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Kaithal News: डी-प्लान की ग्रांट लैप्स होने से विधायक खफा
Sun, 09 Apr 2023 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 09 Apr 2023 12:24 AM IST
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कैथल। डी-प्लान के तहत विकास कार्यों के लिए आए सात करोड़ रुपये लैप्स होने के लिए विधायक लीला राम ने अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ने अफसरों को कार्रवाई तक की चेतावनी दी है। साथ ही मुख्यमंत्री से इस बारे में बात कर कार्रवाई की सिफारिश करने की बात कही है।
विधायक ने कहा कि उन्हें पता चला है कि जिले में विकास कार्यों के लिए आई सात करोड़ रुपये की राशि लैप्स हो गई है। वे स्वयं या फिर दूसरे विधायक विकास कार्यों के लिए लगातार अधिकारियों को कहते रहे हैं। अब पता चला है कि सात करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों पर खर्च ही नहीं की गई। यह लापरवाही का नतीजा है।
विधायक ने यहां तक कहा कि इसमें कहीं न कहीं भ्रष्टाचार एक बड़ा कारण हो सकता है। अधिकारी जानबूझकर लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं करते। सवाल उठता है कि जब लोग विकास कार्यों के लिए इंतजार में हैं तो इतनी बड़ी राशि कैसे लैप्स हो सकती है? सरकार की भी मंशा के विपरीत जिले के अधिकारियों की लापरवाही से जनता का पैसा वापस चला है। विधायक ने कहा कि वे मुख्यमंत्री मनोहरलाल से मिलकर के इन सभी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश करेंगे। इस लापरवाही की जांच करवाकर दोषी पाए गए अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंंने कहा कि पिछले कई महीनों से सभी अधिकारियों को डी प्लान के कार्यों के लिए सूची बनाकर दी थी। ताकि उचित समय पर काम करवा करके और इनके बिल पास करवाए जा सकें, लेकिन जिले के आला अधिकारियों ने इन सब बातों को अनदेखा किया और जनता को परेशान करने का बड़ा कारण बने हैं।
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विधायक ने कहा कि उन्हें पता चला है कि जिले में विकास कार्यों के लिए आई सात करोड़ रुपये की राशि लैप्स हो गई है। वे स्वयं या फिर दूसरे विधायक विकास कार्यों के लिए लगातार अधिकारियों को कहते रहे हैं। अब पता चला है कि सात करोड़ रुपये की राशि विकास कार्यों पर खर्च ही नहीं की गई। यह लापरवाही का नतीजा है।
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विधायक ने यहां तक कहा कि इसमें कहीं न कहीं भ्रष्टाचार एक बड़ा कारण हो सकता है। अधिकारी जानबूझकर लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं करते। सवाल उठता है कि जब लोग विकास कार्यों के लिए इंतजार में हैं तो इतनी बड़ी राशि कैसे लैप्स हो सकती है? सरकार की भी मंशा के विपरीत जिले के अधिकारियों की लापरवाही से जनता का पैसा वापस चला है। विधायक ने कहा कि वे मुख्यमंत्री मनोहरलाल से मिलकर के इन सभी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश करेंगे। इस लापरवाही की जांच करवाकर दोषी पाए गए अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंंने कहा कि पिछले कई महीनों से सभी अधिकारियों को डी प्लान के कार्यों के लिए सूची बनाकर दी थी। ताकि उचित समय पर काम करवा करके और इनके बिल पास करवाए जा सकें, लेकिन जिले के आला अधिकारियों ने इन सब बातों को अनदेखा किया और जनता को परेशान करने का बड़ा कारण बने हैं।