{"_id":"14d81e7b6ab5b1945a72842bba15d63d","slug":"kaithal-news-hindi-news-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव भाटला में डबल सुसाइड मामलें में अनुसूचित आयोग पहुंचे परिजन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव भाटला में डबल सुसाइड मामलें में अनुसूचित आयोग पहुंचे परिजन
कैथल/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2015 11:57 PM IST
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गुहला-चीका। हिसार जिले की तहसील हांसी के गांव भाटला में हुए डबल सुसाइड मामले को लेकर मृतकों के परिजनों का एक शिष्ट मंडल रविवार को चीका में अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य चौ. ईश्वर सिंह को उनके निवास स्थान पर मिला और कार्रवाई की मांग की।
चौ. ईश्वर सिंह ने पीड़ित परिवारों के सदस्य व उनके साथ आए अन्य लोगों को आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच करवा उन्हें पूरा न्याय दिलाया जाएगा। मृतक गुरबचन के भाई गुरदीप सिंह ने आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह को बताया कि उसका भाई बरवाला के गांव खेदड में राजबीर की गाड़ी पर ड्राइवर था और चिकन सप्लाई किया जाता था।
गुरदीप ने बताया कि राजबीर व उसके पार्टनर रमेश उर्फ लीला ने मृतक गुरबचन को गांव अटेला जिला भिवानी से चिकन लाने के लिए 1 लाख 38 हजार रुपये देकर भेजा था। लेकिन गुरबचन जब अटेला पोल्ट्री फार्म के पास गया तो वहां पर कुछ लोगों ने उससे रुपये छीन लिए। जब गुरबचन ने रुपये छिनने की बात राजबीर, रमेश व राजकुमार को बताई तो वे कहने लगे कि उन्होंने तो पैसे तुम्हें दिए थे तेरे से ही रुपये वसूल करेंगे।
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परिजनों ने बताया कि आरोपियों ने पैसे वसूलने के लिए कई बार गुरबचन को धमकाया और उसे जातिगत गालियां दी। उन्होंने आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह को बताया कि गत 7 अक्तूबर को तीनों आरोपियों ने गुरबचन सिंह को मार कर साथ लगते गांव चैतन के खेतों में पेड़ से लटका दिया और उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। परिजनों के अनुसार जब उन्होंने खेतों में जाकर देख तो गुरबचन के घुटने खेत की मुंढेर पर टिके हुए थे और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे।
जब इस संबंध में हांसी सदर थाने में शिकायत दी गई तो पुलिस ने मामला तक दर्ज नहीं किया और उल्टे परिजनों के कुछ खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। परिजनों ने बताया कि पुलिस ने मृतक गुरबचन के चाचा बदन सिंह को भी हांसी बुलाकर धमकाया और सारे मामले में चुप रहने को कहा। पुलिस ने बदन सिंह को ना सिर्फ चुप रहने को कहा बल्कि उसे किसी झूठ मामले मं फंसाने की बात कह कर उस पर नाजायज दबाव भी बनाया। इसी दबाव के चलते बदन सिंह ने गत 24 अक्तूबर को आत्म हत्या कर ली और एक सुसाइड नोट भी लिख छोड़ा।
परिजनों ने बताया कि पुलिस ने इस सारे मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि बदले की भावना से कार्रवाई करते हुए छह परिजनों सहित उनके वकील व 30 अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके अलावा गांव रामगढ़ रोड, करा साहब, भूना व कैथल के लोग भी अपनी अपनी समस्याओं को लेकर आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह से मिले।
वर्जन...
गांव भाटला तहसील हांसी के मृतक गुरबचन व बदन सिंह के परिजन उनसे मिले थे। इस मामले में हिसार के डीसी व एसपी को नोटिस जारी कर अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में यह भी पूछा गया है कि मृतकों के परिजनों व मददगारों पर किस आधार पर मामला दर्ज किया गया। अगर पीड़ितों के मददगारों व निर्दोष परिजनों पर इसी प्रकार से मामले दर्ज होते रहे तो उनकी मदद के कौन आगे आएगा।
ईश्वर सिंह ,आयोग के सदस्य
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चौ. ईश्वर सिंह ने पीड़ित परिवारों के सदस्य व उनके साथ आए अन्य लोगों को आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच करवा उन्हें पूरा न्याय दिलाया जाएगा। मृतक गुरबचन के भाई गुरदीप सिंह ने आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह को बताया कि उसका भाई बरवाला के गांव खेदड में राजबीर की गाड़ी पर ड्राइवर था और चिकन सप्लाई किया जाता था।
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गुरदीप ने बताया कि राजबीर व उसके पार्टनर रमेश उर्फ लीला ने मृतक गुरबचन को गांव अटेला जिला भिवानी से चिकन लाने के लिए 1 लाख 38 हजार रुपये देकर भेजा था। लेकिन गुरबचन जब अटेला पोल्ट्री फार्म के पास गया तो वहां पर कुछ लोगों ने उससे रुपये छीन लिए। जब गुरबचन ने रुपये छिनने की बात राजबीर, रमेश व राजकुमार को बताई तो वे कहने लगे कि उन्होंने तो पैसे तुम्हें दिए थे तेरे से ही रुपये वसूल करेंगे।
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परिजनों ने बताया कि आरोपियों ने पैसे वसूलने के लिए कई बार गुरबचन को धमकाया और उसे जातिगत गालियां दी। उन्होंने आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह को बताया कि गत 7 अक्तूबर को तीनों आरोपियों ने गुरबचन सिंह को मार कर साथ लगते गांव चैतन के खेतों में पेड़ से लटका दिया और उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। परिजनों के अनुसार जब उन्होंने खेतों में जाकर देख तो गुरबचन के घुटने खेत की मुंढेर पर टिके हुए थे और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे।
जब इस संबंध में हांसी सदर थाने में शिकायत दी गई तो पुलिस ने मामला तक दर्ज नहीं किया और उल्टे परिजनों के कुछ खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए। परिजनों ने बताया कि पुलिस ने मृतक गुरबचन के चाचा बदन सिंह को भी हांसी बुलाकर धमकाया और सारे मामले में चुप रहने को कहा। पुलिस ने बदन सिंह को ना सिर्फ चुप रहने को कहा बल्कि उसे किसी झूठ मामले मं फंसाने की बात कह कर उस पर नाजायज दबाव भी बनाया। इसी दबाव के चलते बदन सिंह ने गत 24 अक्तूबर को आत्म हत्या कर ली और एक सुसाइड नोट भी लिख छोड़ा।
परिजनों ने बताया कि पुलिस ने इस सारे मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि बदले की भावना से कार्रवाई करते हुए छह परिजनों सहित उनके वकील व 30 अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके अलावा गांव रामगढ़ रोड, करा साहब, भूना व कैथल के लोग भी अपनी अपनी समस्याओं को लेकर आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह से मिले।
वर्जन...
गांव भाटला तहसील हांसी के मृतक गुरबचन व बदन सिंह के परिजन उनसे मिले थे। इस मामले में हिसार के डीसी व एसपी को नोटिस जारी कर अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में यह भी पूछा गया है कि मृतकों के परिजनों व मददगारों पर किस आधार पर मामला दर्ज किया गया। अगर पीड़ितों के मददगारों व निर्दोष परिजनों पर इसी प्रकार से मामले दर्ज होते रहे तो उनकी मदद के कौन आगे आएगा।
ईश्वर सिंह ,आयोग के सदस्य