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युवाओं ने बदली पौराणिक तीर्थ की तस्वीर
ब्यूरो कैथल
Updated Mon, 25 Jul 2016 12:08 AM IST
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श्री कपिल मुनि तीर्थ की हुई सफाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कलायत के पौराणिक श्री कपिल मुनि तीर्थ की सफाई के जिस कार्य पर सरकार को मोटा बजट व्यय करना पड़ता उस जटिल कार्य युवाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर निपटा दिया। कार सेवा की इस बेमिसाल सोच ने लाखों श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया है।
बता दें कि पिछले कई वर्षों से देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माने जाने वाले तीर्थ पर सफाई व्यवस्था चौपट थी। न तो स्वच्छ जल उपलब्ध हो पा रहा था और न ही गंदे पानी की निकासी व्यवस्था। हालात इस कदर खराब है कि रह-रह कर साथ लगते गंदे पानी के तालाब का पानी रिस-रिस कर सरोवर में घुसता रहा है।
श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस न पहुंचे इसके लिए कार सेवकों ने पहले मिट्टी के कट्टों से समस्या का हल किया था। लेकिन सरोवर में फैल रही प्राकृतिक वनस्पति, हरे शैवाल और दूसरा कूड़ा-करकट तीर्थ की सुंदरता को ग्रहण लगा रहा था। कई बार समाजसेवी संगठनों ने अधिकारियों और राजनेताओं के समक्ष इस मामले को उठाया। कार्रवाई के नाम पर वहीं ढाक के तीन पात। इस पर संजीव राणा ने विभिन्न संगठनों के साथ तालमेल स्थापित कर सरोवर की सफाई का बीड़ा उठाया।
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आम जन की भावनाओं से जुड़े इस कार्य में देखते ही देखते भारी तादाद में युवा आ जुड़े।
राजेश, कमल, प्रवीण पंवार, सन्नी, सुनील बेदी, काला, सचिन, मोनू, रोबिन, नवीन बेदी, कुलदीप, नीरज, विशाल, रवि गिल व दूसरे कार सेवकों ने कहा कि जन समुदाय से जुड़े कार्यों को मिलजुलकर पूरा किया जा सकता है। सफाई कार्य को अंजाम देने के लिए युवाओं ने अपने स्तर पर साधन जुटाए। सुबह से ही यहां सफाई अभियान शुरू हो जाता है।
गठित टीमें अपना-अपना कार्य निपटा रही है। जो तैराक हैं वो सरोवर से कूड़ा-करकट उखाड़कर किनारे तक पहुंचाते हैं। सहयोगी साथी उसे बाहर निकालते हैं और फिर सरोवर पर गतिशील दल इस कूड़े-करकट को पालिका द्वारा निर्धारित स्थान पर पहुंचाते है। श्री कपिल मुनि मंदिर के पुजारी वेद प्रकाश गौतम, कृष्ण गौतम, अनिरूद्ध गौतम और नित यहां आने वाले श्रद्धालु युवाओं के जज्बे को देखकर हर्षित है।
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बता दें कि पिछले कई वर्षों से देश-प्रदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र माने जाने वाले तीर्थ पर सफाई व्यवस्था चौपट थी। न तो स्वच्छ जल उपलब्ध हो पा रहा था और न ही गंदे पानी की निकासी व्यवस्था। हालात इस कदर खराब है कि रह-रह कर साथ लगते गंदे पानी के तालाब का पानी रिस-रिस कर सरोवर में घुसता रहा है।
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श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस न पहुंचे इसके लिए कार सेवकों ने पहले मिट्टी के कट्टों से समस्या का हल किया था। लेकिन सरोवर में फैल रही प्राकृतिक वनस्पति, हरे शैवाल और दूसरा कूड़ा-करकट तीर्थ की सुंदरता को ग्रहण लगा रहा था। कई बार समाजसेवी संगठनों ने अधिकारियों और राजनेताओं के समक्ष इस मामले को उठाया। कार्रवाई के नाम पर वहीं ढाक के तीन पात। इस पर संजीव राणा ने विभिन्न संगठनों के साथ तालमेल स्थापित कर सरोवर की सफाई का बीड़ा उठाया।
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आम जन की भावनाओं से जुड़े इस कार्य में देखते ही देखते भारी तादाद में युवा आ जुड़े।
राजेश, कमल, प्रवीण पंवार, सन्नी, सुनील बेदी, काला, सचिन, मोनू, रोबिन, नवीन बेदी, कुलदीप, नीरज, विशाल, रवि गिल व दूसरे कार सेवकों ने कहा कि जन समुदाय से जुड़े कार्यों को मिलजुलकर पूरा किया जा सकता है। सफाई कार्य को अंजाम देने के लिए युवाओं ने अपने स्तर पर साधन जुटाए। सुबह से ही यहां सफाई अभियान शुरू हो जाता है।
गठित टीमें अपना-अपना कार्य निपटा रही है। जो तैराक हैं वो सरोवर से कूड़ा-करकट उखाड़कर किनारे तक पहुंचाते हैं। सहयोगी साथी उसे बाहर निकालते हैं और फिर सरोवर पर गतिशील दल इस कूड़े-करकट को पालिका द्वारा निर्धारित स्थान पर पहुंचाते है। श्री कपिल मुनि मंदिर के पुजारी वेद प्रकाश गौतम, कृष्ण गौतम, अनिरूद्ध गौतम और नित यहां आने वाले श्रद्धालु युवाओं के जज्बे को देखकर हर्षित है।