{"_id":"68b601f1cfbb5adacb036176","slug":"moving-towards-agricultural-entrepreneurship-is-better-than-job-garhwal-kaithal-news-c-245-1-kht1007-137183-2025-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी से बेहतर है कृषि उद्यमिता की ओर बढ़ना : गढ़वाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकरी से बेहतर है कृषि उद्यमिता की ओर बढ़ना : गढ़वाल
Tue, 02 Sep 2025 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 02 Sep 2025 01:58 AM IST
विज्ञापन
41 ढांड। कौल में प्रशिक्षण शिविर उपरांत मुख्य अतिथि के साथ छात्र-छात्राएं। संस्थान
संवाद न्यूज़ एजेंसी
ढांड। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि महाविद्यालय, कौल में 10 दिवसीय व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य एवं पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. ओपी चौधरी मुख्य अतिथि रहे, जबकि छात्र कल्याण के सहायक निदेशक डॉ. आर. एस. गढ़वाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. वर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा प्रायोजित एवं वित्त पोषित किया गया। छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. गढ़वाल ने कहा कि कृषि स्नातकों को केवल सरकारी नौकरियों की सोच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कृषि उद्यमिता की दिशा में स्वयं को तैयार करना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले गांव अपनी लगभग सभी आवश्यक वस्तुएं स्वयं तैयार करते थे। केवल कुछ गैर-कृषि वस्तुओं के लिए ही ग्रामीणों को बाहर जाना पड़ता था। आज फिर इस ग्रामीण मॉडल को उद्यमिता के रूप में अपनाने की आवश्यकता है। यदि गांवों में छोटे-छोटे कृषि आधारित उद्योग स्थापित किए जाएं, तो स्थानीय स्तर पर ही रोजगार की असीम संभावनाएं उत्पन्न होंगी।
विज्ञापन
डॉ. गढ़वाल ने यह भी कहा कि सरकार स्टार्टअप और ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका समय रहते लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने व्यक्तित्व विकास को व्यक्तिगत उन्नति का अनिवार्य अंग बताते हुए कहा कि यह जीवन कौशलों को निखारता है।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में 15 से अधिक सत्र आयोजित हुए, जिनमें विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। इस शिविर से विद्यार्थियों को व्यक्तित्व, संचार कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने की प्रेरणा मिली।
विज्ञापन
ढांड। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि महाविद्यालय, कौल में 10 दिवसीय व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य एवं पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. ओपी चौधरी मुख्य अतिथि रहे, जबकि छात्र कल्याण के सहायक निदेशक डॉ. आर. एस. गढ़वाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. वर्मा ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा प्रायोजित एवं वित्त पोषित किया गया। छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. गढ़वाल ने कहा कि कृषि स्नातकों को केवल सरकारी नौकरियों की सोच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कृषि उद्यमिता की दिशा में स्वयं को तैयार करना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले गांव अपनी लगभग सभी आवश्यक वस्तुएं स्वयं तैयार करते थे। केवल कुछ गैर-कृषि वस्तुओं के लिए ही ग्रामीणों को बाहर जाना पड़ता था। आज फिर इस ग्रामीण मॉडल को उद्यमिता के रूप में अपनाने की आवश्यकता है। यदि गांवों में छोटे-छोटे कृषि आधारित उद्योग स्थापित किए जाएं, तो स्थानीय स्तर पर ही रोजगार की असीम संभावनाएं उत्पन्न होंगी।
विज्ञापन
डॉ. गढ़वाल ने यह भी कहा कि सरकार स्टार्टअप और ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए अनेक योजनाएं चला रही है, जिनका समय रहते लाभ उठाना चाहिए।
उन्होंने व्यक्तित्व विकास को व्यक्तिगत उन्नति का अनिवार्य अंग बताते हुए कहा कि यह जीवन कौशलों को निखारता है।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर में 15 से अधिक सत्र आयोजित हुए, जिनमें विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन किया। इस शिविर से विद्यार्थियों को व्यक्तित्व, संचार कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने की प्रेरणा मिली।