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सायरन बजते ही दौड़े बच्चे, बचाव कार्यों में जुटी टीम
कैथल
Updated Tue, 20 May 2014 11:40 PM IST
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सीवन। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीवन में मंगलवार को भूकंप आने की सूचना के बाद अचानक आपातकालीन सायरन बज उठा। बच्चे सायरन बजते ही अपने बैग सिर पर लेकर बाहर की ओर भाग खड़े हुए। इसी बीच सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई।
बाद में स्कूल की आपदा प्रबंधन टीम ने आग पर काबू पाया। यह घटना पूरा दिन सीवन में चर्चा का विषय बनी रही। दरअसल, आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा तथा हरियाणा प्रशासनिक संस्थान गुड़गांव के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीवन के परिसर में किसी भी आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
भूकंप की चेतावनी का सायरन बजते ही स्कूल में चारों तरफ अफरातफरी का माहौल बन गया। मॉक ड्रिल में विद्यार्थियों, शिक्षण स्टाफ सहित अन्य कर्मचारियों ने आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण में दी गई हिदायतों का पालन किया। अगिभनशमन तथा पुलिस के जवानों द्वारा तत्परता से कार्रवाई की गई। इस दौरान प्रिंसिपल द्वारा दी गई सूचना के बाद फायर ब्रिगेड के सायरन से स्कूल परिसर गूंज उठा। मॉक ड्रिल में बच्चों, अध्यापकों तथा आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की बचाव के लिए की जा रही कोशिशें वास्तव में इसे पूरी तरह से वास्तविक बना रही थीं।
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परिदृश्य को वास्तविक बनाने का प्रयास
विद्यालय परिसर के बाहर लोगों को ऐसा लगा जैसे वास्तव में कोई भूकंप आया हो। सच्चाई का पता लगने के बाद इन लोगों ने भी मॉक ड्रिल को उत्साह पूर्वक देखा। मॉक ड्रिल का उद्देश्य बच्चों को भूकंप, बाढ़, आग तथा तूफान की स्थिति में खुद और दूसरों की मदद कैसे की जाए, यह बताना था।
इसी बीच कुछ बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल में आने की कोशिश की और उन्हें जब रोका गया तो वह अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए लोगों से गुहार करते भी दिखाई दिए। एक तरफ भूकंप की स्थिति थी तो दूसरी तरफ फायर बिग्रेड बिल्डिंग में लगी आग बुझाने के लिए प्रयासरत थी। इस मॉक ड्रिल को असलियत का जामा पहनाने के लिए बच्चों को स्ट्रेचर पर डालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल की तरफ रवाना होते दिखाया जाना भी पूरे नाट्यक्रम को वास्तविक बना रहा था।
आज क्योड़क स्कूल में होगी ड्रिल
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ प्रवीन कुमार ने बताया कि इस मॉक ड्रील का उद्देश्य किसी भी विपरीत स्थिति में संयम बनाए रखते हुए उस पर काबू पाने के लिए किए जाने वाले प्रयास को अमलीजामा पहनाना था। इसी कड़ी में 21 मई को क्योड़क स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 22 मई को टयोंठा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तथा 23 मई को कैथल के जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।
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बाद में स्कूल की आपदा प्रबंधन टीम ने आग पर काबू पाया। यह घटना पूरा दिन सीवन में चर्चा का विषय बनी रही। दरअसल, आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा तथा हरियाणा प्रशासनिक संस्थान गुड़गांव के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीवन के परिसर में किसी भी आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
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भूकंप की चेतावनी का सायरन बजते ही स्कूल में चारों तरफ अफरातफरी का माहौल बन गया। मॉक ड्रिल में विद्यार्थियों, शिक्षण स्टाफ सहित अन्य कर्मचारियों ने आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण में दी गई हिदायतों का पालन किया। अगिभनशमन तथा पुलिस के जवानों द्वारा तत्परता से कार्रवाई की गई। इस दौरान प्रिंसिपल द्वारा दी गई सूचना के बाद फायर ब्रिगेड के सायरन से स्कूल परिसर गूंज उठा। मॉक ड्रिल में बच्चों, अध्यापकों तथा आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की बचाव के लिए की जा रही कोशिशें वास्तव में इसे पूरी तरह से वास्तविक बना रही थीं।
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परिदृश्य को वास्तविक बनाने का प्रयास
विद्यालय परिसर के बाहर लोगों को ऐसा लगा जैसे वास्तव में कोई भूकंप आया हो। सच्चाई का पता लगने के बाद इन लोगों ने भी मॉक ड्रिल को उत्साह पूर्वक देखा। मॉक ड्रिल का उद्देश्य बच्चों को भूकंप, बाढ़, आग तथा तूफान की स्थिति में खुद और दूसरों की मदद कैसे की जाए, यह बताना था।
इसी बीच कुछ बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल में आने की कोशिश की और उन्हें जब रोका गया तो वह अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए लोगों से गुहार करते भी दिखाई दिए। एक तरफ भूकंप की स्थिति थी तो दूसरी तरफ फायर बिग्रेड बिल्डिंग में लगी आग बुझाने के लिए प्रयासरत थी। इस मॉक ड्रिल को असलियत का जामा पहनाने के लिए बच्चों को स्ट्रेचर पर डालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल की तरफ रवाना होते दिखाया जाना भी पूरे नाट्यक्रम को वास्तविक बना रहा था।
आज क्योड़क स्कूल में होगी ड्रिल
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ प्रवीन कुमार ने बताया कि इस मॉक ड्रील का उद्देश्य किसी भी विपरीत स्थिति में संयम बनाए रखते हुए उस पर काबू पाने के लिए किए जाने वाले प्रयास को अमलीजामा पहनाना था। इसी कड़ी में 21 मई को क्योड़क स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 22 मई को टयोंठा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तथा 23 मई को कैथल के जाखौली अड्डा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।