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गैस सिलेंडर लेने पहुंचे लोगों को धीरे से लगा जोर का झटका
ब्यूरो कैथल
Updated Thu, 02 Feb 2017 11:47 PM IST
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सरकार ने गुपचुप तरीके से बढ़ाए गैस सिलेंडर के दाम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एक फरवरी से गैस सिलेंडर की कीमतों में गुपचुप तरीके से हुई बढ़ोतरी नेे लोगों को बड़ा झटका दिया। बुधवार सुबह गैस लेने पहुंचे लोगों को अचानक 67 रुपये बढ़े होने की सूचना मिली तो वे भौचक रह गए। गैस की कीमतों में इजाफा इतनी जल्दबाजी में हुआ कि पहले दिन तो एजेंसियों का सॉफ्टवेयर तक अपडेट नहीं हो पाया। दूसरे दिन जाकर गैस एजेंसियों में सॉफ्टवेयर अपडेट हो पाया। अब गैस सिलेंडर की कीमतें 594 रुपये से बढ़कर 661 रुपये हो गई हैं। यह अलग बात है कि बाद में सब्सिडी भी बढ़ी हुई ही खाते में आएगी।
जब सिलेंडर लेने पहुंचे, तब पता चला कि कीमतें बढ़ गई हैं
उपभोक्ता अनुज कुमार, राजेश शर्मा, सतीश कुमार, जसबीर सिंह, मनोज कुमार ने बताया कि हर महीना गैस सिलेंडर भरवाना पड़ता है। मंगलवार देर रात तक भी कीमतें नहीं बढ़ीं थीं। बुधवार सुबह जब वे सिलेंडर लेने पहुंचे तो उन्हें 594 की बजाए 661 रुपये में दिया गया। जबकि कई लोग तो पूरे-पूरे पैसे लेकर आए थे। उन्हें दोबारा से पैसे लेकर आने पड़े। अचानक 67 रुपये की बढ़ोतरी काफी ज्यादा है। बेशक सब्सिडी का पैसा खाते में आ जाए। यह एक माह बाद मिलता है। उपभोक्ताओं की मांग है कि कीमतें बढ़ा कर कम से कम एक दिन पहले इसका ऐलान तो सरकार करे। ताकि उन्हें जानकारी हो सके।
एक दिन में करीब 5 लाख का बोझ बढ़ा
पूरे जिले में करीब 1 लाख 89 हजार गैस कनेक्शन हैं। इस तरह से एक माह में इन उपभोक्ताओं पर लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। एक बार तो उन्हें सिलेंडर के पूरे पैसे देने पड़ेंगे। एक मोटे अनुमान के अनुसार एक दिन में करीब साढ़े सात हजार सिलेंडर बिकते हैं। इस हिसाब से करीब 5 लाख रुपये से अधिक का एक दिन का उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ा है।
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अभी तक जिले में 812 ने छोड़ी सब्सिडी
जिले की 14 गैस एजेंसियों में 1 लाख 89 हजार 293 गैस उपभोक्ता हैं। जिसमें से केवल 812 लोग ऐसे हैं जो गैस सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं ले रहे हैं। कुछ उपभोक्ता पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद सब्सिडी छोड़ गए तो कुछ सरकार द्वारा 10 लाख की आय पर सब्सिडी खत्म करने की घोषणा पर सब्सिडी छोड़ दी गई है।
यह है गैस सिंलेंडर के कॅमर्शियल रेट
19 किलो के सिलेंडर की कीमत 1268 रुपये, 14 किलो के सिलेंडर की कीमत 661 रुपये व 5 किलो के सिलेंडर की कीमत 353 रुपये है।
इंडेन गैस एजेंसी के मैनेजर चंद्रमोहन जैन व पृथ्वी गैस एजेंसी के संचालक पप्पू चहल ने बताया कि प्रत्येक महीने गैस सिलेंडरों की कीमतें कम व ज्यादा होती रहती है। कम होने पर उपभोक्ताओं को कम सब्सिडी व ज्यादा होने पर ज्यादा सब्सिडी बैंक खाते में आती रहती है। सब्सिडी कम व ज्यादा हो सकती है। सब्सिडी पर गैस सिलेंडरों की कीमतें वहीं है।
अभी तक इस प्रकार मिली है सब्सिडी
गैस उपभोक्ताओं को 2016 के अप्रैल में 98 रुपये, मई में 116 रुपये, जून में 137 रुपये, जुलाई में 227 रुपये, अगस्त में 94 रुपये, सितंबर में 51 रुपये, अक्तूबर में 71 रुपये, नवंबर में 107 रुपये, दिसंबर में 159 रुपये सब्सिडी मिली है।
