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बिना अनुमति के देवबन कैंची चौक पर ही धरना जारी, आरएएफ और पुलिस तितरम थाने में रही तैनात
ब्यूरो कैथल
Updated Tue, 31 Jan 2017 12:31 AM IST
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जारी रहेगा आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर जाटों का धरना दूसरे दिन भी बिना किसी अनुमति के देवबन कैंची चौक पर जारी रहा। रेपिड एक्शन फोर्स व पुलिस के जवान थाना तितरम के बाहर तैनात रहे। वहीं दिल्ली से आए समिति के पदाधिकारियों ने धरने में भाग लिया। समिति सदस्यों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। शहर में पदमा सिटी मॉल सहित कई चौक-चौराहों पर पुलिस कर्मचारी तैनात नजर आए।
बता दें कि अपनी मांगों को लेकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रविवार से देवबन कैंची चौक पर धरना शुरू किया था। प्रशासन की मौखिक सहमति के बाद शाम के समय डीसी ने सहमति की बात से इंकार कर दिया था। इसके बाद समिति सदस्यों को देर शाम मुख्य मार्ग से 500 मीटर पीछे हटाने के लिए भी कहा गया। लेकिन जाट आरक्षण संघर्ष समिति इसके लिए राजी नहीं है।
सोमवार सुबह नौ बजे समिति के संयोजक बलवान कोटड़ा व जिला प्रधान प्रवीण किच्छाना की अगुवाई में फिर से धरना शुरू हुआ। दोपहर के समय दिल्ली से पहुंचे समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुमेर गहलोत, सचिव निशा चौधरी व राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहताश हुड्डा ने धरने में शिरकत की। यहां मीडिया से बातचीत में राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहताश हुड्डा ने कहा कि जाटों के साथ मंडल कमीशन के समय से ही अन्याय किया जा रहा है। सभी किसान जातियों को आरक्षण मिला हुआ है। उनकी मांग है कि हरियाणा में भी आरक्षण दिया जाए। पिछले आंदोलन के शहीद हुए युवाओं के परिवारों में से पात्र लोगों को नौकरी, घायलों को मुआवजा, सांसद राजकुमार सैनी, रोशन लाल आर्य की बयानबाजी पर रोक सहित आरक्षण दिया जाए। प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। जिस कारण लोगों में उत्तेजना आ जाती है। उत्तेजना से माहौल खराब होता है। उन्होंने कहा कि 2 फरवरी से दिल्ली व यूपी में धरनों की शुरुआत की जाएगी।
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इसके बाद 12 फरवरी से दिल्ली में सड़क जाम करने का आंदोलन शुरू होगा। उन्होंने कहा कि पहली बार विधानसभा मेें पहुंचे सीएम कमजोर हैं। जिस कारण सरकार प्रदेश में जात-पाति का जहर घोलकर 36 बिरादरी को लड़वाना चाहती है। जबकि 36 बिरादरी का साथ जाटों को मिल रहा है। राष्ट्रीय सचिव निशा चौधरी ने कहा कि सरकार अपने षड्यंत्र में कभी कामयाब नहीं होगी। कुछ दलालों के माध्यम से समाज को पीछे हटाना चाहती है। 50 अर्ध सैनिक बलों का खर्च सरकार उठा रही है। लेकिन प्रदेश के जरूरतमंद लोगों पर पैसा खर्च नहीं करेगी।
वहीं धरने को संबोधित करते हुए भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि आरक्षण जाट समाज का हक है। इसे डंके की चोट पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धरने में शामिल लोग शांति बनाए रखें। सरकार आरक्षण भी देगी और समाज की एकता के आगे धराशायी भी होगी।
जिला संयोजक बलवान सिंह कोटड़ा ने कहा कि समिति द्वारा शांतिपूर्वक धरना दिया जा रहा है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, कानून का पालन करते हुए शांतिपूर्वक धरना जारी रहेगा। धरनास्थल पर ही सर छोटू राम जयंती मनाई जाएगी। जिसमें समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक भी भाग लेंगे। सोमवार को धरने में महेंद्र सिंह रोड प्रधान रोड सभा, रणवीर आर्य, जौली गांव के पूर्व सरपंच इशम सिंह रोड ने भी समर्थन दिया।
जिला प्रधान प्रवीण किच्छाना ने कहा कि अनुमति के बारे में प्रशासन के साथ रविवार के बाद कोई बैठक नहीं हुई। धरने को 500 मीटर पीछे हटाने के लिए जरूर कहा गया था। लेकिन समाज की अनुमति से दिया जा रहा धरना यहीं देवबन कैंची चौक पर जारी रहेगा। धरने में महिलाओं ने भी भाग लिया।
दूसरी ओर डीसी संजय जून ने कहा कि धरना अवैध है। यहां धरने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन द्वारा उपयुक्त समय पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
धरनास्थल के 5 किलोमीटर एरिया में शराब के ठेके और दुकानें बंद करने के आदेश
