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Kaithal News: नगर परिषद के रिकार्ड में हेरफेर, दूसरों के नाम चढ़े प्लॉट, मकान और दुकान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 01:25 AM IST
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Manipulation of Municipal Council records; plots, houses, and shops registered in others' names.
नगर परिषद में जांच के बाद नहीं मिली पोर्टल पर आईडी।
कैथल। नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी के रिकार्ड में हेरफेर का खेल चल रहा है। लोगों के वैध प्लॉट, मकान और दुकान की आईडी ऑनलाइन दूसरों के नाम चढ़ी मिल रही है। इस गड़बड़झाले के कारण जहां एक तरफ असली मालिक अपनी ही संपत्ति के मालिकाना हक को साबित करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ इसका फायदा उठाकर अवैध कॉलोनियों में रजिस्ट्रियां कराई जा रही हैं।
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वैध संपत्तियों की आईडी का डाटा चोरी छिपे दूसरी संपत्तियों पर इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों के आरोप है कि नगर परिषद के रिकॉर्ड में हेरफेर करके वैध प्लॉट या मकान की प्रॉपर्टी आईडी को किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया जाता है। इसके बाद, इसी आईडी के सहारे अवैध कॉलोनियों में जमीनों की रजिस्ट्री का खेल चलता है। जब असली मालिक अपने घर या दुकान का प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने नगर परिषद के दफ्तर पहुंचता है, तो उसे पता चलता है कि उसकी आईडी रिकॉर्ड से गायब है या उस पर किसी और का नाम दर्ज हो चुका है।
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नगर परिषद के चक्कर काट रहे लोग, 34 हजार आईडी का सत्यापन नहीं
रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए पीड़ित लोग रोजाना नगर परिषद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। कर्मचारी केवल आश्वासन देकर लोगों को टाल देते हैं। इस कछुआ चाल प्रशासनिक व्यवस्था के कारण जनता में भारी रोष है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कैथल शहर में कुल 84,407 प्रॉपर्टी आईडी रजिस्टर्ड हैं। प्रॉपर्टी आईडी में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने इन्हें स्व-प्रमाणित करने के निर्देश दिए थे लेकिन प्रशासनिक ढिलाई और तकनीकी खामियों के कारण अब तक केवल 50,143 प्रॉपर्टी आईडी ही स्व-प्रमाणित हो पाई हैं। बाकी बची 34 हजार से अधिक आइडियों का सत्यापन न होना इस बात का सबूत है कि रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर विसंगतियां मौजूद हैं जिसका सीधा फायदा जालसाज उठा रहे हैं।
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पीड़ितों ने कहा-
मेरी आईडी पर दूसरे की रजिस्ट्री हुई
- वार्ड-11 से पार्षद सुशीला शर्मा ने आरोप लगाए कि पूरे शहर में लोग नगर परिषद की कार्यप्रणाली से परेशान हैं। आईडी एक-दूसरे के नाम चढ़ा रखी हैं। इसके पीछे क्या मंशा है, ये जांच का विषय है। मेरी खुद की प्रापर्टी आईडी पर किसी दूसरे की रजिस्ट्री हो रखी है। इसकी शिकायत भी की गई है।

प्लाट की आईडी दूसरे के नाम फर्जी बनाई
- सेक्टर-21 के नरेंद्र कुमार ने बताया कि पंतनगर में उसका प्लाट है। इसका वह वर्षों से टैक्स भी भर रहा है। नगर परिषद की तरफ से उसके प्लाट की आईडी किसी दूसरे के नाम पर फर्जी तरीके से बना दी गई। जब वह चेक कराने के लिए परिषद गया तो पोर्टल पर उसकी आईडी ही नहीं मिली।

दुकान की आईडी किसी और के नाम
- अनिरुद्ध शर्मा ने बताया कि वह दुकान का टैक्स भरने के लिए आया था लेकिन दुकान की आईडी किसी और के नाम चढ़ा रखी है। वह वर्षों से टैक्स भर रहा है। अब हालात ये हैं कि अपनी ही संपत्ति का टैक्स किसी और के नाम से कैसे भरें। वह कई दिनों से चक्कर काट रहा है।

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किसी की प्रापर्टी आईडी के साथ अगर किसी कर्मचारी ने छेड़छाड़ की है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। - मोहन लाल, सचिव, नगर परिषद

नगर परिषद में जांच के बाद नहीं मिली पोर्टल पर आईडी।

नगर परिषद में जांच के बाद नहीं मिली पोर्टल पर आईडी।

नगर परिषद में जांच के बाद नहीं मिली पोर्टल पर आईडी।

नगर परिषद में जांच के बाद नहीं मिली पोर्टल पर आईडी।

नगर परिषद में जांच के बाद नहीं मिली पोर्टल पर आईडी।

नगर परिषद में जांच के बाद नहीं मिली पोर्टल पर आईडी।

नगर परिषद में जांच के बाद नहीं मिली पोर्टल पर आईडी।

नगर परिषद में जांच के बाद नहीं मिली पोर्टल पर आईडी।

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