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वर्ष 2014 में कैथल में पड़ी थी अलग कमेटी की नींव
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कैथल। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के गठन के लिए दो दशक से भी अधिक समय तक चले आंदोलन में कैथल संघर्ष का मुख्य केंद्र बिंदु रहा है। जहां पूर्व अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा की अगुवाई में अधिकतर बैठकें कैथल के ही गुरुद्वारों में हुई, वहीं वर्ष 2014 में कैथल स्थित खेल स्टेडियम में आयोजित रैली में हरियाणा की अलग कमेटी की नींव पड़ी थी। छह जुलाई 2014 को कैथल में हुई इस रैली का आयोजन हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने किया था।
रैली में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा के सिखों को उनका हक देने के लिए अलग कमेटी के गठन का एलान किया था। इसके एक सप्ताह बाद ही हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट एक्ट 2014 को हरियाणा विधानसभा में पारित किया गया था। इसके बाद जब हरियाणा कमेटी ने पांच गुरुद्वारों को अपने अधीन लिया, उनमें से तीन गुरुद्वारे कैथल के थे।
इतना ही नहीं हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का प्रदेश मुख्यालय भी कैथल जिले के चीका में स्थित छठी एवं नौवीं पातशाही गुरुद्वारे में स्थापित किया गया है। जहां लगातार बैठकों का आयोजन हुआ। हरियाणा कमेटी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जा रही लड़ाई को लेकर फैसले हुए। चीका स्थित गुरुद्वारे के अलावा कैथल के गुरुद्वारा नीम साहब, गुरुद्वारा मंजी साहब में भी कई बाद बैठकों का आयोजन हुआ। जिनमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कुल मिलाकर कैथल हरियाणा के सिखों के लिए अलग कमेटी के गठन के लिए हुए संघर्ष का केंद्र बिंदु रहा है। अब उसका परिणाम आया है। जो हरियाणा के सिखों के हक में रहा।
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इस संघर्ष में सहयोग करने वाले कैथल निवासी अंग्रेज सिंह गौराया ने कहा कि यह ऐतिहासिक फैसला है। हरियाणा के सिखों की शुरू से ही मांग थी कि हरियाणा के गुरुद्वारों की देखभाल उन्हें सौंपी जाए। इस संघर्ष में जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, बलजीत सिंह दादूवाल, सरदार स्वरूप सिंह कंबोज, हरजिंद्र सिंह झब्बर, सुखदेव सिंह गोराया, स्वर्णजीत सिंह सहित अनेकों सिख नेताओं ने योगदान दिया।
सरकार तुरंत दिलवाए हरियाणा कमेटी को गुरुद्वारों का हक : सुरजेवाला
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के सिखों की वर्षों पुरानी अभिलाषा पर मोहर लगा दी है। एसजीपीसी की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कानून को सही ठहराने वाला सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक एवं सिख संगत के कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कांग्रेस सरकार में हमने यह कानून बनाया था कि हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ही करेगी। आज सप्रीम कोर्ट ने इसे सही ठहराया। हरियाणा सरकार हरियाणा के गरुुघरों का संचालन फौरन हरियाणा कमेटी व सिख संगत को दें।
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रैली में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा के सिखों को उनका हक देने के लिए अलग कमेटी के गठन का एलान किया था। इसके एक सप्ताह बाद ही हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट एक्ट 2014 को हरियाणा विधानसभा में पारित किया गया था। इसके बाद जब हरियाणा कमेटी ने पांच गुरुद्वारों को अपने अधीन लिया, उनमें से तीन गुरुद्वारे कैथल के थे।
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इतना ही नहीं हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी का प्रदेश मुख्यालय भी कैथल जिले के चीका में स्थित छठी एवं नौवीं पातशाही गुरुद्वारे में स्थापित किया गया है। जहां लगातार बैठकों का आयोजन हुआ। हरियाणा कमेटी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जा रही लड़ाई को लेकर फैसले हुए। चीका स्थित गुरुद्वारे के अलावा कैथल के गुरुद्वारा नीम साहब, गुरुद्वारा मंजी साहब में भी कई बाद बैठकों का आयोजन हुआ। जिनमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कुल मिलाकर कैथल हरियाणा के सिखों के लिए अलग कमेटी के गठन के लिए हुए संघर्ष का केंद्र बिंदु रहा है। अब उसका परिणाम आया है। जो हरियाणा के सिखों के हक में रहा।
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इस संघर्ष में सहयोग करने वाले कैथल निवासी अंग्रेज सिंह गौराया ने कहा कि यह ऐतिहासिक फैसला है। हरियाणा के सिखों की शुरू से ही मांग थी कि हरियाणा के गुरुद्वारों की देखभाल उन्हें सौंपी जाए। इस संघर्ष में जगदीश सिंह झींडा, दीदार सिंह नलवी, बलजीत सिंह दादूवाल, सरदार स्वरूप सिंह कंबोज, हरजिंद्र सिंह झब्बर, सुखदेव सिंह गोराया, स्वर्णजीत सिंह सहित अनेकों सिख नेताओं ने योगदान दिया।
सरकार तुरंत दिलवाए हरियाणा कमेटी को गुरुद्वारों का हक : सुरजेवाला
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के सिखों की वर्षों पुरानी अभिलाषा पर मोहर लगा दी है। एसजीपीसी की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कानून को सही ठहराने वाला सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक एवं सिख संगत के कल्याण के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कांग्रेस सरकार में हमने यह कानून बनाया था कि हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंधन हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी ही करेगी। आज सप्रीम कोर्ट ने इसे सही ठहराया। हरियाणा सरकार हरियाणा के गरुुघरों का संचालन फौरन हरियाणा कमेटी व सिख संगत को दें।