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Kaithal News: लहसुन 400 नाट आउट, धनिया लगा रहा दोहरा शतक
Fri, 27 Sep 2024 08:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 27 Sep 2024 08:06 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन/कैथल। सब्जियों के बढ़ते दामों ने आम आदमी का जीवन प्रभावित हो रहा है। सब्जियों के चढ़ते भाव से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। इस समय लहसुन 400 रुपये प्रति किलोग्राम, प्याज 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम, अदरक 120 रुपये प्रति किलोग्राम और टमाटर 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बाजार में बिक रहे हैं।
हरा धनिया जो किसी समय में सब्जी के साथ ऐसे ही मिल जाता था आज 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। ऐसे में आम आदमी किस प्रकार से अपना गुजर बसर कर सकता है। इसके अलावा अन्य सब्जी भी आम आदमी की थाली से दूर होती जा रही है। इस समय बाजार में गोभी 100 रुपये प्रति किलोग्राम, बैंगन 50 रुपये प्रति किलोग्राम, मटर 200 रुपये प्रति किलोग्राम, शिमला मिर्च 100 रुपये से 120 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
इतना ही नहीं मूली 50 रुपये प्रति किलोग्राम, खीरा 50 रुपये प्रति किलोग्राम, भिंडी 60 रुपये प्रति किलोग्राम, अरबी 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही है। ऐसे में गृहिणियों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। शिल्पा, शालिनी, ममता, उषा, सोनिया, कान्ता, सुरेश, विक्की, महेश, विजय, राजेश ने कहा कि पहले कहा जाता था कि ओर कुछ न मिले तो प्याज के साथ रोटी खा लो लेकिन प्याज के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
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इसके अलावा विकल्प होता था कि रोटी के लिए सब्जी नहीं तो चटनी बना लो लेकिन आज चटनी की सामग्री प्याज, लहसुन, अदरक, टमाटर, धनिया सभी आम आदमी की पहुंच से बाहर है। उनका कहना था कि सब्जियों की कीमतें जब इस तरह से बढ़ जाती हैं, तो इसका प्रभाव न केवल खाने-पीने की चीजों पर होता है, बल्कि पूरे परिवार की सेहत पर भी पड़ता है। पहले जो सलाद हमारी थाली का हिस्सा हुआ करता था, अब वह भी गायब होता जा रहा है।
लोगों ने कहा कि सलाद जैसे पोषण से भरपूर भोजन को थाली से हटाना सेहत के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन जब बजट ही साथ न दे, तो मजबूरी में यह करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि महंगाई का असर सबसे ज्यादा गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ता है। जहां एक ओर उनकी आय सीमित होती है, वहीं दूसरी ओर रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें अधिक खर्च करना पड़ता है।
सब्जियों के दामों में इस तरह की वृद्धि आम जनता की जेब पर सीधा असर डालती है, जिससे वे अन्य आवश्यक खर्चों में कटौती करने को मजबूर हो जाते हैं। सरकार को कदम उठाने चाहिए।
ऐसे चल रहे भाव
धनिया
200 रुपये प्रति किलो
गोभी
100 रुपये प्रति किलो
प्याज
70 रुपये प्रति किलो
टमाटर
60 रुपये प्रति किलो
अरबी
60 रुपये प्रति किलो
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सीवन/कैथल। सब्जियों के बढ़ते दामों ने आम आदमी का जीवन प्रभावित हो रहा है। सब्जियों के चढ़ते भाव से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। इस समय लहसुन 400 रुपये प्रति किलोग्राम, प्याज 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम, अदरक 120 रुपये प्रति किलोग्राम और टमाटर 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से बाजार में बिक रहे हैं।
हरा धनिया जो किसी समय में सब्जी के साथ ऐसे ही मिल जाता था आज 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। ऐसे में आम आदमी किस प्रकार से अपना गुजर बसर कर सकता है। इसके अलावा अन्य सब्जी भी आम आदमी की थाली से दूर होती जा रही है। इस समय बाजार में गोभी 100 रुपये प्रति किलोग्राम, बैंगन 50 रुपये प्रति किलोग्राम, मटर 200 रुपये प्रति किलोग्राम, शिमला मिर्च 100 रुपये से 120 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
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इतना ही नहीं मूली 50 रुपये प्रति किलोग्राम, खीरा 50 रुपये प्रति किलोग्राम, भिंडी 60 रुपये प्रति किलोग्राम, अरबी 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही है। ऐसे में गृहिणियों के लिए घर चलाना मुश्किल होता जा रहा है। शिल्पा, शालिनी, ममता, उषा, सोनिया, कान्ता, सुरेश, विक्की, महेश, विजय, राजेश ने कहा कि पहले कहा जाता था कि ओर कुछ न मिले तो प्याज के साथ रोटी खा लो लेकिन प्याज के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
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इसके अलावा विकल्प होता था कि रोटी के लिए सब्जी नहीं तो चटनी बना लो लेकिन आज चटनी की सामग्री प्याज, लहसुन, अदरक, टमाटर, धनिया सभी आम आदमी की पहुंच से बाहर है। उनका कहना था कि सब्जियों की कीमतें जब इस तरह से बढ़ जाती हैं, तो इसका प्रभाव न केवल खाने-पीने की चीजों पर होता है, बल्कि पूरे परिवार की सेहत पर भी पड़ता है। पहले जो सलाद हमारी थाली का हिस्सा हुआ करता था, अब वह भी गायब होता जा रहा है।
लोगों ने कहा कि सलाद जैसे पोषण से भरपूर भोजन को थाली से हटाना सेहत के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन जब बजट ही साथ न दे, तो मजबूरी में यह करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि महंगाई का असर सबसे ज्यादा गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों पर पड़ता है। जहां एक ओर उनकी आय सीमित होती है, वहीं दूसरी ओर रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें अधिक खर्च करना पड़ता है।
सब्जियों के दामों में इस तरह की वृद्धि आम जनता की जेब पर सीधा असर डालती है, जिससे वे अन्य आवश्यक खर्चों में कटौती करने को मजबूर हो जाते हैं। सरकार को कदम उठाने चाहिए।
ऐसे चल रहे भाव
धनिया
200 रुपये प्रति किलो
गोभी
100 रुपये प्रति किलो
प्याज
70 रुपये प्रति किलो
टमाटर
60 रुपये प्रति किलो
अरबी
60 रुपये प्रति किलो