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Kaithal News: कपिल मुनि मंदिर परिसर में भव्य आयोजन
Wed, 11 Dec 2024 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 11 Dec 2024 02:21 AM IST
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कलायत। श्री कपिल मुनि मंदिर परिसर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। इस भव्य समारोह में हरियाणा लोक कला परिषद कुरुक्षेत्र, दी गर्ल्स गुरुकुल, एमडीएन, शिक्षा भारती विद्या निकेतन स्कूल, निर्मल पब्लिक स्कूल, श्री कपिल मुनि राजकीय महिला कॉलेज व एवचीएम स्कूल कुराड की छात्राओं ने गायन, नृत्य, श्लोक, नाटक मंचन व अन्य प्रस्तुतियों से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री कपिल मुनि तीर्थ कमेटी अध्यक्ष राजू कौशिक ने मंदिर पुजारी संजय शास्त्री व अनिरुद्ध गौतम के साथ मिल कर परंपरागत ढंग से पूजा अर्चना व शंखनाद से की। कार्यक्रम में एसडीएम सत्यवान मान विशेष रूप से मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि गीता भगवान का गीत है इसीलिए इसका नाम गीता है। इसमें समाहित 18 अध्याय व 700 श्लोक संपूर्ण जीवन का सार हैं। गीता में योग शब्द को अनेक अर्थों में परिभाषित किया गया है पर मुख्य रूप से गीता में ज्ञान योग, भक्ति योग व कर्मयोग पर बल दिया गया है। कर्मयोग पर बोलते हुए मान ने कहा कि जीवन में कर्म ही प्रधान है। भगवान ने स्वयं कहा है कि फल की परवाह किए बिना हमें केवल अपना कर्म करना है। कर्मों के हिसाब से ही भगवान हमारे हर कर्म का फल निर्धारित करते हैं। संवाद
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कार्यक्रम की शुरुआत श्री कपिल मुनि तीर्थ कमेटी अध्यक्ष राजू कौशिक ने मंदिर पुजारी संजय शास्त्री व अनिरुद्ध गौतम के साथ मिल कर परंपरागत ढंग से पूजा अर्चना व शंखनाद से की। कार्यक्रम में एसडीएम सत्यवान मान विशेष रूप से मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि गीता भगवान का गीत है इसीलिए इसका नाम गीता है। इसमें समाहित 18 अध्याय व 700 श्लोक संपूर्ण जीवन का सार हैं। गीता में योग शब्द को अनेक अर्थों में परिभाषित किया गया है पर मुख्य रूप से गीता में ज्ञान योग, भक्ति योग व कर्मयोग पर बल दिया गया है। कर्मयोग पर बोलते हुए मान ने कहा कि जीवन में कर्म ही प्रधान है। भगवान ने स्वयं कहा है कि फल की परवाह किए बिना हमें केवल अपना कर्म करना है। कर्मों के हिसाब से ही भगवान हमारे हर कर्म का फल निर्धारित करते हैं। संवाद
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