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Kaithal News: ओलावृष्टि से सीवन में सब्जी की फसल को नुकसान
Sun, 29 Dec 2024 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 29 Dec 2024 01:26 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर हुई ओलावृष्टि से सीवन के क्षेत्र में सब्जी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इस समय क्षेत्र में मटर, आलू, टमाटर, शिमला मिर्च की फसल चल रही थी, जो बारिश व ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। मटर की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा अन्य सब्जी की फसलें जैसे गोभी, आलू, सरसों, टमाटर, शिमला मिर्च आदि में भी इसका नुकसान देखने को मिल रहा है।
जो भी सब्जी पिछेती लगाई हुई थी और किसानों को उम्मीद थी कि इसकी फसल बाद में आएगी। किसान राजेश रहेजा, जरनैल सिंह, सुरेंद्र सरदाना, सतीश सरदाना, नवदीप सिंह, अंतरजीत सिंह, तरसेम सिंह, कृष्ण सैनी, कुलदीप सिंह व अन्य ने बताया कि इस बार मटर की फसल कम थी और रही सही कसर बरसात और ओलों ने पूरी कर दी है। शुक्रवार की बारिश और ओलावृष्टि के कारण मटर की फसल में 60 से 70 प्रतिशत का नुकसान है। इसके साथ ही जो पिछेता आलू है उसमें भारी नुकसान है। जो आलू तैयार है उस फसल आलू निकालने का काम अभी रुक गया है। यदि आगे और बारिश होती है या पानी खड़ा रहता है तो उसका नुकसान हो सकता है। जो भी पिछेती सरसों की फसल थी या पिछेती गोभी की फसल थी वह पूरी नष्ट हो गई है। इसके अलावा जो अगेती सरसों की फसल भी उसमें भी भारी नुकसान है।
इस ओलावृष्टि और बारिश ने सब्जी के क्षेत्र को खतम कर दिया है और किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि यह ओलावृष्टि सभी स्थानों पर हुई है। इसका सबसे अधिक असर सब्जी की फसलों पर हुआ है। इस कारण से सब्जी महंगी होने की भी आशंका है।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत अब जनवरी का महीना शुरू होने के बाद लगातार सर्दी बढ़ेगी। कहा कि बारिश के बाद अब किसान किसी भी फसल में सिंचाई न करें। अभी फसलों में सिंचाई करने की कोई जरूरत नहीं है। सुबह और रात के समय धुंध व कोहरा छाने का भी अनुमान रहेगा। वर्मा ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 18.5 और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अब आगे यह तापमान और भी कम होने का अनुमान है। -डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, मुख्य समन्वयक कृषि विज्ञान केंद्र
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सीवन। क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर हुई ओलावृष्टि से सीवन के क्षेत्र में सब्जी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इस समय क्षेत्र में मटर, आलू, टमाटर, शिमला मिर्च की फसल चल रही थी, जो बारिश व ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई है। मटर की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा अन्य सब्जी की फसलें जैसे गोभी, आलू, सरसों, टमाटर, शिमला मिर्च आदि में भी इसका नुकसान देखने को मिल रहा है।
जो भी सब्जी पिछेती लगाई हुई थी और किसानों को उम्मीद थी कि इसकी फसल बाद में आएगी। किसान राजेश रहेजा, जरनैल सिंह, सुरेंद्र सरदाना, सतीश सरदाना, नवदीप सिंह, अंतरजीत सिंह, तरसेम सिंह, कृष्ण सैनी, कुलदीप सिंह व अन्य ने बताया कि इस बार मटर की फसल कम थी और रही सही कसर बरसात और ओलों ने पूरी कर दी है। शुक्रवार की बारिश और ओलावृष्टि के कारण मटर की फसल में 60 से 70 प्रतिशत का नुकसान है। इसके साथ ही जो पिछेता आलू है उसमें भारी नुकसान है। जो आलू तैयार है उस फसल आलू निकालने का काम अभी रुक गया है। यदि आगे और बारिश होती है या पानी खड़ा रहता है तो उसका नुकसान हो सकता है। जो भी पिछेती सरसों की फसल थी या पिछेती गोभी की फसल थी वह पूरी नष्ट हो गई है। इसके अलावा जो अगेती सरसों की फसल भी उसमें भी भारी नुकसान है।
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इस ओलावृष्टि और बारिश ने सब्जी के क्षेत्र को खतम कर दिया है और किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि यह ओलावृष्टि सभी स्थानों पर हुई है। इसका सबसे अधिक असर सब्जी की फसलों पर हुआ है। इस कारण से सब्जी महंगी होने की भी आशंका है।
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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के तहत अब जनवरी का महीना शुरू होने के बाद लगातार सर्दी बढ़ेगी। कहा कि बारिश के बाद अब किसान किसी भी फसल में सिंचाई न करें। अभी फसलों में सिंचाई करने की कोई जरूरत नहीं है। सुबह और रात के समय धुंध व कोहरा छाने का भी अनुमान रहेगा। वर्मा ने बताया कि शनिवार को अधिकतम तापमान 18.5 और न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। अब आगे यह तापमान और भी कम होने का अनुमान है। -डॉ. रमेश चंद्र वर्मा, मुख्य समन्वयक कृषि विज्ञान केंद्र