जिलाधीश संजय जून ने धरनास्थल के पांच किलोमीटर की परिधि में स्थित सभी शराब के ठेके एवं दुकानें तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश द्वारा ये आदेश पंजाब आबकारी अधिनियम 1914 की धारा 54 के तहत जारी किए गए हैं, जो आगामी आदेशों तक जारी रहेंगे। यह आदेश जाट आरक्षण धरना प्रदर्शन के दौरान समाज विरोधी तत्वों द्वारा कानून व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने की आशंका के मद्देनजर जारी किए गए हैं। इस अधिनियम को हरियाणा राज्य द्वारा लागू किया गया है। इन आदेशों की पालन उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त आबकारी सुनिश्चित करेंगे।
अधिकारियों को गांवों में स्थिति का जायजा लेने के आदेश दिए
सीटीएम विरेंद्र सांगवान ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दृष्टिगत प्रशासन व पुलिस के अधिकारी क्षेत्र के गांव में जाकर कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लें तथा संवेशदनशील क्षेत्रों का दौरा करके कानून व्यवस्था से संबंधित सूचनाएं अपडेट करें। विरेंद्र सांगवान सोमवार को अपने कार्यालय में अधिकारियों की बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जाकर ऐसे तत्वों पर विशेष नजर रखें, जो दूसरों को उकसाते हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान ग्राम सचिव पटवारी से संपर्क करके सूचनातंत्र को मजबूत करें तथा आसपास के क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखें।
बाहरी व्यक्ति के बहकावे में न आए जाट समाज के लोग: बड़सीकरी
एक ओर जहां जाट समाज के लोग आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे है वहीं अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा आरक्षण आंदोलन से दूरी बनाकर रखने की समाज के लोगों से अपील की जा रही है। अखिल भारतीय जाट महासभा के जिलाध्यक्ष सुभाष बड़सीकरी ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर आंदोलन में भाग ना लेने की अपील की। बड़सीकरी ने समाज के लोगों सेे कहा कि जो व्यक्ति प्रदेश की संस्कृति व सभ्यता को नहीं जानता तथा जिसे आपसी भाईचारे की जानकारी ही न हो ऐसा व्यक्ति कभी भी समाज के हित में कार्य नहीं कर सकता। उसके बहकावे में ना आएं। गत वर्ष फरवरी माह में जिस प्रकार प्रदेश में आपसी भाईचारा बिगड़ा उसके जख्म अभी तक भी हरे हैं। कुछ जाट नेता समाज के नाम पर अपनी रोटियां सेकने का कार्य कर रहे हैं, जिसे जाट समाज द्वारा नकार देना चाहिए। आरक्षण का मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की पैरवी के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है, अच्छे अधिवक्ता मामले की पैरवी कर रहे हैं। उम्मीद ही नहीं विश्वास है कि फैसला भी जाट समाज के हित में ही आएगा। इस अवसर पर उनके साथ गोपी राम, बीराराम, बलबीर सिंह व मल्लू भी मौजूद रहे।
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बता दें कि अपनी मांगों को लेकर जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रविवार से देवबन कैंची चौक पर धरना शुरू किया था। प्रशासन की मौखिक सहमति के बाद शाम के समय डीसी ने सहमति की बात से इंकार कर दिया था। इसके बाद समिति सदस्यों को देर शाम मुख्य मार्ग से 500 मीटर पीछे हटाने के लिए भी कहा गया। लेकिन जाट आरक्षण संघर्ष समिति इसके लिए राजी नहीं है।
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सोमवार सुबह नौ बजे समिति के संयोजक बलवान कोटड़ा व जिला प्रधान प्रवीण किच्छाना की अगुवाई में फिर से धरना शुरू हुआ। दोपहर के समय दिल्ली से पहुंचे समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुमेर गहलोत, सचिव निशा चौधरी व राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहताश हुड्डा ने धरने में शिरकत की। यहां मीडिया से बातचीत में राष्ट्रीय प्रवक्ता रोहताश हुड्डा ने कहा कि जाटों के साथ मंडल कमीशन के समय से ही अन्याय किया जा रहा है। सभी किसान जातियों को आरक्षण मिला हुआ है। उनकी मांग है कि हरियाणा में भी आरक्षण दिया जाए। पिछले आंदोलन के शहीद हुए युवाओं के परिवारों में से पात्र लोगों को नौकरी, घायलों को मुआवजा, सांसद राजकुमार सैनी, रोशन लाल आर्य की बयानबाजी पर रोक सहित आरक्षण दिया जाए। प्रदेश में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। जिस कारण लोगों में उत्तेजना आ जाती है। उत्तेजना से माहौल खराब होता है। उन्होंने कहा कि 2 फरवरी से दिल्ली व यूपी में धरनों की शुरुआत की जाएगी।
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इसके बाद 12 फरवरी से दिल्ली में सड़क जाम करने का आंदोलन शुरू होगा। उन्होंने कहा कि पहली बार विधानसभा मेें पहुंचे सीएम कमजोर हैं। जिस कारण सरकार प्रदेश में जात-पाति का जहर घोलकर 36 बिरादरी को लड़वाना चाहती है। जबकि 36 बिरादरी का साथ जाटों को मिल रहा है। राष्ट्रीय सचिव निशा चौधरी ने कहा कि सरकार अपने षड्यंत्र में कभी कामयाब नहीं होगी। कुछ दलालों के माध्यम से समाज को पीछे हटाना चाहती है। 50 अर्ध सैनिक बलों का खर्च सरकार उठा रही है। लेकिन प्रदेश के जरूरतमंद लोगों पर पैसा खर्च नहीं करेगी।
