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कोरोना काल में अभिभावक खोने वाले बच्चों को दी सहायता
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कैथल। लघु सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में सोमवार को जिला स्तरीय पीएम केयर फॉर चिल्ड्रेन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कोरोना काल में अभिभावकों को खोने वाले चार बच्चों को राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने पास बुक व आयुष्मान कार्ड देकर वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई। इससे पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित भी किया। इसके बाद रिमोट दबाकर योजना के तहत सभी बच्चों के खाते में धनराशि स्थानांतरित की।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स योजना के तहत लाभ देने की व्यवस्था की है। ऐसे बच्चों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देना सुनिश्चित किया गया है। योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री ने 29 मई 2021 को की गई थी। इसका उद्देश्य कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को खो देने वाले बच्चों की व्यापक देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने संबंधित बच्चों के प्रति पूरी सहानुभूति दिखाते हुए कहा कि सभी बच्चे सामाजिक दृष्टिकोण से हमारे परिवार का हिस्सा हैं। भविष्य में भी बच्चों की योजना के साथ-साथ अन्य हर संभव पूरी मदद की जाएगी। ऐसे बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय में छह सीटें आरक्षित की गई हैं। बहुतकनीकी संस्थान में दो अतिरिक्त सीटें आरक्षित की गई हैं। यूजीसी को बच्चों को समायोजित करने के लिए दो अतिरिक्त सीटें बनाने के लिए कहा गया है।
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इस अवसर पर पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के जिला स्तरीय कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की महानिदेशक हेमा शर्मा, उपायुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल, सीटीएम गुलजार अहमद, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, धूप सिंह माजरा, नीतू पूनिया, रवि भूषण गर्ग, राणा बंसल, कोमल कक्कड़, विनय सेठी, चंद्रभान दयौरा, राजेश मौर, प्रदीप कुमार मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स योजना के तहत लाभ देने की व्यवस्था की है। ऐसे बच्चों को वित्तीय सहायता के साथ-साथ उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देना सुनिश्चित किया गया है। योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री ने 29 मई 2021 को की गई थी। इसका उद्देश्य कोरोना महामारी में अपने माता-पिता को खो देने वाले बच्चों की व्यापक देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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कार्यक्रम में डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने संबंधित बच्चों के प्रति पूरी सहानुभूति दिखाते हुए कहा कि सभी बच्चे सामाजिक दृष्टिकोण से हमारे परिवार का हिस्सा हैं। भविष्य में भी बच्चों की योजना के साथ-साथ अन्य हर संभव पूरी मदद की जाएगी। ऐसे बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय में छह सीटें आरक्षित की गई हैं। बहुतकनीकी संस्थान में दो अतिरिक्त सीटें आरक्षित की गई हैं। यूजीसी को बच्चों को समायोजित करने के लिए दो अतिरिक्त सीटें बनाने के लिए कहा गया है।
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इस अवसर पर पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के जिला स्तरीय कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग की महानिदेशक हेमा शर्मा, उपायुक्त डॉ. संगीता तेतरवाल, सीटीएम गुलजार अहमद, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, धूप सिंह माजरा, नीतू पूनिया, रवि भूषण गर्ग, राणा बंसल, कोमल कक्कड़, विनय सेठी, चंद्रभान दयौरा, राजेश मौर, प्रदीप कुमार मौजूद रहे।