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यहां तो निवारण की बजाए बढ़ जाते हैं कष्ट
ब्यूरो कैथल
Updated Tue, 12 Jul 2016 12:16 AM IST
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कष्ट निवारण समिति की हुई बैठक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक कष्टों के निवारण की बजाए कष्ट बढ़ाने वाली समिति बनकर रह गई है। यह हम नहीं कह रहे। सोमवार को लघु सचिवालय में मुख्य संसदीय सचिव की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक को देखकर तो यही लगता है। जहां सचिव आए तो थे शिकायत सुनने और उनके निवारण के लिए लेकिन किसी भी मामले में उनकी चुप्पी नहीं टूटी। डीसी ने ही अधिकतर शिकायतें सुनीं और आवश्यक निर्देश जारी किए। समिति की बैठक में रखी गई कुल नई और पुरानी 18 शिकायतों में से 10 को लंबित रखने के निर्देश जारी किए गए। जिससे शिकायतकर्ताओं के कष्ट कम होने की बजाए, इंतजार लंबा हो जाने से, और बढ़ गए। पुरानी शिकायतें भी इस बैठक में पूरी नहीं निपट सकीं।
सोमवार को मुख्य संसदीय सचिव सरदार बख्शीश सिंह विर्क जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। एजेंडे में शामिल 18 शिकायतों के अलावा भारी संख्या में लोग खुली शिकायतों के लिए इस बैठक में पहुंचे थे। वहीं जिले भर के आला अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। लेकिन लोगों की कोई खास सुनवाई होती नजर नहीं आई। सभी 18 में से 12 शिकायतें नई थी। इनमें से 8 को लंबित रखा गया। जबकि 6 शिकायतें पुरानी थीं। जिनमें से 2 को लंबित रखा गया।
मामले जिनका नहीं हुआ समाधान
साहब मेरी बेटी मरी है, शिक्षा विभाग स्कूल संचालक को बचाने में जुटा है
गांव बंदराना निवासी गुरुदत्त शर्मा की शिकायत थी कि स्कूल संचालकों की लापरवाही के चलते उसकी साढ़े चार साल की मासूम बेटी सड़क हादसे में मारी गई। स्कूल संचालक गांव पाड़ला में महज तीसरी कक्षा तक के स्कूल की मान्यता लेकर 10वीं तक स्कूल चला रहा है। जबकि कैथल के अखिल भारतीय स्कूल के नाम रजिस्टर्ड वैन में सवार उसकी बेटी मौत का शिकार हुई थी। इन स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की बजाए, उसे चक्कर कटवाए जा रहे हैं। अभी विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि इस स्कूल संचालक को हाईकोर्ट से स्टे मिला हुआ है। यदि स्टे मिला है तो उसकी प्रति दिखाई जाए। डीसी ने भी स्टे की प्रति मांगी तो अधिकारी कुछ जवाब नहीं दे पाए। इस मामले को भी लंबित रख दिया।
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ड्रेन की रिपोर्ट ही नहीं मिली
पुरानी शिकायतों में गांव दुसैन के सरपंच मनबीर सिंह ने दुसैन से टयोंठा तक की ड्रेन की सफाई की मांग की थी। लेकिन सिंचाई विभाग ने इस बारे में कोई रिपोर्ट ही नहीं दी। जिस कारण इसे लंबित रख लिया गया।
वक्फ बोर्ड से भी नहीं मिली रिपोर्ट
गांव फ्रांसवाला निवासी विश्वबंधू की शिकायत थी कि उसने एक प्लाट पट्टी डोगर में लिया था। जिसकी अलाटमेंट के लिए वह वक्फ बोर्ड में चक्कर काट रहा है। इस बारे में भी वक्फ बोर्ड से रिपोर्ट हासिल नहीं हो पाई।
प्रसव में लापरवाही की शिकायत का मामला भी नहीं निपटा
गांव रसीना निवासी मोहित ने शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। लेकिन इलाज न मिलने के कारण उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई थी। बाद में उसकी पत्नी की भी मौत हो गई थी। इस मामले में जांच के लिए नियुक्त की गई शुगर मिल की एमडी ने अतिरिक्त समय देने की अपील की। जिसपर इसे लंबित रख लिया गया।
जमीन से संबंधित विवाद में नहीं हुई सुनवाई
गांव सौंगरी निवासी सुखदेव की शिकायत थी कि उसके पट्टी गादड़ में लिए गए प्लाट पर कुछ लोगों ने कब्जा करने का प्रयास किया है। साथ ही उसे धमकी दे रहे हैं। इस मामले में तहसीलदार ने रिकॉर्ड न मिलने पर अतिरिक्त समय देने की अपील की तो उन्हें समय दे दिया गया।
5 साल से नहीं पास हुए दुकानों के नक्शे, शिकायत भी लंबित
बैठक में एक अधिवक्ता ने नगर पालिका कैथल की शिकायत दी कि 5 साल से उसकी दुकानों के नक्शे पास नहीं हुए। जिस कारण उसे परेशानी हो रही है। इस मामले में जांच अधिकारी नगर परिषद ईओ ने समय की मांग की तो उन्हें समय दे दिया गया। शिकायतकर्ता की शिकायत फिर से लंबित रह गई।
इसके अलावा भाट कालोनी ढांड निवासी आशा रानी के घर से चोरी हुए एक लाख रुपये का मामला भी लंबित रख दिया गया। इसे लेन-देन का मामला बताया गया है।
एक साल से हस्ताक्षर का इंतजार कर रहा है चेक
सुभाष नगर निवासी सुनीता ने बताया कि उसके सफाई कर्मचारी पति की पिछले साल अगस्त में मौत हो गई थी। इसके बाद मिलने वाले लाभ आज तक नहीं दिए गए। वहीं नगर परिषद से जवाब आया कि कर्मचारी का 2 लाख 77 हजार 653 का चेक तैयार है। लेकिन प्रशासक के हस्ताक्षर नहीं हुए। इस शिकायत को भी लंबित रख लिया गया।
सरपंच के खिलाफ कार्यवाही को लेकर धर्मपाल फौजी का हौसला टूटा
गांव कौल के रिटायर वारंट ऑफिसर धर्मपाल फौजी का हौसला उस समय टूट गया जब विर्क जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायतें सुनने के दौरान धर्मपाल को कोई संतोषजनक फैसला न दे पाए। कौल निवासी धर्मपाल ने बताया कि अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट में गांव कौल के सरपंच पर घोटाले के आरोप साबित हुए हैं। रिपोर्ट पर कार्रवाई की बजाए बैठक में शिकायत की सुनवाई के दौरान पता चला कि दोबारा जांच करवाई जा रही है और शिकायतकर्ता को ही जांच में शामिल नहीं किया गया है। अधिकारियों व सरकार के नुमाइंदों द्वारा शिकायतकर्ता के शामिल किए बिना जो दोबारा जांच करवाई जा रही है वो सरासर करोड़ों के गबन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। धर्मपाल ने कहा कि लगता है कि आखिर में न्यायालय की शरण लेनी ही पड़ेगी।
पंचायत अवैध कब्जों की जमीन को पैसे लेकर कब्जाधारियों को देने पर राजी, डीसी अड़े
गांव ट्योंठा के कर्म सिंह द्वारा दी गई तालाबों पर शिकायत के मामले में पंचायत ने कब्जाधारियों का बचाव किया कि पंचायत सरकारी रेट के अनुसार पैसे लेकर जमीन कब्जाधारियों के नाम कर देगी। लेकिन डीसी ने स्पष्ट इंकार कर दिया कि तालाब की जमीन को किसी भी सूरत में किसी को नहीं दिया जा सकता। इससे हर हाल में कब्जे हटवाए जाएं। इस मामले को भी लंबित रख दिया गया।
डीसी ने सुनीं अधिकतर शिकायतें, चुप रहे सीपीएस
