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Kaithal News: अर्जुन के रथ पर कपिध्वज के रूप में स्थापित हुए थे हनुमान जी
Thu, 06 Apr 2023 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 06 Apr 2023 01:17 AM IST
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कैथल। जिलेभर में वीरवार को हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। वहीं, कैथल का इतिहास भगवान हनुमान जी से भी जुड़ा माना जाता है इसलिए इस दिन जिले के विभिन्न मंदिरों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत हनुमान वाटिका, मां अंजनी का टीला व रेलवे गेट स्थित श्री दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में आयोजन होंगे।
कैथल के रेलवे गेट स्थित चिल्ड्रेन पार्क में स्थित श्री दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर का काफी मान्यता है। इस मंदिर का इतिहास भी करीब पांच हजार वर्ष पुराना माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, श्री मद्भागवत गीता के पहले अध्याय के 20वें श्लोक में कैथल के मंदिर वाले स्थान का उल्लेख मिलता है। इसमें कहा गया है कि महाभारत के युद्ध से पहले भगवान हनुमान की भेंट भीम से हुई थी।
इसमें उन्होंने महाभारत के युद्ध की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि वह अर्जुन के रथ पर कपि ध्वज के रूप में विराजमान होंगे। इसमें यह भी उल्लेख है कि जिस समय महाभारत का युद्ध शुरू हुआ तो भगवान हनुमान जी इस स्थान से कपि ध्वज के रूप में अर्जुन के रथ पर विराजमान हुए थे।
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कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के पूर्व सदस्य गोपाल सैनी ने बताया कि श्री मद्भागवत गीता में इस ध्वज को धर्म का प्रचारक माना गया। जब इस युद्ध की समाप्ति हुई तो जब अर्जुन ने यह ध्वज रथ से उतारा तो रथ ध्वस्त हो गया था।
तब अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण ने रथ टूटने की बात कही तो भगवान ने कहा कि यह रथ पर लगी ध्वजा धर्म का प्रतीक है, जिसके उतरने के कारण यह ध्वस्त हो गया।
यह है मान्यता ः मंदिर समिति के उप प्रधान टेक चंद वर्मा उर्फ राधे-राधे ने कहा कि हर मंगलवार को यहां पर काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ ही रात के समय प्रभु इच्छा तक संकीर्तन भी किया जाता है। महंत राघव दास शास्त्री के सानिध्य में मंदिर में पूजा-अर्चना करवाई जाती है। यहां पर मनोकामना पूरी होने पर भगवान श्रीराम के नाम का ध्वज चढ़ाने की परंपरा है।
कहते हैं कि यहां पर जो भी श्रद्धालु सच्चा संकल्प लेकर अपनी मनोकामना मांगता है। वह पूरी होती है। मंदिर में भगवान हनुमान की 51 फीट की प्रतिमा की स्थापना नगर परिषद, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व शहर के लोगों ने करवाई है।
इस समय मंदिर के पुजारी संजय शर्मा व गौरव शर्मा, समिति के प्रधान सुरेश बिंदलिश, रवि मित्तल, एडवोकेट कृष्ण सैनी, राजेंद्र ढुल, राजेंद्र गुलाटी, अरविंद बिंदलिश, सोनू मचल, रवि मित्तल, राकेश मित्तल बरनाला सेवा कर रहे हैं।
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कैथल के रेलवे गेट स्थित चिल्ड्रेन पार्क में स्थित श्री दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर का काफी मान्यता है। इस मंदिर का इतिहास भी करीब पांच हजार वर्ष पुराना माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, श्री मद्भागवत गीता के पहले अध्याय के 20वें श्लोक में कैथल के मंदिर वाले स्थान का उल्लेख मिलता है। इसमें कहा गया है कि महाभारत के युद्ध से पहले भगवान हनुमान की भेंट भीम से हुई थी।
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इसमें उन्होंने महाभारत के युद्ध की पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि वह अर्जुन के रथ पर कपि ध्वज के रूप में विराजमान होंगे। इसमें यह भी उल्लेख है कि जिस समय महाभारत का युद्ध शुरू हुआ तो भगवान हनुमान जी इस स्थान से कपि ध्वज के रूप में अर्जुन के रथ पर विराजमान हुए थे।
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कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के पूर्व सदस्य गोपाल सैनी ने बताया कि श्री मद्भागवत गीता में इस ध्वज को धर्म का प्रचारक माना गया। जब इस युद्ध की समाप्ति हुई तो जब अर्जुन ने यह ध्वज रथ से उतारा तो रथ ध्वस्त हो गया था।
तब अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण ने रथ टूटने की बात कही तो भगवान ने कहा कि यह रथ पर लगी ध्वजा धर्म का प्रतीक है, जिसके उतरने के कारण यह ध्वस्त हो गया।
यह है मान्यता ः मंदिर समिति के उप प्रधान टेक चंद वर्मा उर्फ राधे-राधे ने कहा कि हर मंगलवार को यहां पर काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं। इसके साथ ही रात के समय प्रभु इच्छा तक संकीर्तन भी किया जाता है। महंत राघव दास शास्त्री के सानिध्य में मंदिर में पूजा-अर्चना करवाई जाती है। यहां पर मनोकामना पूरी होने पर भगवान श्रीराम के नाम का ध्वज चढ़ाने की परंपरा है।
कहते हैं कि यहां पर जो भी श्रद्धालु सच्चा संकल्प लेकर अपनी मनोकामना मांगता है। वह पूरी होती है। मंदिर में भगवान हनुमान की 51 फीट की प्रतिमा की स्थापना नगर परिषद, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व शहर के लोगों ने करवाई है।
इस समय मंदिर के पुजारी संजय शर्मा व गौरव शर्मा, समिति के प्रधान सुरेश बिंदलिश, रवि मित्तल, एडवोकेट कृष्ण सैनी, राजेंद्र ढुल, राजेंद्र गुलाटी, अरविंद बिंदलिश, सोनू मचल, रवि मित्तल, राकेश मित्तल बरनाला सेवा कर रहे हैं।