वहीं धरने को संबोधित करते हुए भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि आरक्षण जाट समाज का हक है। इसे डंके की चोट पर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि धरने में शामिल लोग शांति बनाए रखें। सरकार आरक्षण भी देगी और समाज की एकता के आगे धराशायी भी होगी।
जिला संयोजक बलवान सिंह कोटड़ा ने कहा कि समिति द्वारा शांतिपूर्वक धरना दिया जा रहा है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, कानून का पालन करते हुए शांतिपूर्वक धरना जारी रहेगा। धरनास्थल पर ही सर छोटू राम जयंती मनाई जाएगी। जिसमें समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक भी भाग लेंगे। सोमवार को धरने में महेंद्र सिंह रोड प्रधान रोड सभा, रणवीर आर्य, जौली गांव के पूर्व सरपंच इशम सिंह रोड ने भी समर्थन दिया।
जिला प्रधान प्रवीण किच्छाना ने कहा कि अनुमति के बारे में प्रशासन के साथ रविवार के बाद कोई बैठक नहीं हुई। धरने को 500 मीटर पीछे हटाने के लिए जरूर कहा गया था। लेकिन समाज की अनुमति से दिया जा रहा धरना यहीं देवबन कैंची चौक पर जारी रहेगा। धरने में महिलाओं ने भी भाग लिया।
दूसरी ओर डीसी संजय जून ने कहा कि धरना अवैध है। यहां धरने की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन द्वारा उपयुक्त समय पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
धरनास्थल के 5 किलोमीटर एरिया में शराब के ठेके और दुकानें बंद करने के आदेश
जिलाधीश संजय जून ने धरनास्थल के पांच किलोमीटर की परिधि में स्थित सभी शराब के ठेके एवं दुकानें तुरंत प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश द्वारा ये आदेश पंजाब आबकारी अधिनियम 1914 की धारा 54 के तहत जारी किए गए हैं, जो आगामी आदेशों तक जारी रहेंगे। यह आदेश जाट आरक्षण धरना प्रदर्शन के दौरान समाज विरोधी तत्वों द्वारा कानून व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने की आशंका के मद्देनजर जारी किए गए हैं। इस अधिनियम को हरियाणा राज्य द्वारा लागू किया गया है। इन आदेशों की पालन उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त आबकारी सुनिश्चित करेंगे।
अधिकारियों को गांवों में स्थिति का जायजा लेने के आदेश दिए
सीटीएम विरेंद्र सांगवान ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दृष्टिगत प्रशासन व पुलिस के अधिकारी क्षेत्र के गांव में जाकर कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लें तथा संवेशदनशील क्षेत्रों का दौरा करके कानून व्यवस्था से संबंधित सूचनाएं अपडेट करें। विरेंद्र सांगवान सोमवार को अपने कार्यालय में अधिकारियों की बैठक में आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जाकर ऐसे तत्वों पर विशेष नजर रखें, जो दूसरों को उकसाते हैं। उन्होंने कहा कि इस दौरान ग्राम सचिव पटवारी से संपर्क करके सूचनातंत्र को मजबूत करें तथा आसपास के क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखें।
बाहरी व्यक्ति के बहकावे में न आए जाट समाज के लोग: बड़सीकरी
एक ओर जहां जाट समाज के लोग आरक्षण व अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे है वहीं अखिल भारतीय जाट महासभा द्वारा आरक्षण आंदोलन से दूरी बनाकर रखने की समाज के लोगों से अपील की जा रही है। अखिल भारतीय जाट महासभा के जिलाध्यक्ष सुभाष बड़सीकरी ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा कर आंदोलन में भाग ना लेने की अपील की। बड़सीकरी ने समाज के लोगों सेे कहा कि जो व्यक्ति प्रदेश की संस्कृति व सभ्यता को नहीं जानता तथा जिसे आपसी भाईचारे की जानकारी ही न हो ऐसा व्यक्ति कभी भी समाज के हित में कार्य नहीं कर सकता। उसके बहकावे में ना आएं। गत वर्ष फरवरी माह में जिस प्रकार प्रदेश में आपसी भाईचारा बिगड़ा उसके जख्म अभी तक भी हरे हैं। कुछ जाट नेता समाज के नाम पर अपनी रोटियां सेकने का कार्य कर रहे हैं, जिसे जाट समाज द्वारा नकार देना चाहिए। आरक्षण का मामला माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की पैरवी के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है, अच्छे अधिवक्ता मामले की पैरवी कर रहे हैं। उम्मीद ही नहीं विश्वास है कि फैसला भी जाट समाज के हित में ही आएगा। इस अवसर पर उनके साथ गोपी राम, बीराराम, बलबीर सिंह व मल्लू भी मौजूद रहे।