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Kaithal News: हत्यारोपी को संदेह का मिला लाभ, किया बरी
Sun, 07 Dec 2025 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 07 Dec 2025 12:25 AM IST
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कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहित अग्रवाल की अदालत ने हत्या के एक मामले में आरोपी मोनी उर्फ मोहन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। यह मामला 22 नवंबर 2019 को गांव ग्योंग निवासी सोमदत्त की शिकायत पर थाना सदर में दर्ज किया गया था।
शिकायत के अनुसार सोमदत्त के पिता महाबीर दोपहर के समय पड़ोसी मोनी के घर पर बैठे थे। अपराह्न 3:30 बजे जब सोमदत्त, अमित और राजेश वहां पहुंचे तो उन्होंने मोनी को महाबीर से झगड़ा करते देखा। आरोप के मुताबिक, गुस्से में मोनी ने ईंट और बाद में डंडे से महाबीर के सिर, माथे और शरीर पर कई वार किए और मौके से फरार हो गया। महाबीर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था तभी रास्ते में उसकी हालत बिगड़ गई।
कैथल के नागरिक अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस ने मोनी को गिरफ्तार कर चालान अदालत में पेश किया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने अपने 44 पन्नों के फैसले में कहा कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ आरोप संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। मामले में कुल 14 गवाह पेश किए गए। अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया। संवाद
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शिकायत के अनुसार सोमदत्त के पिता महाबीर दोपहर के समय पड़ोसी मोनी के घर पर बैठे थे। अपराह्न 3:30 बजे जब सोमदत्त, अमित और राजेश वहां पहुंचे तो उन्होंने मोनी को महाबीर से झगड़ा करते देखा। आरोप के मुताबिक, गुस्से में मोनी ने ईंट और बाद में डंडे से महाबीर के सिर, माथे और शरीर पर कई वार किए और मौके से फरार हो गया। महाबीर को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था तभी रास्ते में उसकी हालत बिगड़ गई।
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कैथल के नागरिक अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस ने मोनी को गिरफ्तार कर चालान अदालत में पेश किया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने अपने 44 पन्नों के फैसले में कहा कि अभियोजन आरोपी के खिलाफ आरोप संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। मामले में कुल 14 गवाह पेश किए गए। अदालत ने आरोपी को बरी कर दिया। संवाद
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