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Kaithal News: इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर को तीन-तीन साल कैद
Fri, 04 Apr 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 04 Apr 2025 01:13 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने लाखों रुपये की गेहूं को खुर्द बुर्द करने के मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तत्कालीन इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर को तीन-तीन साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनोंं ने जुर्माने की राशि जमा करवा दी है।
इस मामले में तत्कालीन जेएमआईसी अंबरदीप सिंह की अदालत ने इन दोनों को 2017 में बरी कर दिया था। इस बारे में डीएफएसओ केके बिश्नोई की शिकायत पर थाना कलायत में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। मामले में शिकायतकर्ता के अनुसार 12 दिसंबर 2011 को कलायत केंद्र पर भंडारित गेहूं का स्टाक कम पाया गया। इससे विभाग को 84,45,034 रुपये की हानि हुई। कुल भरे हुए गेहुं के 5776 कट्टे कम पाए गए। इसके लिए गजे सिंह निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, चेतन स्वरूप उप-निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, मनोज कुमार श्रम ठेकेदार पीआर केंद्र कलायत, रविंद्र कुमार बीसीपीए कलायत मंडी व चौकीदार को जिम्मेदार ठहराया गया।
निचली अदालत ने इस केस में गजे सिंह व चेतन स्वरूप को बरी कर दिया था। इसके विरुद्ध स्टेट कर ओर से सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई।
हालांकि इस मामले में इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के अतिरिक्त मनोज कुमार रविन्द्र और एक चौकीदार के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई थी लेकिन पुलिस ने केवल इंस्पेक्टर गजे सिंह और सब इंस्पेक्टर चेतन स्वरूप का ही चालान कोर्ट में पेश किया।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद निचली अदालत का फैसला बदल दिया व इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर को दोषी करार देते हुए दोनों को तीन-तीन साल के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने फैसले की कॉपी मुख्य सचिव हरियाणा, निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, डीसी कैथल और डीएफएससी कैथल को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है।
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कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने लाखों रुपये की गेहूं को खुर्द बुर्द करने के मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तत्कालीन इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर को तीन-तीन साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनोंं ने जुर्माने की राशि जमा करवा दी है।
इस मामले में तत्कालीन जेएमआईसी अंबरदीप सिंह की अदालत ने इन दोनों को 2017 में बरी कर दिया था। इस बारे में डीएफएसओ केके बिश्नोई की शिकायत पर थाना कलायत में मुकदमा दर्ज करवाया गया था। मामले में शिकायतकर्ता के अनुसार 12 दिसंबर 2011 को कलायत केंद्र पर भंडारित गेहूं का स्टाक कम पाया गया। इससे विभाग को 84,45,034 रुपये की हानि हुई। कुल भरे हुए गेहुं के 5776 कट्टे कम पाए गए। इसके लिए गजे सिंह निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, चेतन स्वरूप उप-निरीक्षक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, मनोज कुमार श्रम ठेकेदार पीआर केंद्र कलायत, रविंद्र कुमार बीसीपीए कलायत मंडी व चौकीदार को जिम्मेदार ठहराया गया।
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निचली अदालत ने इस केस में गजे सिंह व चेतन स्वरूप को बरी कर दिया था। इसके विरुद्ध स्टेट कर ओर से सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई।
हालांकि इस मामले में इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर के अतिरिक्त मनोज कुमार रविन्द्र और एक चौकीदार के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज की गई थी लेकिन पुलिस ने केवल इंस्पेक्टर गजे सिंह और सब इंस्पेक्टर चेतन स्वरूप का ही चालान कोर्ट में पेश किया।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद निचली अदालत का फैसला बदल दिया व इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर को दोषी करार देते हुए दोनों को तीन-तीन साल के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने फैसले की कॉपी मुख्य सचिव हरियाणा, निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, डीसी कैथल और डीएफएससी कैथल को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी है।