खाद्य आपूर्ति विभाग में गैस एजेंसी प्रभारी विक्रम शर्मा ने बताया कि सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि हुई है। जिले में गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पहले जहां उपभोक्ता एक लाख के करीब थे अब उनकी संख्या बढ़कर एक लाख 89 हजार 293 हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक महीने गैस सिलेंडरों की कीमतों में कमी व बढ़ोतरी होती रहती है। जिले में इस समय सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है।
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जब सिलेंडर लेने पहुंचे, तब पता चला कि कीमतें बढ़ गई हैं
उपभोक्ता अनुज कुमार, राजेश शर्मा, सतीश कुमार, जसबीर सिंह, मनोज कुमार ने बताया कि हर महीना गैस सिलेंडर भरवाना पड़ता है। मंगलवार देर रात तक भी कीमतें नहीं बढ़ीं थीं। बुधवार सुबह जब वे सिलेंडर लेने पहुंचे तो उन्हें 594 की बजाए 661 रुपये में दिया गया। जबकि कई लोग तो पूरे-पूरे पैसे लेकर आए थे। उन्हें दोबारा से पैसे लेकर आने पड़े। अचानक 67 रुपये की बढ़ोतरी काफी ज्यादा है। बेशक सब्सिडी का पैसा खाते में आ जाए। यह एक माह बाद मिलता है। उपभोक्ताओं की मांग है कि कीमतें बढ़ा कर कम से कम एक दिन पहले इसका ऐलान तो सरकार करे। ताकि उन्हें जानकारी हो सके।
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एक दिन में करीब 5 लाख का बोझ बढ़ा
पूरे जिले में करीब 1 लाख 89 हजार गैस कनेक्शन हैं। इस तरह से एक माह में इन उपभोक्ताओं पर लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। एक बार तो उन्हें सिलेंडर के पूरे पैसे देने पड़ेंगे। एक मोटे अनुमान के अनुसार एक दिन में करीब साढ़े सात हजार सिलेंडर बिकते हैं। इस हिसाब से करीब 5 लाख रुपये से अधिक का एक दिन का उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ा है।
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अभी तक जिले में 812 ने छोड़ी सब्सिडी
जिले की 14 गैस एजेंसियों में 1 लाख 89 हजार 293 गैस उपभोक्ता हैं। जिसमें से केवल 812 लोग ऐसे हैं जो गैस सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं ले रहे हैं। कुछ उपभोक्ता पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद सब्सिडी छोड़ गए तो कुछ सरकार द्वारा 10 लाख की आय पर सब्सिडी खत्म करने की घोषणा पर सब्सिडी छोड़ दी गई है।
यह है गैस सिंलेंडर के कॅमर्शियल रेट
19 किलो के सिलेंडर की कीमत 1268 रुपये, 14 किलो के सिलेंडर की कीमत 661 रुपये व 5 किलो के सिलेंडर की कीमत 353 रुपये है।
इंडेन गैस एजेंसी के मैनेजर चंद्रमोहन जैन व पृथ्वी गैस एजेंसी के संचालक पप्पू चहल ने बताया कि प्रत्येक महीने गैस सिलेंडरों की कीमतें कम व ज्यादा होती रहती है। कम होने पर उपभोक्ताओं को कम सब्सिडी व ज्यादा होने पर ज्यादा सब्सिडी बैंक खाते में आती रहती है। सब्सिडी कम व ज्यादा हो सकती है। सब्सिडी पर गैस सिलेंडरों की कीमतें वहीं है।
अभी तक इस प्रकार मिली है सब्सिडी
गैस उपभोक्ताओं को 2016 के अप्रैल में 98 रुपये, मई में 116 रुपये, जून में 137 रुपये, जुलाई में 227 रुपये, अगस्त में 94 रुपये, सितंबर में 51 रुपये, अक्तूबर में 71 रुपये, नवंबर में 107 रुपये, दिसंबर में 159 रुपये सब्सिडी मिली है।
खाद्य आपूर्ति विभाग में गैस एजेंसी प्रभारी विक्रम शर्मा ने बताया कि सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि हुई है। जिले में गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पहले जहां उपभोक्ता एक लाख के करीब थे अब उनकी संख्या बढ़कर एक लाख 89 हजार 293 हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक महीने गैस सिलेंडरों की कीमतों में कमी व बढ़ोतरी होती रहती है। जिले में इस समय सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है।