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चार पूर्व शिक्षा अधिकारियों द्वारा विभाग के विभिन्न बैंक खातों से 39.75 लाख रुपये की राशि निकलवाने के मामला
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कैथल। जिले के चार पूर्व शिक्षा अधिकारियों द्वारा विभाग के विभिन्न बैंक खातों से नियमों का पालन किए बिना 39.75 लाख रुपये निकलवाने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को केस दर्ज करने के लिए पत्र लिखा है।
चारों पूर्व अधिकारियों ने निकाली गई धनराशि सरकारी खजाने में जमा करवा दी है लेकिन उसके ब्याज की रिकवरी नहीं दी है। ऐसे में अधिकारियों से रिकवरी के लिए आपराधिक केस दर्ज करने की मांग की गई है। गौरतलब है कि अगस्त 2007 से लेकर जुलाई 2013 के मध्य यह राशि निकलवाई गई। तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी हरचरण सिंह के कार्यकाल में 14 लाख 30 हजार 887 रुपये, कमला मिड्ढा के कार्यकाल में आठ लाख 72 हजार 160, साधू राम बेरवाल के कार्यकाल में 11 लाख 73 हजार 549 और जसबीर सिंह के कार्यकाल में चार लाख 98 हजार 825 रुपये की राशि निकाली गई। यह राशि 39 लाख 75 हजार रुपये से ज्यादा बनती है। राशि निकलवाने के बाद इसका कोई भी वाउचर जांच के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नहीं मिला। मई-जून 2014 में अधिकारियों ने उक्त धनराशि सरकारी खजाने में जमा करवा दी, लेकिन उक्त राशि का जो ब्याज बनता था, अधिकारियों ने उसे रिकवर नहीं किया।
जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि विभाग के आदेशों का पालन करते हुए उन्होंने एसपी को पत्र लिखा है। तत्कालीन चारों अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करवाने की मांग की गई है।
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चारों पूर्व अधिकारियों ने निकाली गई धनराशि सरकारी खजाने में जमा करवा दी है लेकिन उसके ब्याज की रिकवरी नहीं दी है। ऐसे में अधिकारियों से रिकवरी के लिए आपराधिक केस दर्ज करने की मांग की गई है। गौरतलब है कि अगस्त 2007 से लेकर जुलाई 2013 के मध्य यह राशि निकलवाई गई। तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी हरचरण सिंह के कार्यकाल में 14 लाख 30 हजार 887 रुपये, कमला मिड्ढा के कार्यकाल में आठ लाख 72 हजार 160, साधू राम बेरवाल के कार्यकाल में 11 लाख 73 हजार 549 और जसबीर सिंह के कार्यकाल में चार लाख 98 हजार 825 रुपये की राशि निकाली गई। यह राशि 39 लाख 75 हजार रुपये से ज्यादा बनती है। राशि निकलवाने के बाद इसका कोई भी वाउचर जांच के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में नहीं मिला। मई-जून 2014 में अधिकारियों ने उक्त धनराशि सरकारी खजाने में जमा करवा दी, लेकिन उक्त राशि का जो ब्याज बनता था, अधिकारियों ने उसे रिकवर नहीं किया।
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जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने कहा कि विभाग के आदेशों का पालन करते हुए उन्होंने एसपी को पत्र लिखा है। तत्कालीन चारों अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करवाने की मांग की गई है।
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