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Kaithal News: जब कर्मचारी हैं कम तो कैसे बेहतर होगी सफाई
Fri, 10 Jan 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 10 Jan 2025 01:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। केंद्र सरकार की तरफ से इस साल कभी भी स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 का परिणाम जारी किया जा सकता है। स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत रैंकिंग सुधारने के लिए नगर परिषद की ओर से अथक प्रयास भी किए जाते हैं पर प्रयास सफल नहीं हो पाते हैं। जिले में सफाई व्यवस्था खराब दिखती है।
लोगों का कहना है कि जब सफाई कर्मचारी कम हैं तो कैसे बेहतर सफाई हो सकती है। आंकड़े बताते हैं कि शहर के 31 वार्डों में पर्याप्त सफाईकर्मी नहीं हैं वहीं नगर परिषद में 410 कर्मी कार्यरत है।
गौरतलब है कि नगर परिषद कैथल में वर्ष 2022 में रैंकिंग में कुछ सुधार हुआ था। इसके तहत कैथल का पूरे प्रदेश में 177वां रैंक मिला था, लेकिन 2023 में स्थिति सुधरने की बजाय और अधिक बिगड़ गई थी। इसमें कैथल को देश में 365वां स्थान मिला था। जबकि प्रदेश में कैथल नगर परिषद का 18वां रैंक रहा था। वहीं, 2022 में प्रदेश में कैथल का 14वां स्थान प्रदेश में रहा था।
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उल्लेखनीय है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के शहर के 31 वार्डों के अनुसार पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मी नहीं है। ऐसे में सबसे अधिक डोर-टू-डोर कचरा उठान में समस्या आती है। इस समय नगर परिषद में 410 कर्मी हैं। इसमें डोर-टू-डोर के तहत करीब 60 कर्मी हैं।
रात में नहीं है सफाई की व्यवस्था
पिछले करीब दो सालों से कैथल नगर परिषद की ओर से रात के समय सफाई की निविदा सूचना जारी नहीं की गई है। इस कारण भी शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। निविदा सूचना जारी करने से 65 सफाई कर्मियों को रोजगार मिलता था और शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर होती थी। इसके साथ ही डोर टू डोर कचरा उठान में भी अनियमितता है। इसमें ठेकेदार कचरे का वजन अधिक दिखाता है। ऐसे में शहर में कचरा कम नहीं होता, बल्कि बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही शहर में सार्वजनिक शौचालय की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। ऐसे में सफाई के मामले में कैथल नगर परिषद लगातार बिछड़ रही है।
नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के राज्य मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण ने बताया कि कैथल नगर परिषद में 800 के करीब सफाई कर्मचारी चाहिए, लेकिन इससे आधे महज 400 के करीब सफाई कर्मी ही तैनात है। ऐसे में तो और अधिक सफाई व्यवस्था चरमरा जाएगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में थी यह स्थिति
नगर पालिका/परिषद
प्रदेश में रैंक
देश में रैंक
कैथल
18
365
पूंडरी
20
1974
चीका
29
2442
कलायत
33
2510
सीवन
51
3229
राजौंद
56
3374
वर्ष 2023 में पूरे देश में कैथल नगर परिषद को 365वां रैंक मिला था। जबकि प्रदेश में 18वां स्थान मिला था। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर काफी अधिक प्रयास किए गए हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद है इस बार रैंकिंग में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। - कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, कैथल नगर परिषद।
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कैथल। केंद्र सरकार की तरफ से इस साल कभी भी स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 का परिणाम जारी किया जा सकता है। स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत रैंकिंग सुधारने के लिए नगर परिषद की ओर से अथक प्रयास भी किए जाते हैं पर प्रयास सफल नहीं हो पाते हैं। जिले में सफाई व्यवस्था खराब दिखती है।
लोगों का कहना है कि जब सफाई कर्मचारी कम हैं तो कैसे बेहतर सफाई हो सकती है। आंकड़े बताते हैं कि शहर के 31 वार्डों में पर्याप्त सफाईकर्मी नहीं हैं वहीं नगर परिषद में 410 कर्मी कार्यरत है।
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गौरतलब है कि नगर परिषद कैथल में वर्ष 2022 में रैंकिंग में कुछ सुधार हुआ था। इसके तहत कैथल का पूरे प्रदेश में 177वां रैंक मिला था, लेकिन 2023 में स्थिति सुधरने की बजाय और अधिक बिगड़ गई थी। इसमें कैथल को देश में 365वां स्थान मिला था। जबकि प्रदेश में कैथल नगर परिषद का 18वां रैंक रहा था। वहीं, 2022 में प्रदेश में कैथल का 14वां स्थान प्रदेश में रहा था।
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उल्लेखनीय है कि स्वच्छता सर्वेक्षण के शहर के 31 वार्डों के अनुसार पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मी नहीं है। ऐसे में सबसे अधिक डोर-टू-डोर कचरा उठान में समस्या आती है। इस समय नगर परिषद में 410 कर्मी हैं। इसमें डोर-टू-डोर के तहत करीब 60 कर्मी हैं।
रात में नहीं है सफाई की व्यवस्था
पिछले करीब दो सालों से कैथल नगर परिषद की ओर से रात के समय सफाई की निविदा सूचना जारी नहीं की गई है। इस कारण भी शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। निविदा सूचना जारी करने से 65 सफाई कर्मियों को रोजगार मिलता था और शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर होती थी। इसके साथ ही डोर टू डोर कचरा उठान में भी अनियमितता है। इसमें ठेकेदार कचरे का वजन अधिक दिखाता है। ऐसे में शहर में कचरा कम नहीं होता, बल्कि बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही शहर में सार्वजनिक शौचालय की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। ऐसे में सफाई के मामले में कैथल नगर परिषद लगातार बिछड़ रही है।
नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ के राज्य मुख्य संगठनकर्ता शिवचरण ने बताया कि कैथल नगर परिषद में 800 के करीब सफाई कर्मचारी चाहिए, लेकिन इससे आधे महज 400 के करीब सफाई कर्मी ही तैनात है। ऐसे में तो और अधिक सफाई व्यवस्था चरमरा जाएगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में थी यह स्थिति
नगर पालिका/परिषद
प्रदेश में रैंक
देश में रैंक
कैथल
18
365
पूंडरी
20
1974
चीका
29
2442
कलायत
33
2510
सीवन
51
3229
राजौंद
56
3374
वर्ष 2023 में पूरे देश में कैथल नगर परिषद को 365वां रैंक मिला था। जबकि प्रदेश में 18वां स्थान मिला था। इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर काफी अधिक प्रयास किए गए हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद है इस बार रैंकिंग में बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे। - कुलदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, कैथल नगर परिषद।