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Kaithal News: पिछली बार से लिया सबक, अबकी और पुख्ता तैयारी
Tue, 13 Feb 2024 04:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 13 Feb 2024 04:04 AM IST
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गुरमीत सीड़ा गुहला-चीका। पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर एक बार फिर से किसान और पुलिस आमने-सामने होने को लेकर किसानों के 13 फरवरी को प्रस्तावित ‘दिल्ली चलो’ कूच से पहले पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाड़ेबंदी शुरू कर दी है। गुहला हलका के गांव टटियाना बॉर्डर को स्थायी रूप से बंद कर दिया है।
दरअसल, पिछली बार पुलिस की ओर से की बैरिकेडिंग को किसानों ने ट्रैक्टरों से घग्गर नदी में फेंक दिया था। लिहाजा इस बार बार हाईवे पर बड़े-बड़े सीमेंट के बैरिकेड रखकर पूरे हाईवे पर सीमेंट की दीवार खड़ी कर दी गई हैं। इसके बाद इन बैरिकेडिंग को सीमेंट, लोहे और कंटेनर से ब्लॉक कर दिया है।
भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस समेत पांच कंपनियां तैनात ः किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए कैथल पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस समेत पांच कंपनियां तैनात कर दी हैं। डीएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि किसी को भी शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसानों से कहा है कि वह इस प्रदर्शन में बिना अनुमति के शामिल न हों। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। कहा कि अस्थायी तौर पर जेल कैथल पुलिस लाइन में बनाई है।
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पुलिस ज्यादा सतर्क ः 26 नवंबर 2020 को तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली जा रहे किसानों को टटियाना बॉर्डर पर रोकने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी थी। यहां हरियाणा पुलिस ने थ्री लेयर बैरिकेडिंग की थी। वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले भी दागे थे, पर किसानों ने सभी प्रबंध उखाड़ फेंके और इंतजाम धरे के धर रह गए थे। इस बार कैथल पुलिस ज्यादा सतर्क दिखाई दे रही है। संवाद
क्यों जा रहे किसान दिल्ली
संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक और किसान मजदूर मोर्चा ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने समेत कई मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए 13 फरवरी को किसान जत्थेबंदियों ने ‘दिल्ली चलो’ प्रदर्शन की घोषणा की थी। हालांकि 2020 में हुए किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाला संयुक्त किसान मोर्चा इस प्रदर्शन के आह्वान का हिस्सा हिस्सा नहीं है।
प्रशासन की सोशल मीडिया पर नजर
पुलिस प्रशासन की सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रहेगी। कोई भी नागरिक गलत अफवाह फैलाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कैथल एसपी उपासना ने कहा कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपद्रव फैलाने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसे लेकर कैथल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की टीमों द्वारा अलग-अलग स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है।
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दरअसल, पिछली बार पुलिस की ओर से की बैरिकेडिंग को किसानों ने ट्रैक्टरों से घग्गर नदी में फेंक दिया था। लिहाजा इस बार बार हाईवे पर बड़े-बड़े सीमेंट के बैरिकेड रखकर पूरे हाईवे पर सीमेंट की दीवार खड़ी कर दी गई हैं। इसके बाद इन बैरिकेडिंग को सीमेंट, लोहे और कंटेनर से ब्लॉक कर दिया है।
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भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस समेत पांच कंपनियां तैनात ः किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए कैथल पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस समेत पांच कंपनियां तैनात कर दी हैं। डीएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि किसी को भी शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसानों से कहा है कि वह इस प्रदर्शन में बिना अनुमति के शामिल न हों। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। कहा कि अस्थायी तौर पर जेल कैथल पुलिस लाइन में बनाई है।
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पुलिस ज्यादा सतर्क ः 26 नवंबर 2020 को तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली जा रहे किसानों को टटियाना बॉर्डर पर रोकने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी थी। यहां हरियाणा पुलिस ने थ्री लेयर बैरिकेडिंग की थी। वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले भी दागे थे, पर किसानों ने सभी प्रबंध उखाड़ फेंके और इंतजाम धरे के धर रह गए थे। इस बार कैथल पुलिस ज्यादा सतर्क दिखाई दे रही है। संवाद
क्यों जा रहे किसान दिल्ली
संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक और किसान मजदूर मोर्चा ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में एमएसपी की गारंटी के लिए कानून बनाने समेत कई मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए 13 फरवरी को किसान जत्थेबंदियों ने ‘दिल्ली चलो’ प्रदर्शन की घोषणा की थी। हालांकि 2020 में हुए किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाला संयुक्त किसान मोर्चा इस प्रदर्शन के आह्वान का हिस्सा हिस्सा नहीं है।
प्रशासन की सोशल मीडिया पर नजर
पुलिस प्रशासन की सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रहेगी। कोई भी नागरिक गलत अफवाह फैलाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कैथल एसपी उपासना ने कहा कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपद्रव फैलाने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी। इसे लेकर कैथल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की टीमों द्वारा अलग-अलग स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है।