फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Martyr Lance Naik Rishipal remembered on his death anniversary

Kaithal News: शहीद लांस नायक ऋषिपाल को पुण्यतिथि पर किया याद

Wed, 13 May 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Wed, 13 May 2026 12:13 AM IST
विज्ञापन
Martyr Lance Naik Rishipal remembered on his death anniversary
शहीद ऋ​षिपाल को श्रद्धांजलि देते पूर्व सैनिक एसोसिएशन के प्रधान व अन्य सदस्य। संवाद - फोटो : सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद जुटी भीड़।
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


कैथल। जम्मू-कश्मीर के विश्व प्रसिद्ध चरार-ए-शरीफ दरगाह को आतंकवादियों से मुक्त कराने के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर योद्धा लांस नायक ऋषिपाल (सेना मेडल) की 31वीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को राजकीय उच्च विद्यालय, तितरम में श्रद्धांजलि सभा एवं जोड़ मेले का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन, स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर सैनिक को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। शहीद ऋषिपाल का नाम जम्मू-कश्मीर के जिला बड़गाम स्थित विश्व प्रसिद्ध चरार-ए-शरीफ दरगाह से जुड़ी उस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई से जुड़ा है, जिसे सूफी दरगाह एवं नंद ऋषि दरगाह के नाम से भी जाना जाता है। दिसंबर 1994 में आतंकवादियों ने इस दरगाह पर कब्जा कर लिया था और सर्दियों का बहाना बनाकर वहां डेरा जमा लिया था। इसके बाद भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और करीब छह माह तक लगातार मुठभेड़ चली। 10 और 11 मई 1995 को आतंकवादियों ने दरगाह, आसपास की बस्ती और प्राचीन मंदिरों में आग लगा दी। इसके बाद 11 मई की रात से 12 मई की सुबह तक सेना ने निर्णायक कार्रवाई की। इसी ऑपरेशन के दौरान 7 जाट रेजीमेंट के लांस नायक ऋषिपाल ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई आतंकवादियों को ढेर किया और अभियान की सफलता में अहम भूमिका निभाई।
विज्ञापन


भीषण मुठभेड़ में उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया गया। विद्यालय परिसर में उनका स्मारक स्थापित है और उनका नाम एमआईएस पोर्टल में भी दर्ज किया गया है। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगजीत फौजी, शहीद के पुत्र मनजीत सिंह, स्कूल हेडमास्टर जगविंदर सिंह, मुख्य शिक्षक कृष्ण कुमार आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed