहां बारहवीं तक की परीक्षा पास करने के बाद उसने एनआईटी में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन कोर्स किया। इसके बाद उसने टाटा कन्सल्टेंसी में आईटी अनॉलिस्ट की जॉब की। इसी बीच उसने आईएएस परीक्षा के लिए भी अपनी तैयारी जारी रखी। समीनपाल ने बताया कि उसने पहले एक बार आईएएस की परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो पाया। इसके बाद दूसरे प्रयास में सफलता हाथ लगी।
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समीरपाल ने बताया कि प्रतिदिन 5-6 घंटे तैयारी करता था। समीर के दो छोटे भाई इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। समीर के साथ गांव में आए उसके पिता सत्यपाल, मां कैलाश देवी एवं उसके भाई भी साथ थे। सभी ने समीर की सफलता का जशभन मनाया। उसके पिता ने बताया कि बेटे ने उनका सपना पूरा कर दिया है।
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