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22 को माना घायल, रातों रात बांटे 10 लाख
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Tue, 21 Feb 2017 12:26 AM IST
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23वें दिन भी जारी रहा धरना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सरकार के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने पिछले साल 19, 20 व 21 फरवरी को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव में 22 लोगों को घायल मानते हुए 10 लाख रुपये का मुआवजा बांट दिया। अधिकारियों ने रातों-रात जाकर इन लोगों के घर पर मुआवजा राशि के चेक वितरित किए। वहीं एक व्यक्ति ने मुआवजा लेने से इंकार कर दिया तो एक व्यक्ति का पता कंफर्म नहीं हो पाया।
मिली जानकारी के अनुसार कुल 24 लोगों को घायल की श्रेणी में रखते हुए पीड़ित माना गया है। जिसमें से 19 कलायत, 4 पूंडरी तो 1 कैथल से है। यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से दी गई और दोनों हलकों में एसडीएम के माध्यम से राशि के चेक वितरित करवाए गए हैं।
-- इन्हें मिले 50 हजार रुपये
अजमेर पुत्र बाबूराम निवासी कलायत, अजमेर पुत्र मांगाराम कलायत, चंद्रभान पुत्र रामनाथ पूंडरी, गुरुदेव पुत्र छोटूराम पाई, जगमाल पुत्र ललाराम कलायत, जरनैल पुत्र करतार नरड़, राहुल पुत्र धर्मबीर कलायत, राजकुमार पुत्र अंतू कलायत, रोशनलाल पुत्र यशपाल कलायत, शमशेर पुत्र बाबूराम कलायत, सुभाष पुत्र बलवान कलायत, सुनील पुत्र देवा सिंह फतेहपुर, सुरताराम कलायत, सुरेश पुत्र रामप्रताप कलायत,
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--इन्हें मिले 25 हजार रुपये
बृजलाल पुत्र देशराज कलायत, सतपाल पुत्र दरियाराम कुराड़, अमन पुत्र शेर सिंह कलायत, संजीव पुत्र रणजीत कलायत, शेखर पुत्र राजबीर कलायत, विरेंद्र पुत्र शीषपाल कलायत, रोहताश पुत्र फूला कलायत, रोहताश पुत्र धूम सिंह पाड़ला
सूत्रों ने बताया कि शीशपाल पुत्र बीटू निवासी कलायत का नाम घायल होने वालों की सूची में है और सरकार ने उसके नाम पर भी 50 हजार रुपये जारी किए हैं। उसका पता सत्यापित नहीं हो पाया।
राजकिशन पुत्र श्रीचंद निवासी पिंजूपुरा का नाम भी घायलों की सूची में है और उनके नाम पर भी 50 हजार रुपये सरकार की तरफ से आए हैं, लेकिन राजकिशन ने यह कहते हुए चेक लेने से मना कर दिया है कि न तो उसे आरक्षण के दौरान चोट लगी थी और न ही वह आरक्षण आंदोलन में शामिल था।
पानीपत में हुई सरकार के साथ बातचीत में शामिल होने के लिए पानीपत पहुंचे बलवान कोटड़ा और प्रवीण किच्छाना
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा देवबन कैंची चौक पर दिया जा रहा धरना 23 वें दिन भी जारी रहा। समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय जागलान व भरत सिंह बैनीवाल ने देवबन कैंची चौक पर धरने को संबोधित करते हुए कहा कि अगर यशपाल मलिक प्रदेश की विपक्षी पार्टियों के हाथों में खेल रहे हैं, तो स्वयंभू नेता, सुरेंद्र दहिया, हवासिंह, नफे सिंह नैन, ओमप्रकाश मान, अशोक मलिक मेदान, सुबे सिंह समैण, धर्मपाल छौत, भगत सिंह दलाल और टेकराम कंडेला किस के हाथों में खेल रहे हैं। वे जनता को यह जवाब दें कि कौम पर खतरा मंडरा रहा है और स्वयंभू नेता बिलों मे घुसकर सरकार की भाषा बोल रहे हैं।
मा. अजमेर सिंह हरसौला व पूर्ण सरपंच मियां सिंह जाजनपूर ने कविता जैन की उस टिप्पणी की निंदा की, जिसमें उन्होंने यशपाल मलिक पर आरोप लगाया है कि वो प्रदेश के हालात बिगाड़ना चाहते हैं। 19 फरवरी को बलिदान दिवस पर जो निर्णय समिति ने लिया है जिला कैथल के लोगों ने उनको लागू करवाने को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। पंचों, सरपंचों, पार्षदों और चेयरमैन से इस्तीफे लिखवाने शुरू कर दिए हैं। बिजली बिल व बैंकों के लोन अब नहीं भरेंगे।
वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटडा, जिलाध्यक्ष प्रवीण किच्छाना, दलबीर चहल, रत्न चंदाना व पूर्व सरपंच ओमप्रकाश जुलानी खेडा पानीपत मिंटिग में शामिल हुए। इस दौरान जाट नेता शिशराम बालू, रामस्वरप पूर्व सरंपच देवबन, सोनू बांगड, राजा कसान, जोगिंद्र कसान, प्रेम सिंह, मलिक, रतन सिंह चंदाना, मा. आभेराम, बनी सिंह संधु, मा. रामकला बिढाण, होशियार सिंह, पंजाब, सुरजीत सिंह बैनीवाल, राजमेहर ढुल पाई, लीलू पाई, गुरनाम सहारण-खरंक, अमरनाथ पूर्व सरपंच नरड़, रणधीर सिंह किच्छाना, सुभाष मटौर व बलू गुलियाणा ने भी संबोधित किया।
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मिली जानकारी के अनुसार कुल 24 लोगों को घायल की श्रेणी में रखते हुए पीड़ित माना गया है। जिसमें से 19 कलायत, 4 पूंडरी तो 1 कैथल से है। यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष से दी गई और दोनों हलकों में एसडीएम के माध्यम से राशि के चेक वितरित करवाए गए हैं।
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-- इन्हें मिले 50 हजार रुपये
अजमेर पुत्र बाबूराम निवासी कलायत, अजमेर पुत्र मांगाराम कलायत, चंद्रभान पुत्र रामनाथ पूंडरी, गुरुदेव पुत्र छोटूराम पाई, जगमाल पुत्र ललाराम कलायत, जरनैल पुत्र करतार नरड़, राहुल पुत्र धर्मबीर कलायत, राजकुमार पुत्र अंतू कलायत, रोशनलाल पुत्र यशपाल कलायत, शमशेर पुत्र बाबूराम कलायत, सुभाष पुत्र बलवान कलायत, सुनील पुत्र देवा सिंह फतेहपुर, सुरताराम कलायत, सुरेश पुत्र रामप्रताप कलायत,
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--इन्हें मिले 25 हजार रुपये
बृजलाल पुत्र देशराज कलायत, सतपाल पुत्र दरियाराम कुराड़, अमन पुत्र शेर सिंह कलायत, संजीव पुत्र रणजीत कलायत, शेखर पुत्र राजबीर कलायत, विरेंद्र पुत्र शीषपाल कलायत, रोहताश पुत्र फूला कलायत, रोहताश पुत्र धूम सिंह पाड़ला
सूत्रों ने बताया कि शीशपाल पुत्र बीटू निवासी कलायत का नाम घायल होने वालों की सूची में है और सरकार ने उसके नाम पर भी 50 हजार रुपये जारी किए हैं। उसका पता सत्यापित नहीं हो पाया।
राजकिशन पुत्र श्रीचंद निवासी पिंजूपुरा का नाम भी घायलों की सूची में है और उनके नाम पर भी 50 हजार रुपये सरकार की तरफ से आए हैं, लेकिन राजकिशन ने यह कहते हुए चेक लेने से मना कर दिया है कि न तो उसे आरक्षण के दौरान चोट लगी थी और न ही वह आरक्षण आंदोलन में शामिल था।
पानीपत में हुई सरकार के साथ बातचीत में शामिल होने के लिए पानीपत पहुंचे बलवान कोटड़ा और प्रवीण किच्छाना
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा देवबन कैंची चौक पर दिया जा रहा धरना 23 वें दिन भी जारी रहा। समिति के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय जागलान व भरत सिंह बैनीवाल ने देवबन कैंची चौक पर धरने को संबोधित करते हुए कहा कि अगर यशपाल मलिक प्रदेश की विपक्षी पार्टियों के हाथों में खेल रहे हैं, तो स्वयंभू नेता, सुरेंद्र दहिया, हवासिंह, नफे सिंह नैन, ओमप्रकाश मान, अशोक मलिक मेदान, सुबे सिंह समैण, धर्मपाल छौत, भगत सिंह दलाल और टेकराम कंडेला किस के हाथों में खेल रहे हैं। वे जनता को यह जवाब दें कि कौम पर खतरा मंडरा रहा है और स्वयंभू नेता बिलों मे घुसकर सरकार की भाषा बोल रहे हैं।
मा. अजमेर सिंह हरसौला व पूर्ण सरपंच मियां सिंह जाजनपूर ने कविता जैन की उस टिप्पणी की निंदा की, जिसमें उन्होंने यशपाल मलिक पर आरोप लगाया है कि वो प्रदेश के हालात बिगाड़ना चाहते हैं। 19 फरवरी को बलिदान दिवस पर जो निर्णय समिति ने लिया है जिला कैथल के लोगों ने उनको लागू करवाने को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। पंचों, सरपंचों, पार्षदों और चेयरमैन से इस्तीफे लिखवाने शुरू कर दिए हैं। बिजली बिल व बैंकों के लोन अब नहीं भरेंगे।
वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटडा, जिलाध्यक्ष प्रवीण किच्छाना, दलबीर चहल, रत्न चंदाना व पूर्व सरपंच ओमप्रकाश जुलानी खेडा पानीपत मिंटिग में शामिल हुए। इस दौरान जाट नेता शिशराम बालू, रामस्वरप पूर्व सरंपच देवबन, सोनू बांगड, राजा कसान, जोगिंद्र कसान, प्रेम सिंह, मलिक, रतन सिंह चंदाना, मा. आभेराम, बनी सिंह संधु, मा. रामकला बिढाण, होशियार सिंह, पंजाब, सुरजीत सिंह बैनीवाल, राजमेहर ढुल पाई, लीलू पाई, गुरनाम सहारण-खरंक, अमरनाथ पूर्व सरपंच नरड़, रणधीर सिंह किच्छाना, सुभाष मटौर व बलू गुलियाणा ने भी संबोधित किया।