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कैथल की किन्नी सिंह बनीं आईएएस
ब्यूरो/अमर उजाला/ कैथल
Updated Sun, 15 Jun 2014 11:56 PM IST
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पटेल नगर निवासी किन्नी सिंह ने आईएएस की परीक्षा में देशभर में 206वां रैंक हासिल कर कैथल का नाम रोशन किया है। किन्नी ने अपने माता-पिता एवं सास और ससुर की प्रेरणा से परीक्षा की तैयारी की थी और तीसरे प्रयास में उसे यह सफलता मिली। किन्नी की सफलता पर पटेल नगर में जश्न का माहौल है।
नवोदय विद्यालय बघरा जिला मुजफ्फरनगर से 10वीं व 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद किन्नी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएचएमसी किया। किन्नी की इच्छा थी कि वह आईएएस बने और इसके लिए उनके पिता श्रीपाल सिंह ने शुरू से ही उसे प्रेरित किया। मानव विज्ञान विषय के साथ उसने आईएएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त की। किन्नी ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व 26 जून 2013 को उसकी शादी कैथल में शशी कुमार से हुई।
उसके पति बिजली विभाग में इंजीनियर हैं। किन्नी ने बताया कि उसके माता-पिता की तरह पति शशी सिंह, ससुर कबूल सिंह व सास रेशमा देवी ने उसे काफी प्रोत्साहित किया। कोचिंग के लिए उसे दिल्ली भी भेजा। किन्नी ने बताया कि इससे पहले भी उसने दो बार आईएएस की परीक्षा थी लेकिन दो बार वह प्री-परीक्षा पास नहीं कर पाई थी। इस बार आखिरकार उसे सफलता हाथ लगी और उसने 206वां रैंक हासिल किया।
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लड़कियों की बेहतरी के लिए काम करूंगी : किन्नी
किन्नी ने कहा है कि वह हमेशा ईमानदारी से काम करेंगी। समाज में लिंग अनुपात में सुधार के लिए वह प्रयासरत रहेंगी। उन्होंने कहा कि आज भी बहुत से गांवों में पीने का पानी, शौचालय और शिक्षा की हालत बहुत बदतर है। इस पर उनका फोकस है। इसके अलावा किन्नी ने कहा है कि हर माता पिता जैसे बेटियों की देखभाल करते हैं, उसी प्रकार अपनी बहुओं का भी ख्याल रखें। कुछ लोगों, जिनमें महिलाएं भी शमिल हैं, कि धारणाएं हैं कि शादी के बाद महिलाएं कुछ नहीं कर सकती हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसके लिए जरूरत है कि सास ससुर और उसके परिजन लड़की को प्रोत्साहित करें।
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नवोदय विद्यालय बघरा जिला मुजफ्फरनगर से 10वीं व 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद किन्नी ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएचएमसी किया। किन्नी की इच्छा थी कि वह आईएएस बने और इसके लिए उनके पिता श्रीपाल सिंह ने शुरू से ही उसे प्रेरित किया। मानव विज्ञान विषय के साथ उसने आईएएस की परीक्षा में सफलता प्राप्त की। किन्नी ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व 26 जून 2013 को उसकी शादी कैथल में शशी कुमार से हुई।
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उसके पति बिजली विभाग में इंजीनियर हैं। किन्नी ने बताया कि उसके माता-पिता की तरह पति शशी सिंह, ससुर कबूल सिंह व सास रेशमा देवी ने उसे काफी प्रोत्साहित किया। कोचिंग के लिए उसे दिल्ली भी भेजा। किन्नी ने बताया कि इससे पहले भी उसने दो बार आईएएस की परीक्षा थी लेकिन दो बार वह प्री-परीक्षा पास नहीं कर पाई थी। इस बार आखिरकार उसे सफलता हाथ लगी और उसने 206वां रैंक हासिल किया।
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लड़कियों की बेहतरी के लिए काम करूंगी : किन्नी
किन्नी ने कहा है कि वह हमेशा ईमानदारी से काम करेंगी। समाज में लिंग अनुपात में सुधार के लिए वह प्रयासरत रहेंगी। उन्होंने कहा कि आज भी बहुत से गांवों में पीने का पानी, शौचालय और शिक्षा की हालत बहुत बदतर है। इस पर उनका फोकस है। इसके अलावा किन्नी ने कहा है कि हर माता पिता जैसे बेटियों की देखभाल करते हैं, उसी प्रकार अपनी बहुओं का भी ख्याल रखें। कुछ लोगों, जिनमें महिलाएं भी शमिल हैं, कि धारणाएं हैं कि शादी के बाद महिलाएं कुछ नहीं कर सकती हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसके लिए जरूरत है कि सास ससुर और उसके परिजन लड़की को प्रोत्साहित करें।