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Kaithal News: मुक्केबाजी में धुरंधर बनीं कैथल की मनीषा मौन
Sun, 22 Feb 2026 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 22 Feb 2026 12:57 AM IST
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प्रधानमंत्री मोदी के साथ कैथल की मुक्केबाज मनीषा।
- फोटो : 1
अंबर
कैथल। मातौर गांव की बेटी मनीषा मौण आज अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी जगत में अपनी दमदार पहचान बना चुकी हैं। वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।
मनीषा पिछले कई वर्षों से कैथल के इंडोर स्टेडियम में नियमित अभ्यास कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व का क्षण होता है। यह सम्मान न केवल मनीषा बल्कि पूरे कैथल जिले के लिए गौरव की बात है।
मनीषा की उपलब्धियां
वर्ष 2011 में बॉक्सिंग की शुरुआत करने वाली मनीषा ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
54 किलोग्राम और 57 किलोग्राम (फेदरवेट) वर्ग में खेलते हुए कई महत्वपूर्ण पदक जीते।
वर्ष 2018 में इंडिया ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की।
वर्ष 2019 में एशियन अमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर एशियाई स्तर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
वर्ष 2022 में आईबीए वूमेन वर्लड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर विश्व पटल पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पहचान बनाना रहा चुनौतीपूर्ण
मनीषा ने बताया कि शुरुआत में सफर आसान नहीं था। गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन परिवार और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच गुरमीत के सहयोग ने उनका हौसला बढ़ाया।
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उनका कहना है कि बॉक्सिंग में फिटनेस, अनुशासन और मानसिक मजबूती बेहद जरूरी है। रोजाना कड़ी ट्रेनिंग, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की।
मनीषा चाहती हैं कि जिले की बेटियां भी खेलों में आगे आएं और अपने सपनों को साकार करें। उनकी सफलता ने मातौर गांव और कैथल के युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह भर दिया है। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और सहयोग मिले तो जिले से और भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उभर सकते हैं। आज मनीषा मौण मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की जीवंत मिसाल बन चुकी हैं।
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कैथल। मातौर गांव की बेटी मनीषा मौण आज अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी जगत में अपनी दमदार पहचान बना चुकी हैं। वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर उन्होंने न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।
मनीषा पिछले कई वर्षों से कैथल के इंडोर स्टेडियम में नियमित अभ्यास कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उन्हें सम्मानित कर चुके हैं, जो किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व का क्षण होता है। यह सम्मान न केवल मनीषा बल्कि पूरे कैथल जिले के लिए गौरव की बात है।
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मनीषा की उपलब्धियां
वर्ष 2011 में बॉक्सिंग की शुरुआत करने वाली मनीषा ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
54 किलोग्राम और 57 किलोग्राम (फेदरवेट) वर्ग में खेलते हुए कई महत्वपूर्ण पदक जीते।
वर्ष 2018 में इंडिया ओपन इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की।
वर्ष 2019 में एशियन अमेच्योर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर एशियाई स्तर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
वर्ष 2022 में आईबीए वूमेन वर्लड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर विश्व पटल पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
पहचान बनाना रहा चुनौतीपूर्ण
मनीषा ने बताया कि शुरुआत में सफर आसान नहीं था। गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन परिवार और अंतरराष्ट्रीय बॉक्सिंग कोच गुरमीत के सहयोग ने उनका हौसला बढ़ाया।
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उनका कहना है कि बॉक्सिंग में फिटनेस, अनुशासन और मानसिक मजबूती बेहद जरूरी है। रोजाना कड़ी ट्रेनिंग, संतुलित आहार और सकारात्मक सोच ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की।
मनीषा चाहती हैं कि जिले की बेटियां भी खेलों में आगे आएं और अपने सपनों को साकार करें। उनकी सफलता ने मातौर गांव और कैथल के युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह भर दिया है। खेल प्रेमियों का मानना है कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और सहयोग मिले तो जिले से और भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी उभर सकते हैं। आज मनीषा मौण मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की जीवंत मिसाल बन चुकी हैं।