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Kaithal News: रजिस्ट्री के बाद खुद ही दर्ज होगा इंतकाल
Wed, 24 Jun 2026 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 24 Jun 2026 12:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ से ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब भूमि की रजिस्ट्री होने के बाद इंतकाल स्वत: दर्ज हो जाएगा। इससे नागरिकों को पटवार भवन जाने की आवश्यकता नहीं होगी और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को इन सुविधाओं को तय समय में लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा इन दोनों सुविधाओं का शुभारंभ करने के बाद कैथल की डीसी अपराजिता ने जिला राजस्व विभाग के अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से राजस्व विभाग की कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी। नागरिकों को अधिक बेहतर, सरल और त्वरित सेवाएं मिलेंगी।
डीसी ने सभी अधिकारियों को निर्धारित एसओपी का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि नई व्यवस्था को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन भी मौजूद थे।
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इंतकाल प्रक्रिया में सरलता
अब मकान, प्लॉट, जमीन या दुकान की रजिस्ट्री होते ही इंतकाल स्वत: ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इंतकाल दर्ज करने में मानवीय हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नागरिक अपने इंतकाल का स्टेटस ऑनलाइन देख सकेंगे। वे इंतकाल की प्रति ऑनलाइन डाउनलोड और प्रिंट भी कर पाएंगे।
पहले लोगों को भूमि की रजिस्ट्री कराने के बाद इंतकाल दर्ज करवाने के लिए अलग से पटवार भवन जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय की बर्बादी होती थी और अनावश्यक परेशानियां झेलनी पड़ती थीं।
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के नए प्रावधान
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है। इसमें आवेदन के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकेंगे। सुरक्षा मजबूत करने के लिए प्रत्येक आवेदन में आधार आधारित यूआईडी सत्यापन अनिवार्य किया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी न हो।
प्रतिनिधियों की नियुक्ति और सुरक्षा
यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई रजिस्ट्री प्रक्रिया में स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता है, तो अब वे एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी जो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं।
आधार आधारित सत्यापन से प्रक्रिया की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ती है। यह नई सुविधा पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाती है। इससे दूर बैठे लोगों के लिए भी संपत्ति पंजीकरण आसान होगा।
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कैथल। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ से ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 का शुभारंभ किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब भूमि की रजिस्ट्री होने के बाद इंतकाल स्वत: दर्ज हो जाएगा। इससे नागरिकों को पटवार भवन जाने की आवश्यकता नहीं होगी और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को इन सुविधाओं को तय समय में लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा इन दोनों सुविधाओं का शुभारंभ करने के बाद कैथल की डीसी अपराजिता ने जिला राजस्व विभाग के अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से राजस्व विभाग की कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि होगी। नागरिकों को अधिक बेहतर, सरल और त्वरित सेवाएं मिलेंगी।
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डीसी ने सभी अधिकारियों को निर्धारित एसओपी का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि नई व्यवस्था को पूरी गंभीरता से लागू किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन भी मौजूद थे।
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इंतकाल प्रक्रिया में सरलता
अब मकान, प्लॉट, जमीन या दुकान की रजिस्ट्री होते ही इंतकाल स्वत: ऑनलाइन दर्ज हो जाएगा। इसके लिए अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। इंतकाल दर्ज करने में मानवीय हस्तक्षेप को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नागरिक अपने इंतकाल का स्टेटस ऑनलाइन देख सकेंगे। वे इंतकाल की प्रति ऑनलाइन डाउनलोड और प्रिंट भी कर पाएंगे।
पहले लोगों को भूमि की रजिस्ट्री कराने के बाद इंतकाल दर्ज करवाने के लिए अलग से पटवार भवन जाना पड़ता था। इस प्रक्रिया में समय की बर्बादी होती थी और अनावश्यक परेशानियां झेलनी पड़ती थीं।
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के नए प्रावधान
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है। इसमें आवेदन के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। नागरिक स्वयं, डीड राइटर, अधिवक्ता या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकेंगे। सुरक्षा मजबूत करने के लिए प्रत्येक आवेदन में आधार आधारित यूआईडी सत्यापन अनिवार्य किया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी न हो।
प्रतिनिधियों की नियुक्ति और सुरक्षा
यदि कोई व्यक्ति, कंपनी, संस्था या एनआरआई रजिस्ट्री प्रक्रिया में स्वयं उपस्थित नहीं हो सकता है, तो अब वे एक से अधिक व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि नियुक्त कर सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी जो व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं।
आधार आधारित सत्यापन से प्रक्रिया की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ती है। यह नई सुविधा पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाती है। इससे दूर बैठे लोगों के लिए भी संपत्ति पंजीकरण आसान होगा।