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पंचायती भूमि की बोली तीसरी बार रद्द, लोगों में रोष
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Wed, 16 Jul 2014 11:59 PM IST
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गुहला-चीका। थेहनेवल गांव में करीब 60 एकड़ पंचायती भूमि की बोली लगातार तीसरी बार रद्द हो गई है। इस पर गुस्साए बोलीदाताओं ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
मंगल सिंह, रामफल, दलेल सिंह, राजकुमार, इंद्र सिंह नंबरदार, गुरदीप सिंह, पंच मेहर चंद, मिंद्र, जयभगवान, बीरभान, तेलू राम, मेवा राम, धीरा राम, मांगा राम, मेवा सिंह, प्यारा सिंह, रमेश कुमार, बजीर सिंह, रामनिवास, कर्म सिंह, धनपत, गुरदेव सिंह, बलराज सिंह, राजेंद्र कुमार, छज्जू राम, होशियार सिंह, सुरेश कुमार, गोलू, रोहताश, रामकुमार, राजपाल, राजा राम, कर्मबीर सिंह, धर्मपाल और अमीलाल ने खुली बोली रद्द करवाने के खिलाफ प्रशासन व ग्राम पंचायत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणाें ने कहा कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे, क्योंकि ग्राम पंचायत द्वारा तीसरी बार बोली रद्द करवाना सरासर मिलीभगत को दर्शाता है। कुछ ग्रामीणाें ने बोली रद्द करने के कारणाें की आरटीआई से ब्यौरा मांगा है।
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कुछ प्रभावी लोगों का कब्जा था जमीन पर
विदित रहे कि जमीन गांव के ही कई प्रभावी लोगों के कब्जे में थी और वे कोर्ट से केस भी हार गए थे, जिसके चलते प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही इस जमीन का कब्जा लिया था। जमीन की खुली बोली करने के लिए प्रशासन ने पहले 27 जून की तारीख तय की थी, परंतु अज्ञात कारणों के चलते बोली को रद्द कर दिया गया था। उसके बाद प्रशासन ने बोली के लिए एक बार फिर सात जुलाई निर्धारित की, परंतु इस बार भी बोली रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद प्रशासन ने 16 जुलाई बोली करवाने की तिथि निर्धारित की थी. लेकिन फिर से बोली स्थगित कर दी गई।
बोली करवाने में असमर्थ थे : बीडीपीओ
इस संबंध में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी गुहला नवनीत कौर ने कहा कि वह सरकारी काम से चंडीगढ़ गई थीं, जिस कारण वह बोली करवाने में असमर्थ थी। यह पूछने पर कि बोली स्थगित होने की सूचना लोगों को पहले क्यों नहीं दी गई तो उन्होंने कहा कि लोगों को सूचित करने के लिए कनिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई थी।
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मंगल सिंह, रामफल, दलेल सिंह, राजकुमार, इंद्र सिंह नंबरदार, गुरदीप सिंह, पंच मेहर चंद, मिंद्र, जयभगवान, बीरभान, तेलू राम, मेवा राम, धीरा राम, मांगा राम, मेवा सिंह, प्यारा सिंह, रमेश कुमार, बजीर सिंह, रामनिवास, कर्म सिंह, धनपत, गुरदेव सिंह, बलराज सिंह, राजेंद्र कुमार, छज्जू राम, होशियार सिंह, सुरेश कुमार, गोलू, रोहताश, रामकुमार, राजपाल, राजा राम, कर्मबीर सिंह, धर्मपाल और अमीलाल ने खुली बोली रद्द करवाने के खिलाफ प्रशासन व ग्राम पंचायत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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ग्रामीणाें ने कहा कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे, क्योंकि ग्राम पंचायत द्वारा तीसरी बार बोली रद्द करवाना सरासर मिलीभगत को दर्शाता है। कुछ ग्रामीणाें ने बोली रद्द करने के कारणाें की आरटीआई से ब्यौरा मांगा है।
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कुछ प्रभावी लोगों का कब्जा था जमीन पर
विदित रहे कि जमीन गांव के ही कई प्रभावी लोगों के कब्जे में थी और वे कोर्ट से केस भी हार गए थे, जिसके चलते प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही इस जमीन का कब्जा लिया था। जमीन की खुली बोली करने के लिए प्रशासन ने पहले 27 जून की तारीख तय की थी, परंतु अज्ञात कारणों के चलते बोली को रद्द कर दिया गया था। उसके बाद प्रशासन ने बोली के लिए एक बार फिर सात जुलाई निर्धारित की, परंतु इस बार भी बोली रद्द करने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद प्रशासन ने 16 जुलाई बोली करवाने की तिथि निर्धारित की थी. लेकिन फिर से बोली स्थगित कर दी गई।
बोली करवाने में असमर्थ थे : बीडीपीओ
इस संबंध में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी गुहला नवनीत कौर ने कहा कि वह सरकारी काम से चंडीगढ़ गई थीं, जिस कारण वह बोली करवाने में असमर्थ थी। यह पूछने पर कि बोली स्थगित होने की सूचना लोगों को पहले क्यों नहीं दी गई तो उन्होंने कहा कि लोगों को सूचित करने के लिए कनिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई थी।