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करोड़ों रुपये का कारोबार ठप, हड़ताल निरंतर जारी रहेगी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Apr 2016 12:07 AM IST
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स्वर्णकारों की भूख हड़ताल 12वें और धरना 37वें दिन भी जारी
करोड़ों रुपये का कारोबार ठप, हड़ताल निरंतर जारी रहेगी
कैथल। सर्राफों व स्वर्णकारों की क्रमिक भूख हड़ताल 12वें और धरना 37वें दिन में प्रवेश कर गई। भूख हड़ताल पर बैठने वालों में वरुण सर्राफ, रविंद्र वर्मा, बबलू वर्मा, सुरेश वर्मा, नरेश वर्मा बैठे। धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा कि केंद्रीय एसोसिएशन द्वारा जो भी आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी, उसके अनुसार हड़ताल व आंदोलन तेज किया जाएगा और हड़ताल निरंतर जारी रहेगी।
करीब महीने भर से चल रही हड़ताल के कारण कारोबार लगभग ठप हो गया है। लोग सामान खरीदने के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ता है। लोगों को जेवरात न मिलने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं सर्राफ अपनी समस्या को लेकर लगातार हड़ताल की जिद पर अड़े हैं। जिससे न केवल सर्राफ एवं स्वर्णकारों का बल्कि जनता का भी भारी नुकसान हो रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचोंबीच बंद दुकान के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र गोयल व स्वर्णकार सभा के जिला प्रधान विनोद कुमार सोनी ने कहा कि केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाने के स्थान पर वैट में बढ़ोतरी कर दे, क्योंकि पहले भी सर्राफ व स्वर्णकार पूरी ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं, लेकिन एक्साइज ड्यूटी नहीं भरेंगे और ना ही इससे लागू होने देंगे। उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी के काले कानून के साये में कारोबार करना किसी बड़ी सजा से कम नहीं है। इसके लागू होने से इंस्पेक्टरी राज लागू होगा और दुकानदार कागजी कार्रवाई के चक्कर में फंसे रहेंगे। अधिकतर सोने चांदी के कारोबार से जुड़े व्यापारी अशिक्षित हैं और कागजी कार्रवाई पूरी करने में असमर्थ हैं। धरने में रोष जताने वालों में महासचिव सुंदर लाल वर्मा, अरुण सर्राफ, राजेश निरवानिया, पूर्व उपप्रधान प्रवीण मित्तल, राजेश गर्ग सर्राफ, नरेश मित्तल सर्राफ, विनय बंसल, राजेश वर्मा डिंपी, प्रदीप वर्मा, डिंपी वर्मा, विजय वर्मा, रामचंद्र प्योतवाले, शंकर सर्राफ, श्याम लाल वर्मा, सुशील सर्राफ, सतीश वर्मा, अनिल वर्मा, सुभाष गुप्ता, अशोक भोला, सुमित वर्मा, देसराज वर्मा, लवली ज्वैलर्स, लव मोहन वर्मा, स. परमजीत सिंह, सुमित धवन, राजन वर्मा, रजत गुप्ता, विकास वर्मा विक्की, विजय बंसल, सुमित वर्मा, रमेश मल्होत्रा डाईवाला, नीरज वर्मा, सुंदर लाल वर्मा डाईवाले, धर्मपाल फौजी सहित सभी सर्राफ व स्वर्णकार मौजूद थे।
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करोड़ों रुपये का कारोबार ठप, हड़ताल निरंतर जारी रहेगी
कैथल। सर्राफों व स्वर्णकारों की क्रमिक भूख हड़ताल 12वें और धरना 37वें दिन में प्रवेश कर गई। भूख हड़ताल पर बैठने वालों में वरुण सर्राफ, रविंद्र वर्मा, बबलू वर्मा, सुरेश वर्मा, नरेश वर्मा बैठे। धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा कि केंद्रीय एसोसिएशन द्वारा जो भी आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी, उसके अनुसार हड़ताल व आंदोलन तेज किया जाएगा और हड़ताल निरंतर जारी रहेगी।
करीब महीने भर से चल रही हड़ताल के कारण कारोबार लगभग ठप हो गया है। लोग सामान खरीदने के लिए आते हैं, लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ता है। लोगों को जेवरात न मिलने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं सर्राफ अपनी समस्या को लेकर लगातार हड़ताल की जिद पर अड़े हैं। जिससे न केवल सर्राफ एवं स्वर्णकारों का बल्कि जनता का भी भारी नुकसान हो रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीचोंबीच बंद दुकान के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया। सर्राफा एसोसिएशन के प्रधान राजेंद्र गोयल व स्वर्णकार सभा के जिला प्रधान विनोद कुमार सोनी ने कहा कि केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाने के स्थान पर वैट में बढ़ोतरी कर दे, क्योंकि पहले भी सर्राफ व स्वर्णकार पूरी ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं, लेकिन एक्साइज ड्यूटी नहीं भरेंगे और ना ही इससे लागू होने देंगे। उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी के काले कानून के साये में कारोबार करना किसी बड़ी सजा से कम नहीं है। इसके लागू होने से इंस्पेक्टरी राज लागू होगा और दुकानदार कागजी कार्रवाई के चक्कर में फंसे रहेंगे। अधिकतर सोने चांदी के कारोबार से जुड़े व्यापारी अशिक्षित हैं और कागजी कार्रवाई पूरी करने में असमर्थ हैं। धरने में रोष जताने वालों में महासचिव सुंदर लाल वर्मा, अरुण सर्राफ, राजेश निरवानिया, पूर्व उपप्रधान प्रवीण मित्तल, राजेश गर्ग सर्राफ, नरेश मित्तल सर्राफ, विनय बंसल, राजेश वर्मा डिंपी, प्रदीप वर्मा, डिंपी वर्मा, विजय वर्मा, रामचंद्र प्योतवाले, शंकर सर्राफ, श्याम लाल वर्मा, सुशील सर्राफ, सतीश वर्मा, अनिल वर्मा, सुभाष गुप्ता, अशोक भोला, सुमित वर्मा, देसराज वर्मा, लवली ज्वैलर्स, लव मोहन वर्मा, स. परमजीत सिंह, सुमित धवन, राजन वर्मा, रजत गुप्ता, विकास वर्मा विक्की, विजय बंसल, सुमित वर्मा, रमेश मल्होत्रा डाईवाला, नीरज वर्मा, सुंदर लाल वर्मा डाईवाले, धर्मपाल फौजी सहित सभी सर्राफ व स्वर्णकार मौजूद थे।
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