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Kaithal News: गेहूं खरीद के लिए मंडियां तैयार, पोर्टल पर पंजीकरण से वंचित हजारों किसान
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कैथल। आगामी सप्ताह से गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो जाएगी और मंडी में भी गेहूं पहुंचने लगेगी, लेकिन अब तक हजारों किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है। ऐसे में उनकी फसल मंडियों में नहीं बिक सकेगी। समस्या को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर से मेरी फसल मेरा पोर्टल शुक्रवार को दोबारा खोल दिया है, ताकि जिन किसानों ने अब तक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवाया है, वो करवा सकें।
आंकड़ों के अनुसार, जिले में लगभग चार लाख 97 हजार 333 एकड़ में गेहूं की फसल की बिजाई की गई है। इसमें से अब तक तीन लाख 84 हजार 648 एकड़ फसल का 52 हजार 963 किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करा दिया है। अब तक भी एक लाख 12 हजार 685 एकड़ में बिजाई की गई रबी का फसल का पंजीकरण नहीं हुआ है। नियमानुसार मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने वाले किसानों की फसलों की सरकारी खरीद नहीं की जा सकेगी। यही कारण है कि सरकार ने पोर्टल पर पंजीकरण से वंचित किसानों के लिए एक और मौका दिया है। इसके तहत मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोल दिया गया है। गेहूं मंडी में पहुंचने लगेगी तो पोर्टल बंद हो जाएगा। ऐसे में अब पंजीकरण से चूकने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
वर्जन-
-मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोल दिया गया है, जिन किसानों ने अभी तक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, वह पंजीकरण करा लें। ताकि किसानों की फसल मंडी में आसानी से बिक सके। जिले में अब तक 52 हजार 963 किसानों ने तीन लाख 84 हजार 648 एकड़ रबी की फसल का पंजीकरण कराया है, जबकि हजारों किसान अभी इससे वंचित हैं।
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- डॉ. बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक, कैथल।
नहीं चल रहा पोर्टल तो कैसे कराएं पंजीकरण
पाई। फसल के पंजीकरण को लेकर किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों ने सरकार से पंजीकरण की वेबसाइट सही प्रकार से चलाने की मांग की है।
किसान राम मेहर, करेशन, दिलबाग, राम चंद्र, नरेश, बलवान आदि ने बताया कि सरकार के द्वारा उन्हीं किसानों की फसल खरीद की जाती है, जिन्होंने मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण करवाया हुआ होता है। उन्होंने बताया कि प्रयास के बाद भी कई किसान अपनी गेहूं की फसल का पंजीकरण नहीं करवा पाये। सरकार के द्वारा भी खानापूर्ति के नाम पर किसानों के पंजीकरण के लिए वेबसाइट खोल तो रखी है, परंतु वह चलती ही नहीं। किसान पूरे दिन तक अटल सेवा केंद्र के चक्कर काट कर थक चुके हैं। बताया कि जिन किसानों के द्वारा अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया गया है, उनके सामने अपनी गेहूं की फसल बेचने में परेशानी होगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए सरकार मेरी फसल, मेरा ब्यौरा की साइट सुचारू रूप से चलाने की व्यवस्था करे। उधर, मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह पेसिया ने बताया कि बिना पंजीकरण के किसानों की फसल का एक भी दाना नही बिक सकेगा।
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आंकड़ों के अनुसार, जिले में लगभग चार लाख 97 हजार 333 एकड़ में गेहूं की फसल की बिजाई की गई है। इसमें से अब तक तीन लाख 84 हजार 648 एकड़ फसल का 52 हजार 963 किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करा दिया है। अब तक भी एक लाख 12 हजार 685 एकड़ में बिजाई की गई रबी का फसल का पंजीकरण नहीं हुआ है। नियमानुसार मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराने वाले किसानों की फसलों की सरकारी खरीद नहीं की जा सकेगी। यही कारण है कि सरकार ने पोर्टल पर पंजीकरण से वंचित किसानों के लिए एक और मौका दिया है। इसके तहत मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोल दिया गया है। गेहूं मंडी में पहुंचने लगेगी तो पोर्टल बंद हो जाएगा। ऐसे में अब पंजीकरण से चूकने वाले किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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-मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल खोल दिया गया है, जिन किसानों ने अभी तक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, वह पंजीकरण करा लें। ताकि किसानों की फसल मंडी में आसानी से बिक सके। जिले में अब तक 52 हजार 963 किसानों ने तीन लाख 84 हजार 648 एकड़ रबी की फसल का पंजीकरण कराया है, जबकि हजारों किसान अभी इससे वंचित हैं।
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- डॉ. बलवंत सहारण, कृषि उपनिदेशक, कैथल।
नहीं चल रहा पोर्टल तो कैसे कराएं पंजीकरण
पाई। फसल के पंजीकरण को लेकर किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसानों ने सरकार से पंजीकरण की वेबसाइट सही प्रकार से चलाने की मांग की है।
किसान राम मेहर, करेशन, दिलबाग, राम चंद्र, नरेश, बलवान आदि ने बताया कि सरकार के द्वारा उन्हीं किसानों की फसल खरीद की जाती है, जिन्होंने मेरी फसल मेरा ब्योरा पर पंजीकरण करवाया हुआ होता है। उन्होंने बताया कि प्रयास के बाद भी कई किसान अपनी गेहूं की फसल का पंजीकरण नहीं करवा पाये। सरकार के द्वारा भी खानापूर्ति के नाम पर किसानों के पंजीकरण के लिए वेबसाइट खोल तो रखी है, परंतु वह चलती ही नहीं। किसान पूरे दिन तक अटल सेवा केंद्र के चक्कर काट कर थक चुके हैं। बताया कि जिन किसानों के द्वारा अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया गया है, उनके सामने अपनी गेहूं की फसल बेचने में परेशानी होगी। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों की परेशानी को देखते हुए सरकार मेरी फसल, मेरा ब्यौरा की साइट सुचारू रूप से चलाने की व्यवस्था करे। उधर, मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र सिंह पेसिया ने बताया कि बिना पंजीकरण के किसानों की फसल का एक भी दाना नही बिक सकेगा।