बैठक में एजेंडे की निर्धारित शिकायतों के सुनने के समय सीपीएस विर्क अधिकतर समय चुप्पी साधे रहे। डीसी ने ही अधिकतर शिकायतों का निपटारा किया। हालांकि खुली शिकायतें सरदार बखशीश सिंह विर्क ने ही सुनीं।
अगली बैठक में नहीं दी जाएगी मोहलत
वहीं सीपीएस बख्शीश सिंह विर्क ने कहा कि अगली बैठक में किसी अधिकारी को ज्यादा मोहलत नहीं दी जाएगी। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने का भी आह्वान किया।
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सोमवार को मुख्य संसदीय सचिव सरदार बख्शीश सिंह विर्क जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। एजेंडे में शामिल 18 शिकायतों के अलावा भारी संख्या में लोग खुली शिकायतों के लिए इस बैठक में पहुंचे थे। वहीं जिले भर के आला अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। लेकिन लोगों की कोई खास सुनवाई होती नजर नहीं आई। सभी 18 में से 12 शिकायतें नई थी। इनमें से 8 को लंबित रखा गया। जबकि 6 शिकायतें पुरानी थीं। जिनमें से 2 को लंबित रखा गया।
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मामले जिनका नहीं हुआ समाधान
साहब मेरी बेटी मरी है, शिक्षा विभाग स्कूल संचालक को बचाने में जुटा है
गांव बंदराना निवासी गुरुदत्त शर्मा की शिकायत थी कि स्कूल संचालकों की लापरवाही के चलते उसकी साढ़े चार साल की मासूम बेटी सड़क हादसे में मारी गई। स्कूल संचालक गांव पाड़ला में महज तीसरी कक्षा तक के स्कूल की मान्यता लेकर 10वीं तक स्कूल चला रहा है। जबकि कैथल के अखिल भारतीय स्कूल के नाम रजिस्टर्ड वैन में सवार उसकी बेटी मौत का शिकार हुई थी। इन स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की बजाए, उसे चक्कर कटवाए जा रहे हैं। अभी विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि इस स्कूल संचालक को हाईकोर्ट से स्टे मिला हुआ है। यदि स्टे मिला है तो उसकी प्रति दिखाई जाए। डीसी ने भी स्टे की प्रति मांगी तो अधिकारी कुछ जवाब नहीं दे पाए। इस मामले को भी लंबित रख दिया।
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ड्रेन की रिपोर्ट ही नहीं मिली
पुरानी शिकायतों में गांव दुसैन के सरपंच मनबीर सिंह ने दुसैन से टयोंठा तक की ड्रेन की सफाई की मांग की थी। लेकिन सिंचाई विभाग ने इस बारे में कोई रिपोर्ट ही नहीं दी। जिस कारण इसे लंबित रख लिया गया।
वक्फ बोर्ड से भी नहीं मिली रिपोर्ट
गांव फ्रांसवाला निवासी विश्वबंधू की शिकायत थी कि उसने एक प्लाट पट्टी डोगर में लिया था। जिसकी अलाटमेंट के लिए वह वक्फ बोर्ड में चक्कर काट रहा है। इस बारे में भी वक्फ बोर्ड से रिपोर्ट हासिल नहीं हो पाई।
प्रसव में लापरवाही की शिकायत का मामला भी नहीं निपटा
गांव रसीना निवासी मोहित ने शिकायत दी थी कि उसकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। लेकिन इलाज न मिलने के कारण उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई थी। बाद में उसकी पत्नी की भी मौत हो गई थी। इस मामले में जांच के लिए नियुक्त की गई शुगर मिल की एमडी ने अतिरिक्त समय देने की अपील की। जिसपर इसे लंबित रख लिया गया।
जमीन से संबंधित विवाद में नहीं हुई सुनवाई
