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तीन घंटे धूप में मौन व्रत धारण किए बैठी रहीं छात्राएं
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Tue, 30 May 2017 12:06 AM IST
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छात्राओं ने पिहोवा चौक पर मौन धारण कर रोष प्रदर्शन किया।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दसवीं के खराब परीक्षा परिणाम को लेकर छात्राओं का रोष जारी है। सोमवार सुबह फिर छात्राओं ने पिहोवा चौक पर धरना शुरू कर दिया। छात्राओं ने पिहोवा चौक पर मौन धारण कर रोष प्रदर्शन किया। बाद में डीईओ द्वारा हस्तक्षेप करने के बाद डीसी के आश्वासन पर छात्राओं ने अपना सत्याग्रह स्थगित किया।
छात्राएं सुबह 9.40 बजे पिहोवा चौक पर धरने पर बैठ गई। जहां पर शहर थाना एसएचओ अशोक कुमार, सिविल लाइन थाना एसएचओ जसवंत सिंह ने छात्राओं से मामले का बातचीत से हल निकालने का आश्वासन दिया। लेकिन छात्राओं ने उनके सामने हाथ-जोड़ते हुए कुछ भी बोलने से मना कर दिया। तीन घंटे तक छात्राएं मौन व्रत धारण कर धूप में बैठी रहीं। करीब 12.40 बजे जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा व शहर थाना एसएचओ अशोक कुुमार पांच छात्राओं को लेकर डीसी के पास पहुंचे। जहां डीसी ने तीन छात्राओं के री-चेकिंग करवाने का आदेश जारी किया। साथ ही कहा कि यदि इन तीन छात्राओं का परीक्षा परिणाम बोर्ड की ओर से गलत निकला तो सभी की दोबारा से जांच करवा दी जाएगी। अगर तीनों छात्राओं के परीक्षा परिणाम में कोई फेरबदल नहीं होता है तो छात्राओं को फिर से कक्षा दसवीं में दाखिला दिलवा दिया जाएगा। डीसी के आश्वासन के बाद छात्राओं ने अपना मौन व्रत व धरना वापस ले लिया और आवेदन करने के लिए स्कूल चलीं गईं।
छात्राएं बोली- हम आश्वासन लेने नहीं आए, रोष प्रकट करने के लिए आए हैं
करीब तीन घंटे तक धरने पर बैठी छात्राओं ने किसी भी अधिकारी व पुलिस कर्मचारी से बात नहीं की। छात्राओं ने बताया कि उनको केवल गुमराह किया जा रहा है। कभी एक दिन तो कभी दो दिन का समय मांगा जा रहा है। वह स्कूल गई थीं। वहां सूचना मिली है उनका पेपर चेक नहीं हुआ है। केवल अवार्ड लिस्ट देकर फिर से उनको फेल कर दिया गया है। छात्राओं की मांग है कि उनके पेपर उनको दिखाए जाएं। उन्होंने कहा कि पेपर करने के लिए तीन घंटे का समय दिया जाता है वह केवल तीन घंटे में तीन ही नंबर के प्रश्न करके आई हैं?
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छात्राओं की धरने के सूचना पाकर जाम लगाने आए छात्र, पुलिस ने खदेड़ा
पिहोवा चौक पर जब छात्राओं को मौन धरना चल रहा था। तभी करीब साढ़े 11 बजे 20 से 25 स्कूली छात्र नारेबाजी करते हुए पिहोवा चौक पर आए। लेकिन पुलिस ने छात्रों पर हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें वहां से खदेड़ दिया। छात्र फलों व सब्जियों की रेहड़ियों के पीछे से निकलकर मौके से फरार हो गए। वहीं पुलिस ने महिला थाना से भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया और छात्राओं को हिदायत दे डाली कि यदि जाम लगाया तो पुलिस कार्रवाई करेगी।
जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा ने बताया कि बोर्ड सेक्रेट्री से बातचीत करके छात्राओं की समस्या को बताया गया था। जिस पर स्कूल से दो अध्यापकों को बोर्ड भेजा गया। जहां पर छात्राओं के अवार्ड लिस्ट का चेक किया गया है। परिणामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
डिप्टी डीईओ शमशेर सिरोही ने बताया कि डीसी के बातचीत के बाद दो छात्राओं को री-चेकिंग फार्म भरवा दिए गए हैं। बोर्ड ने करीब 10 छात्राओं के पेपर निकाल कर चेक किए हैं। लेकिन अंकों में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। ऐसे में फेल हुए विद्यार्थियों को फिर से दसवीं में दाखिला लेने के लिए कहा गया और जिसको कोई समस्या है उन्हें री-चेकिंग करवाने के लिए सलाह दी गई है।
छात्रा ने दी जान देने की चेतावनी
धरने के बाद स्कूल में पहुंची एक छात्रा ने स्कूल प्रांगण में पुलिस व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में जांच सही न होने पर जान देने की चेतावनी दी और गले में चुन्नी डाल कसने की कोशिश की। जिस पर शहर थाना प्रभारी अशोक कुमार ने छात्रा के गले से चुन्नी को हटाते हुए उसे अपने साथ ले गए।
शहर थाना एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि छात्रा के परिजनों को समझाया गया है कि फेल होना कोई बड़ी समस्या नहीं है। छात्रा को हौसला बढ़ाते हुए स्कूल में अच्छी पढ़ाई करवाएं।
जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा ने बताया कि एक छात्रा ने स्कूल में गले में चुन्नी लगा ली थी। मौके पर परिजनों को बुलाया गया है। जिसमें उनको जागरूक किया गया है कि छात्रा को हौसला बढ़ाए। इस प्रकार का कदम सही नहीं है।
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छात्राएं सुबह 9.40 बजे पिहोवा चौक पर धरने पर बैठ गई। जहां पर शहर थाना एसएचओ अशोक कुमार, सिविल लाइन थाना एसएचओ जसवंत सिंह ने छात्राओं से मामले का बातचीत से हल निकालने का आश्वासन दिया। लेकिन छात्राओं ने उनके सामने हाथ-जोड़ते हुए कुछ भी बोलने से मना कर दिया। तीन घंटे तक छात्राएं मौन व्रत धारण कर धूप में बैठी रहीं। करीब 12.40 बजे जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा व शहर थाना एसएचओ अशोक कुुमार पांच छात्राओं को लेकर डीसी के पास पहुंचे। जहां डीसी ने तीन छात्राओं के री-चेकिंग करवाने का आदेश जारी किया। साथ ही कहा कि यदि इन तीन छात्राओं का परीक्षा परिणाम बोर्ड की ओर से गलत निकला तो सभी की दोबारा से जांच करवा दी जाएगी। अगर तीनों छात्राओं के परीक्षा परिणाम में कोई फेरबदल नहीं होता है तो छात्राओं को फिर से कक्षा दसवीं में दाखिला दिलवा दिया जाएगा। डीसी के आश्वासन के बाद छात्राओं ने अपना मौन व्रत व धरना वापस ले लिया और आवेदन करने के लिए स्कूल चलीं गईं।
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छात्राएं बोली- हम आश्वासन लेने नहीं आए, रोष प्रकट करने के लिए आए हैं
करीब तीन घंटे तक धरने पर बैठी छात्राओं ने किसी भी अधिकारी व पुलिस कर्मचारी से बात नहीं की। छात्राओं ने बताया कि उनको केवल गुमराह किया जा रहा है। कभी एक दिन तो कभी दो दिन का समय मांगा जा रहा है। वह स्कूल गई थीं। वहां सूचना मिली है उनका पेपर चेक नहीं हुआ है। केवल अवार्ड लिस्ट देकर फिर से उनको फेल कर दिया गया है। छात्राओं की मांग है कि उनके पेपर उनको दिखाए जाएं। उन्होंने कहा कि पेपर करने के लिए तीन घंटे का समय दिया जाता है वह केवल तीन घंटे में तीन ही नंबर के प्रश्न करके आई हैं?
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छात्राओं की धरने के सूचना पाकर जाम लगाने आए छात्र, पुलिस ने खदेड़ा
पिहोवा चौक पर जब छात्राओं को मौन धरना चल रहा था। तभी करीब साढ़े 11 बजे 20 से 25 स्कूली छात्र नारेबाजी करते हुए पिहोवा चौक पर आए। लेकिन पुलिस ने छात्रों पर हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें वहां से खदेड़ दिया। छात्र फलों व सब्जियों की रेहड़ियों के पीछे से निकलकर मौके से फरार हो गए। वहीं पुलिस ने महिला थाना से भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया और छात्राओं को हिदायत दे डाली कि यदि जाम लगाया तो पुलिस कार्रवाई करेगी।
जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा ने बताया कि बोर्ड सेक्रेट्री से बातचीत करके छात्राओं की समस्या को बताया गया था। जिस पर स्कूल से दो अध्यापकों को बोर्ड भेजा गया। जहां पर छात्राओं के अवार्ड लिस्ट का चेक किया गया है। परिणामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
डिप्टी डीईओ शमशेर सिरोही ने बताया कि डीसी के बातचीत के बाद दो छात्राओं को री-चेकिंग फार्म भरवा दिए गए हैं। बोर्ड ने करीब 10 छात्राओं के पेपर निकाल कर चेक किए हैं। लेकिन अंकों में कोई बदलाव नहीं हो रहा है। ऐसे में फेल हुए विद्यार्थियों को फिर से दसवीं में दाखिला लेने के लिए कहा गया और जिसको कोई समस्या है उन्हें री-चेकिंग करवाने के लिए सलाह दी गई है।
छात्रा ने दी जान देने की चेतावनी
धरने के बाद स्कूल में पहुंची एक छात्रा ने स्कूल प्रांगण में पुलिस व शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में जांच सही न होने पर जान देने की चेतावनी दी और गले में चुन्नी डाल कसने की कोशिश की। जिस पर शहर थाना प्रभारी अशोक कुमार ने छात्रा के गले से चुन्नी को हटाते हुए उसे अपने साथ ले गए।
शहर थाना एसएचओ अशोक कुमार ने बताया कि छात्रा के परिजनों को समझाया गया है कि फेल होना कोई बड़ी समस्या नहीं है। छात्रा को हौसला बढ़ाते हुए स्कूल में अच्छी पढ़ाई करवाएं।
जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा ने बताया कि एक छात्रा ने स्कूल में गले में चुन्नी लगा ली थी। मौके पर परिजनों को बुलाया गया है। जिसमें उनको जागरूक किया गया है कि छात्रा को हौसला बढ़ाए। इस प्रकार का कदम सही नहीं है।