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Kaithal News: मदर एंड चाइल्ड अस्पताल तैयार, स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
Fri, 19 Jun 2026 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 19 Jun 2026 02:44 AM IST
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स्वीटी सांगवानपानीपत। पानीपत में करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सात मंजिला मदर एंड चाइल्ड अस्पताल (एमसीएच) भवन बनकर तैयार हो गया है। प्रदेश में पंचकूला के बाद यह दूसरा बड़ा मदर एंड चाइल्ड अस्पताल होगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) भवन को स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के लिए तैयार है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी कुछ कमियां बताते हुए इसे लेने से पहले विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल भवन के निरीक्षण के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी सात मंजिला भवन के प्रत्येक तल का बारीकी से निरीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने और सभी कमियों के दूर होने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग भवन का अधिग्रहण करेगा। विभाग पूरी बिल्डिंग एक साथ लेने के बजाय चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक मंजिल को अपने कब्जे में लेगा।
जच्चा-बच्चा को मिलेंगी सभी सुविधाएं : एमसीएच विंग शुरू होने के बाद गर्भवती महिलाओं और बच्चों को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। महिलाओं को ओपीडी, प्रसूति सेवाएं, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सा सुविधाएं इसी भवन में मिल सकेंगी।
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वहीं बच्चों के लिए ओपीडी, जांच, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) जैसी सुविधाएं भी इसी परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को
अलग-अलग भवनों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुविधाजनक व प्रभावी बन सकेंगी। संवाद
गुणवत्ता-सुविधाओं की जांच के लिए कमेटी गठित
जिला नागरिक अस्पताल परिसर में बनाए गए मदर एंड चाइल्ड अस्पताल का प्रोजेक्ट लगभग 63.37 करोड़ रुपये का है। इस अत्याधुनिक विंग का उद्घाटन अब तक तीन बार टल चुका है। पहले इसका उद्घाटन 31 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित था। इसके बाद फरवरी और फिर मई में भी उद्घाटन की योजना बनी, लेकिन विभिन्न कारणों से कार्यक्रम स्थगित होता रहा। उद्घाटन में देरी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भवन की गुणवत्ता और सुविधाओं की जांच के लिए कमेटी गठित की है। इसमें डिप्टी एमएस डॉ. अमित पौरिया और एक सुपरवाइजर को शामिल किया गया है। कमेटी ने प्रारंभिक निरीक्षण में भवन में साफ-सफाई की कमी पाई हैै। रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर प्रत्येक मंजिल की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के बाद ही उसे स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं। कमेटी भवन में हुए निर्माण कार्य और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी जांच कर रही है।
विभाग ने जांच के लिए कमेटी बनाई है। यह विंग की बारीकी से जांच करेगी। प्रत्येक तल को बारीकी से देखेगी। फिलहाल विंग में साफ-सफाई की कमी मिली है। इसमें किसी प्रकार की और कमी मिली तो उसे भी पूरा कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल भवन के निरीक्षण के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी सात मंजिला भवन के प्रत्येक तल का बारीकी से निरीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने और सभी कमियों के दूर होने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग भवन का अधिग्रहण करेगा। विभाग पूरी बिल्डिंग एक साथ लेने के बजाय चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक मंजिल को अपने कब्जे में लेगा।
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जच्चा-बच्चा को मिलेंगी सभी सुविधाएं : एमसीएच विंग शुरू होने के बाद गर्भवती महिलाओं और बच्चों को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। महिलाओं को ओपीडी, प्रसूति सेवाएं, ऑपरेशन और अन्य चिकित्सा सुविधाएं इसी भवन में मिल सकेंगी।
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वहीं बच्चों के लिए ओपीडी, जांच, पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) और विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) जैसी सुविधाएं भी इसी परिसर में उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों को
अलग-अलग भवनों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुविधाजनक व प्रभावी बन सकेंगी। संवाद
गुणवत्ता-सुविधाओं की जांच के लिए कमेटी गठित
जिला नागरिक अस्पताल परिसर में बनाए गए मदर एंड चाइल्ड अस्पताल का प्रोजेक्ट लगभग 63.37 करोड़ रुपये का है। इस अत्याधुनिक विंग का उद्घाटन अब तक तीन बार टल चुका है। पहले इसका उद्घाटन 31 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित था। इसके बाद फरवरी और फिर मई में भी उद्घाटन की योजना बनी, लेकिन विभिन्न कारणों से कार्यक्रम स्थगित होता रहा। उद्घाटन में देरी के बीच स्वास्थ्य विभाग ने भवन की गुणवत्ता और सुविधाओं की जांच के लिए कमेटी गठित की है। इसमें डिप्टी एमएस डॉ. अमित पौरिया और एक सुपरवाइजर को शामिल किया गया है। कमेटी ने प्रारंभिक निरीक्षण में भवन में साफ-सफाई की कमी पाई हैै। रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर प्रत्येक मंजिल की समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के बाद ही उसे स्वास्थ्य विभाग को सौंपने के निर्देश दिए हैं। कमेटी भवन में हुए निर्माण कार्य और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की भी जांच कर रही है।
विभाग ने जांच के लिए कमेटी बनाई है। यह विंग की बारीकी से जांच करेगी। प्रत्येक तल को बारीकी से देखेगी। फिलहाल विंग में साफ-सफाई की कमी मिली है। इसमें किसी प्रकार की और कमी मिली तो उसे भी पूरा कराने के लिए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। -डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।