गांव सौंगरी निवासी सुखदेव की शिकायत थी कि उसके पट्टी गादड़ में लिए गए प्लाट पर कुछ लोगों ने कब्जा करने का प्रयास किया है। साथ ही उसे धमकी दे रहे हैं। इस मामले में तहसीलदार ने रिकॉर्ड न मिलने पर अतिरिक्त समय देने की अपील की तो उन्हें समय दे दिया गया।
5 साल से नहीं पास हुए दुकानों के नक्शे, शिकायत भी लंबित
बैठक में एक अधिवक्ता ने नगर पालिका कैथल की शिकायत दी कि 5 साल से उसकी दुकानों के नक्शे पास नहीं हुए। जिस कारण उसे परेशानी हो रही है। इस मामले में जांच अधिकारी नगर परिषद ईओ ने समय की मांग की तो उन्हें समय दे दिया गया। शिकायतकर्ता की शिकायत फिर से लंबित रह गई।
इसके अलावा भाट कालोनी ढांड निवासी आशा रानी के घर से चोरी हुए एक लाख रुपये का मामला भी लंबित रख दिया गया। इसे लेन-देन का मामला बताया गया है।
एक साल से हस्ताक्षर का इंतजार कर रहा है चेक
सुभाष नगर निवासी सुनीता ने बताया कि उसके सफाई कर्मचारी पति की पिछले साल अगस्त में मौत हो गई थी। इसके बाद मिलने वाले लाभ आज तक नहीं दिए गए। वहीं नगर परिषद से जवाब आया कि कर्मचारी का 2 लाख 77 हजार 653 का चेक तैयार है। लेकिन प्रशासक के हस्ताक्षर नहीं हुए। इस शिकायत को भी लंबित रख लिया गया।
सरपंच के खिलाफ कार्यवाही को लेकर धर्मपाल फौजी का हौसला टूटा
गांव कौल के रिटायर वारंट ऑफिसर धर्मपाल फौजी का हौसला उस समय टूट गया जब विर्क जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायतें सुनने के दौरान धर्मपाल को कोई संतोषजनक फैसला न दे पाए। कौल निवासी धर्मपाल ने बताया कि अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट में गांव कौल के सरपंच पर घोटाले के आरोप साबित हुए हैं। रिपोर्ट पर कार्रवाई की बजाए बैठक में शिकायत की सुनवाई के दौरान पता चला कि दोबारा जांच करवाई जा रही है और शिकायतकर्ता को ही जांच में शामिल नहीं किया गया है। अधिकारियों व सरकार के नुमाइंदों द्वारा शिकायतकर्ता के शामिल किए बिना जो दोबारा जांच करवाई जा रही है वो सरासर करोड़ों के गबन को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। धर्मपाल ने कहा कि लगता है कि आखिर में न्यायालय की शरण लेनी ही पड़ेगी।
पंचायत अवैध कब्जों की जमीन को पैसे लेकर कब्जाधारियों को देने पर राजी, डीसी अड़े
गांव ट्योंठा के कर्म सिंह द्वारा दी गई तालाबों पर शिकायत के मामले में पंचायत ने कब्जाधारियों का बचाव किया कि पंचायत सरकारी रेट के अनुसार पैसे लेकर जमीन कब्जाधारियों के नाम कर देगी। लेकिन डीसी ने स्पष्ट इंकार कर दिया कि तालाब की जमीन को किसी भी सूरत में किसी को नहीं दिया जा सकता। इससे हर हाल में कब्जे हटवाए जाएं। इस मामले को भी लंबित रख दिया गया।
डीसी ने सुनीं अधिकतर शिकायतें, चुप रहे सीपीएस
बैठक में एजेंडे की निर्धारित शिकायतों के सुनने के समय सीपीएस विर्क अधिकतर समय चुप्पी साधे रहे। डीसी ने ही अधिकतर शिकायतों का निपटारा किया। हालांकि खुली शिकायतें सरदार बखशीश सिंह विर्क ने ही सुनीं।
अगली बैठक में नहीं दी जाएगी मोहलत
वहीं सीपीएस बख्शीश सिंह विर्क ने कहा कि अगली बैठक में किसी अधिकारी को ज्यादा मोहलत नहीं दी जाएगी। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने का भी आह्वान किया।