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Kaithal News: तनाव से मुक्ति के लिए संगीत और खेल जरूरी ः डाॅ. चौधरी
Wed, 12 Mar 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 12 Mar 2025 12:49 AM IST
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। कृषि महाविद्यालय कौल में तनाव प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्राचार्य डा. ओपी चौधरी ने कहा कि तनाव से मुक्ति के लिए संगीत और खेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से हम अपने तनाव पर अंकुश लगा सकते हैं।
कार्यक्रम के समन्वयक डाॅ. एसआर वर्मा एवं डाॅ. आरएस गढ़वाल ने बताया कि यह कार्यशाला कृषि महाविद्यालय एवं भारत सरकार के उपक्रम विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेडी की ओर से संयुक्त रूप से किया गया।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में डाॅ. सत्यकाम मलिक ने तनाव तथा उसके प्रभाव एवं प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। दूसरे सत्र में डा. जसविंदर कौल ने तनाव को दूर करने के उपायों पर चर्चा की। तीसरे सत्र में क्षेत्रीय निदेशक डा. संजय कुमार ने प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) के माध्यम से तनाव मुक्त जीवन जीने की विधियों पर प्रकाश डाला।
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समापन सत्र में प्राचार्य डा. ओपी चौधरी ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में तनाव प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को अनुशासित और संगठित रहने की सलाह दी, ताकि वे अपने दैनिक कार्यों को समय पर पूरा कर सकें और अनावश्यक तनाव से बचा जा सके। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
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ढांड। कृषि महाविद्यालय कौल में तनाव प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें प्राचार्य डा. ओपी चौधरी ने कहा कि तनाव से मुक्ति के लिए संगीत और खेल जरूरी है। उन्होंने कहा कि इनके माध्यम से हम अपने तनाव पर अंकुश लगा सकते हैं।
कार्यक्रम के समन्वयक डाॅ. एसआर वर्मा एवं डाॅ. आरएस गढ़वाल ने बताया कि यह कार्यशाला कृषि महाविद्यालय एवं भारत सरकार के उपक्रम विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेडी की ओर से संयुक्त रूप से किया गया।
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कार्यशाला के प्रथम सत्र में डाॅ. सत्यकाम मलिक ने तनाव तथा उसके प्रभाव एवं प्रबंधन पर विस्तार से जानकारी दी। दूसरे सत्र में डा. जसविंदर कौल ने तनाव को दूर करने के उपायों पर चर्चा की। तीसरे सत्र में क्षेत्रीय निदेशक डा. संजय कुमार ने प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) के माध्यम से तनाव मुक्त जीवन जीने की विधियों पर प्रकाश डाला।
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समापन सत्र में प्राचार्य डा. ओपी चौधरी ने कहा कि आज की व्यस्त जीवनशैली में तनाव प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को अनुशासित और संगठित रहने की सलाह दी, ताकि वे अपने दैनिक कार्यों को समय पर पूरा कर सकें और अनावश्यक तनाव से बचा जा सके। प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।