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Kaithal News: आईएसआई ने सोशल मीडिया पर फैला रखा है हसीनाओं का जाल
Sat, 17 May 2025 12:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 17 May 2025 12:34 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने सोशल मीडिया पर भी हसीनाओं का जाल फैला रखा है। यह हनी ट्रैप भारतीय युवाओं को फंसाकर जासूसी कराने के लिए है। कई लोग इसमें फंस चुके हैं। इनमें डीआरडीओ और विदेश मंत्रालय के कर्मचारी भी हैं।
कैथल के देवेंद्र सिंह को हनी ट्रैप में ही फंसाया गया। हालांकि, यह हनी ट्रैप सोशल मीडिया पर नहीं था, लेकिन फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईएसआई के एजेंटों ने कई अकाउंट बना रखे हैं। इसे एक केस से समझा जा सकता है। दो महीने पहले आगरा का निवासी रविंद्र सिंह ऐसे ही जाल में फंसा था। वह फिरोजाबाद आयुध निर्माण फैक्टरी का कर्मचारी था। उससे नेहा शर्मा नाम से पाकिस्तानी एजेंट ने फेसबुक पर दोस्ती के लिए अनुरोध किया था। वह समझ नहीं पाया कि अनुरोध आईएसआई के एजेंट का है। नेहा नाम से एजेंट उसे रोज एक तस्वीर और 25 मैसेज भेजती थी।
तीन साल पहले विदेश मंत्रालय में गाड़ी चलाने का काम करने वाले एक युवक को आईएसआई ने अपना एजेंट बनाया था। वह भी सोशल मीडिया पर खूबसूरत लड़की समझकर एजेंट से दोस्ती कर बैठा था। ऐसे और भी मामले हैं। खुफिया एजेंसियों की ओर से इसके लिए कई बार सैन्य कर्मचारियों को आगाह भी किया गया है।
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आईएसआई के एजेंट फर्जी नाम से खूसबूरत लड़कियों के फोटो सोशल मीडिया पर डालते रहते है। जो भी इनमें दिलचस्पी दिखाता है, उससे दोस्ती का अनुरोध ( फ्रेंड रिक्वेस्ट ) भेज दी जाती है। इसके बाद उससे आईएसआई की महिला एजेंट फोन पर बात करती हैं और बातों ही बातों में उसे जासूसी के लिए तैयार कर लेती हैं।
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कैथल। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने सोशल मीडिया पर भी हसीनाओं का जाल फैला रखा है। यह हनी ट्रैप भारतीय युवाओं को फंसाकर जासूसी कराने के लिए है। कई लोग इसमें फंस चुके हैं। इनमें डीआरडीओ और विदेश मंत्रालय के कर्मचारी भी हैं।
कैथल के देवेंद्र सिंह को हनी ट्रैप में ही फंसाया गया। हालांकि, यह हनी ट्रैप सोशल मीडिया पर नहीं था, लेकिन फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईएसआई के एजेंटों ने कई अकाउंट बना रखे हैं। इसे एक केस से समझा जा सकता है। दो महीने पहले आगरा का निवासी रविंद्र सिंह ऐसे ही जाल में फंसा था। वह फिरोजाबाद आयुध निर्माण फैक्टरी का कर्मचारी था। उससे नेहा शर्मा नाम से पाकिस्तानी एजेंट ने फेसबुक पर दोस्ती के लिए अनुरोध किया था। वह समझ नहीं पाया कि अनुरोध आईएसआई के एजेंट का है। नेहा नाम से एजेंट उसे रोज एक तस्वीर और 25 मैसेज भेजती थी।
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तीन साल पहले विदेश मंत्रालय में गाड़ी चलाने का काम करने वाले एक युवक को आईएसआई ने अपना एजेंट बनाया था। वह भी सोशल मीडिया पर खूबसूरत लड़की समझकर एजेंट से दोस्ती कर बैठा था। ऐसे और भी मामले हैं। खुफिया एजेंसियों की ओर से इसके लिए कई बार सैन्य कर्मचारियों को आगाह भी किया गया है।
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आईएसआई के एजेंट फर्जी नाम से खूसबूरत लड़कियों के फोटो सोशल मीडिया पर डालते रहते है। जो भी इनमें दिलचस्पी दिखाता है, उससे दोस्ती का अनुरोध ( फ्रेंड रिक्वेस्ट ) भेज दी जाती है। इसके बाद उससे आईएसआई की महिला एजेंट फोन पर बात करती हैं और बातों ही बातों में उसे जासूसी के लिए तैयार कर लेती हैं।