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Kaithal News: नरवाना-उकलाना रेल लाइन निर्माण की फिर जगी आस
Tue, 16 Jul 2024 04:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 16 Jul 2024 04:16 AM IST
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कमल बहल
कैथल। रेलवे एक बार फिर से नरवाना-उकलाना की रेल लाइन के निर्माण का सर्वे करवाएगी। यदि इस सर्वे में रेलवे के निर्माण की संभावनाएं मिली तो इसके लिए आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह सर्वे राज्य सरकार की एचआरआईडीसी कंपनी की ओर से करवाया जाएगा।
गौरतलब है कि 27 किलोमीटर रेलवे लाइन को वर्ष 2014 में रेलवे की ओर से पास किया गया था। यदि रेलवे लाइन का निर्माण हुआ तो कैथल के रेल यात्री सीधा हिसार जा सकेंगे। इससे रेल यात्रियों को खूब फायदा होगा।
सर्वे को लेकर जानकारी गत 11 जुलाई को हुई एचआरआईडीसी कंपनी की बैठक में कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) राजेश अग्रवाल ने दी। उन्होंने बैठक में बताया कि 27 किलोमीटर नरवाना और उकलाना के बीच एक नई रेल लाइन के निर्माण के लिए व्यवहार्यता अध्ययन किया है।
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तत्कालीन सांसद ने बजट करवाया था पास ः मई 2014 में तत्कालीन सांसद दुष्यंत चौटाला ने इस रेलवे लाइन का बजट पास करवाया था। बाद में समिति ने तत्कालीन सांसद को कई पत्र लिखे और अब वर्तमान में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को भी वे अवगत करवा चुके हैं। फिर भी इस रेलवे लाइन का निर्माण अधर में लटका पड़ा है।
जबकि यह रेलवे लाइन हिसार, उकलाना, नरवाना, कैथल और कुरुक्षेत्र को जोड़ती है और यह मात्र 29 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन है। इतना ही नहीं जुलाई, 2014 में रेलवे के उप मुख्य अभियंता, नई दिल्ली ने सर्वे करवाकर इसका बजट 420.69 करोड़ का बनाया था। कैथल रेल यात्री कल्याण समिति के सदस्य जनवरी में सांसद सुनीता दुग्गल को मांग पत्र भी दे चुके हैं, जिन्होंने रेलवे विभाग में उनके मांग पत्र को भिजवाने का आश्वासन दिया। यह रेलवे लाइन बन जाती है तो हिसार से चंडीगढ़ व हरिद्वार जाने के लिए यह सबसे कम दूरी वाला रूट बनेगा। संवाद
कैथल रेलवे स्टेशन को नरवाना और उकलाना स्टेशन को जोड़ने की मांग की थी। यह दोनों स्थान सड़क मार्ग के जरिए तो आपस में जुड़ते है और दोनों जगह रेलवे मार्ग से भी जुड़ी है, लेकिन अलग-अलग रूट पर होने के दोनों के बीच सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। अगर यह स्टेशन आपस में जुड़ जाए तो हरियाणा के एक बड़े हिस्से को सीधा लाभ मिलेगा। इस लाइन से दक्षिण हरियाणा का पंजाब से सीधा बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही कैथल, जींद व हिसार जिलों में रेल सेवाओं को विस्तार मिलेगा। - सतपाल गुप्ता, चेयरमैन, रेल यात्री कल्याण समिति, कैथल।
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कैथल। रेलवे एक बार फिर से नरवाना-उकलाना की रेल लाइन के निर्माण का सर्वे करवाएगी। यदि इस सर्वे में रेलवे के निर्माण की संभावनाएं मिली तो इसके लिए आगामी कार्रवाई शुरू की जाएगी। यह सर्वे राज्य सरकार की एचआरआईडीसी कंपनी की ओर से करवाया जाएगा।
गौरतलब है कि 27 किलोमीटर रेलवे लाइन को वर्ष 2014 में रेलवे की ओर से पास किया गया था। यदि रेलवे लाइन का निर्माण हुआ तो कैथल के रेल यात्री सीधा हिसार जा सकेंगे। इससे रेल यात्रियों को खूब फायदा होगा।
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सर्वे को लेकर जानकारी गत 11 जुलाई को हुई एचआरआईडीसी कंपनी की बैठक में कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) राजेश अग्रवाल ने दी। उन्होंने बैठक में बताया कि 27 किलोमीटर नरवाना और उकलाना के बीच एक नई रेल लाइन के निर्माण के लिए व्यवहार्यता अध्ययन किया है।
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तत्कालीन सांसद ने बजट करवाया था पास ः मई 2014 में तत्कालीन सांसद दुष्यंत चौटाला ने इस रेलवे लाइन का बजट पास करवाया था। बाद में समिति ने तत्कालीन सांसद को कई पत्र लिखे और अब वर्तमान में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को भी वे अवगत करवा चुके हैं। फिर भी इस रेलवे लाइन का निर्माण अधर में लटका पड़ा है।
जबकि यह रेलवे लाइन हिसार, उकलाना, नरवाना, कैथल और कुरुक्षेत्र को जोड़ती है और यह मात्र 29 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन है। इतना ही नहीं जुलाई, 2014 में रेलवे के उप मुख्य अभियंता, नई दिल्ली ने सर्वे करवाकर इसका बजट 420.69 करोड़ का बनाया था। कैथल रेल यात्री कल्याण समिति के सदस्य जनवरी में सांसद सुनीता दुग्गल को मांग पत्र भी दे चुके हैं, जिन्होंने रेलवे विभाग में उनके मांग पत्र को भिजवाने का आश्वासन दिया। यह रेलवे लाइन बन जाती है तो हिसार से चंडीगढ़ व हरिद्वार जाने के लिए यह सबसे कम दूरी वाला रूट बनेगा। संवाद
कैथल रेलवे स्टेशन को नरवाना और उकलाना स्टेशन को जोड़ने की मांग की थी। यह दोनों स्थान सड़क मार्ग के जरिए तो आपस में जुड़ते है और दोनों जगह रेलवे मार्ग से भी जुड़ी है, लेकिन अलग-अलग रूट पर होने के दोनों के बीच सीधी कनेक्टिविटी नहीं है। अगर यह स्टेशन आपस में जुड़ जाए तो हरियाणा के एक बड़े हिस्से को सीधा लाभ मिलेगा। इस लाइन से दक्षिण हरियाणा का पंजाब से सीधा बेहतर संपर्क स्थापित होगा। साथ ही कैथल, जींद व हिसार जिलों में रेल सेवाओं को विस्तार मिलेगा। - सतपाल गुप्ता, चेयरमैन, रेल यात्री कल्याण समिति, कैथल।