{"_id":"68d6ef90a5cd20718b04bd71","slug":"improving-sex-ratio-is-a-collective-responsibility-rta-kaithal-news-c-18-1-knl1004-747576-2025-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"लिंगानुपात में सुधार सामूहिक जिम्मेदारी : आरटीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लिंगानुपात में सुधार सामूहिक जिम्मेदारी : आरटीए
Sat, 27 Sep 2025 10:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 27 Sep 2025 10:09 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में लिंग अनुपात की मौजूदा स्थिति की समीक्षा और इसमें सुधार लाने के उद्देश्य से लघु सचिवालय के सभागार में शुक्रवार को जिला स्टैंडिंग कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए आरटीए गिरीश कुमार ने कहा कि लिंगानुपात में सुधार हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं, तो निश्चित तौर पर इस दिशा में सुधार संभव है।
बैठक में लिंगानुपात सुधारने के लिए पीएनडीटी, एमटीपी और एआरटी अधिनियम के प्रावधानों के शत-प्रतिशत पालन के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिला स्टैंडिंग कमेटी मुख्य रूप से उन गांवों पर फोकस करे, जहां लिंगानुपात कम या पिछले आंकड़ों से घटा है। इसकी गिरावट के कारणों का पता लगाकर समस्या से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाए।
आरटीए ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक गंभीर अपराध है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन इलाकों पर विशेष ध्यान दें, जहां लोग पड़ोसी राज्यों में जाकर लिंगानुपात की जांच करवाने की कोशिश कर सकते हैं। टीम बनाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जन्म और मृत्यु का शत-प्रतिशत पंजीकरण किया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि लिंग जांच या गर्भपात से संबंधित किसी भी जानकारी के बारे में तुरंत पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। माता-पिता को लड़कियों के महत्व के बारे में समझाया जाए और उनकी शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान समय-समय पर इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए और बच्चों को लड़का-लड़की समान होने की शिक्षा दी जाए। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, एसडीएम अजय सिंह, सीईओ एचएसवीपी वकील अहमद, शुगर मिल एमडी कृष्ण कुमार, सीएमओ डॉ. रेणु चावला, डीएसपी बीरभान, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी नसीब सैनी, महिला बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कैथल। जिले में लिंग अनुपात की मौजूदा स्थिति की समीक्षा और इसमें सुधार लाने के उद्देश्य से लघु सचिवालय के सभागार में शुक्रवार को जिला स्टैंडिंग कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए आरटीए गिरीश कुमार ने कहा कि लिंगानुपात में सुधार हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी अपने-अपने स्तर पर जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं, तो निश्चित तौर पर इस दिशा में सुधार संभव है।
बैठक में लिंगानुपात सुधारने के लिए पीएनडीटी, एमटीपी और एआरटी अधिनियम के प्रावधानों के शत-प्रतिशत पालन के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि जिला स्टैंडिंग कमेटी मुख्य रूप से उन गांवों पर फोकस करे, जहां लिंगानुपात कम या पिछले आंकड़ों से घटा है। इसकी गिरावट के कारणों का पता लगाकर समस्या से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार की जाए।
विज्ञापन
आरटीए ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक गंभीर अपराध है और इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन इलाकों पर विशेष ध्यान दें, जहां लोग पड़ोसी राज्यों में जाकर लिंगानुपात की जांच करवाने की कोशिश कर सकते हैं। टीम बनाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जन्म और मृत्यु का शत-प्रतिशत पंजीकरण किया जाए।
विज्ञापन
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि लिंग जांच या गर्भपात से संबंधित किसी भी जानकारी के बारे में तुरंत पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। माता-पिता को लड़कियों के महत्व के बारे में समझाया जाए और उनकी शिक्षा व स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान समय-समय पर इस विषय पर चर्चा होनी चाहिए और बच्चों को लड़का-लड़की समान होने की शिक्षा दी जाए। इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, एसडीएम अजय सिंह, सीईओ एचएसवीपी वकील अहमद, शुगर मिल एमडी कृष्ण कुमार, सीएमओ डॉ. रेणु चावला, डीएसपी बीरभान, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी नसीब सैनी, महिला बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।