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नागरिक अस्पताल में महिला डॉक्टरों का अभाव
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Lack of women doctors in civil hospital
- फोटो : Kaithal
जिला नागरिक अस्पताल में जांच और इलाज के लिए पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को महिला चिकित्सकों की कमी खल रही है। महिलाओं को जांच के लिए कई-कई घंटे ओपीडी कक्ष के बाहर इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में इस समय ये हालात हैं कि महिलाओं की जांच व इलाज के लिए जिले के सीएचसी व पीएचसी केंद्रों से डॉक्टरों को बुलाना पड़ रहा है।
हालांकि कार्य तो हो रहा है, लेकिन लंबा इंतजार गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे बड़ी दिक्कत बना हुआ है। जिस कार्य के लिए कुछ समय पहले तक अस्पताल में तीन-चार महिला डॉक्टरों को तैनात किया गया था, वहां अब केवल एक डॉक्टर से काम चलाया जा रहा है।
नागरिक अस्पताल में रोजाना 150 से लेकर 200 के बीच महिलाओं की जांच होती है। सुबह डॉक्टरों के पहुंचने से पहले ही महिलाएं अपने परिजनों के साथ अस्पताल में पहुंच रही हैं। सुबह पहुंचने वाली महिलाओं का दोपहर तक जांच के लिए नंबर आता है। जो महिलाएं थोड़ी देर से अस्पताल में पहुंचती हैं, उनका तो पूरा दिन ही अस्पताल में गुजर जाता है।
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महिला चिकित्सकों में से एक के परिवार का सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इस कारण डॉक्टर को भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा 17 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है। अन्य दो डॉक्टरों में से एक की ड्यूटी ऑपरेशन और डिलिवरी जैसे कार्यों में रहती है। जबकि एक डॉक्टर की ड्यूटी इमरजेंसी सेवाओं के लिए समय-समय पर लगती रहती है। ऐसे में विभाग द्वारा काम चलाने के लिए दूसरे केंद्रों से डॉक्टरों को बुलाया जा रहा है।
सिविल सर्जन डॉक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते थोड़ा समय लग रहा है। फिर भी अस्पताल में आने वाली हर महिला की जांच कर इलाज किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि महिलाओं को किसी प्रकार की दिक्कत न आए। महिलाओं की संख्या ज्यादा होने पर दूसरे केंद्रों से भी डॉक्टरों से सहायता ली जा रही है।
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हालांकि कार्य तो हो रहा है, लेकिन लंबा इंतजार गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे बड़ी दिक्कत बना हुआ है। जिस कार्य के लिए कुछ समय पहले तक अस्पताल में तीन-चार महिला डॉक्टरों को तैनात किया गया था, वहां अब केवल एक डॉक्टर से काम चलाया जा रहा है।
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नागरिक अस्पताल में रोजाना 150 से लेकर 200 के बीच महिलाओं की जांच होती है। सुबह डॉक्टरों के पहुंचने से पहले ही महिलाएं अपने परिजनों के साथ अस्पताल में पहुंच रही हैं। सुबह पहुंचने वाली महिलाओं का दोपहर तक जांच के लिए नंबर आता है। जो महिलाएं थोड़ी देर से अस्पताल में पहुंचती हैं, उनका तो पूरा दिन ही अस्पताल में गुजर जाता है।
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महिला चिकित्सकों में से एक के परिवार का सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। इस कारण डॉक्टर को भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा 17 दिन के लिए क्वारंटीन किया गया है। अन्य दो डॉक्टरों में से एक की ड्यूटी ऑपरेशन और डिलिवरी जैसे कार्यों में रहती है। जबकि एक डॉक्टर की ड्यूटी इमरजेंसी सेवाओं के लिए समय-समय पर लगती रहती है। ऐसे में विभाग द्वारा काम चलाने के लिए दूसरे केंद्रों से डॉक्टरों को बुलाया जा रहा है।
सिविल सर्जन डॉक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के चलते थोड़ा समय लग रहा है। फिर भी अस्पताल में आने वाली हर महिला की जांच कर इलाज किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि महिलाओं को किसी प्रकार की दिक्कत न आए। महिलाओं की संख्या ज्यादा होने पर दूसरे केंद्रों से भी डॉक्टरों से सहायता ली जा रही है।