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Kaithal News: बच्चोंं को कृमि मुक्ति करने के लिए बांटी दवा, किया जागरूक
Fri, 16 Feb 2024 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 16 Feb 2024 02:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर वीरवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय, ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल और राजकीय महाविद्यालय राजौंद में आयोजन किए गए। इसमें बच्चों के स्वस्थ भविष्य में निवेश की थीम पर चर्चा कर उन्हें कृमि मुक्त करने की सलाह दी गई।
डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल की गोलियां वितरित की। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की थीम है ‘एसटीएच हटाएं बच्चों के स्वस्थ भविष्य में निवेश करें।’
उन्होंने कहा कि यह थीम लोगों को यह समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई है कि देश को कृमि मुक्त करें। उन्होंने कहा कियह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो बच्चों को कई स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त कर सकता है।
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राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोनिका जाखड ने बताया कि कृमि संक्रमण एक आम समस्या है जो अनुमानित रूप से 1 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों को प्रभावित करती है। कृमि संक्रमण की वजह से व्यक्ति को एनीमिया, दस्त, पेट दर्द, कुपोषण और मानसिक विकास संबंधी दिक्कतें होने की आशंका हैं। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हेल्मिंथ वर्म संक्रमण दुनिया की लगभग 24 प्रतिशत आबादी को प्रभावित करता है। मिट्टी से फैलने वाले कृमि, या परजीवी आंतों के कीड़े, भारत में एक से 14 वर्ष की आयु के लगभग 241 मिलियन बच्चों के लिए खतरा पैदा करते है। इस अवसर पर डॉ. मीना शर्मा, प्रो. मंजू आदि उपस्थित रहे।
उधर, सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्कूल की प्रिंसिपल अंजू तलवार भी मौके पर मौजूद रहीं। सिविलन सर्जन ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत वीरवार को जिला के एक से 19 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट निशुल्क खिलाई गई। उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी कारणवश एल्बेंडाजोल की टेबलेट लेने से छूट गए हैं, उनको 20 फरवरी 2024 को ये टेबलेट खिलाई जाएंगी।
डॉ. रेनू चावला ने कहा कि बच्चों में खून की कमी का मुख्य कारण कृमि यानी पेट के कीड़े होते हैं, जिस कारण बच्चों के विकास में कमी आ जाती है। इसलिए अपने घरों व आस-पास सफाई रखें। खाने-पीने के सामान को ढक कर रखें। फल व सब्जियों के उपयोग से पहले उन्हें साफ पानी से धोएं। इस मौके पर डॉ. विकास धवन, डॉ. निधि, पूनम, प्रवीन कुमार व काउंसलर संजीव कुमार मौजूद रहे।
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कैथल। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर वीरवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय, ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल और राजकीय महाविद्यालय राजौंद में आयोजन किए गए। इसमें बच्चों के स्वस्थ भविष्य में निवेश की थीम पर चर्चा कर उन्हें कृमि मुक्त करने की सलाह दी गई।
डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना और महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को एल्बेंडाजोल की गोलियां वितरित की। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अभिषेक गोयल ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की थीम है ‘एसटीएच हटाएं बच्चों के स्वस्थ भविष्य में निवेश करें।’
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उन्होंने कहा कि यह थीम लोगों को यह समझने में मदद करने के लिए डिज़ाइन की गई है कि देश को कृमि मुक्त करें। उन्होंने कहा कियह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो बच्चों को कई स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त कर सकता है।
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राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मोनिका जाखड ने बताया कि कृमि संक्रमण एक आम समस्या है जो अनुमानित रूप से 1 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों को प्रभावित करती है। कृमि संक्रमण की वजह से व्यक्ति को एनीमिया, दस्त, पेट दर्द, कुपोषण और मानसिक विकास संबंधी दिक्कतें होने की आशंका हैं। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, हेल्मिंथ वर्म संक्रमण दुनिया की लगभग 24 प्रतिशत आबादी को प्रभावित करता है। मिट्टी से फैलने वाले कृमि, या परजीवी आंतों के कीड़े, भारत में एक से 14 वर्ष की आयु के लगभग 241 मिलियन बच्चों के लिए खतरा पैदा करते है। इस अवसर पर डॉ. मीना शर्मा, प्रो. मंजू आदि उपस्थित रहे।
उधर, सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने ओएसडीएवी पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम का शुभारंभ किया। स्कूल की प्रिंसिपल अंजू तलवार भी मौके पर मौजूद रहीं। सिविलन सर्जन ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत वीरवार को जिला के एक से 19 वर्ष के बच्चों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट निशुल्क खिलाई गई। उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी कारणवश एल्बेंडाजोल की टेबलेट लेने से छूट गए हैं, उनको 20 फरवरी 2024 को ये टेबलेट खिलाई जाएंगी।
डॉ. रेनू चावला ने कहा कि बच्चों में खून की कमी का मुख्य कारण कृमि यानी पेट के कीड़े होते हैं, जिस कारण बच्चों के विकास में कमी आ जाती है। इसलिए अपने घरों व आस-पास सफाई रखें। खाने-पीने के सामान को ढक कर रखें। फल व सब्जियों के उपयोग से पहले उन्हें साफ पानी से धोएं। इस मौके पर डॉ. विकास धवन, डॉ. निधि, पूनम, प्रवीन कुमार व काउंसलर संजीव कुमार मौजूद रहे।