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Kaithal News: मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी का गिरोह पकड़ा
Tue, 25 Mar 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 25 Mar 2025 01:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ ने टावरों से आरआरयू (रिमोट रेडियो यूनिट) उपकरण चोरी करने के मामले में चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर चार आरोपी काबू किए हैं।
आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट गाड़ी, वारदात में प्रयुक्त औजार, 70 हजार रुपये के साथ करीब 35 लाख रुपये के 11 आरआरयू उपकरण बरामद किए गए। पत्रकारों से बातचीत में सोमवार को डीएसपी सुशील प्रकाश ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान गांव गोहिदा जिला करनाल निवासी विनोदी, पवन, कुलदीप व विनोद उर्फ कुक्कू के रूप में हुई है। सभी करीब पांच साल से मोबाइल टावरों पर काम करते थे
उन्होंने बताया कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से विभिन्न जिलों में टावरों से उपकरण चोरी करने की 18 वारदात सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली है. डीएसपी ने बताया कि जींद के दालमवाला निवासी रणबीर सिंह ने शिकायत दी थी कि वह आरएस सिक्योरिटी में सुपरवाइजर के पद पर कार्य करता है। वह आरएस कंपनी इंडस मोबाइल टावर की सुरक्षा की कार्य देखती है। फरल में लगे टावर से 13 मार्च को अज्ञात टावर के ऊपर लगे एक आरआरयू उपकरणों को चोरी कर ले गए। पूंडरी थाने में यह मामला दर्ज कराया गया था।
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डीएसपी ने कहा कि मामले की जांच एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ के इंस्पेक्टर रणजीत व एसआई प्रदीप की टीम कर रही थी। इस दौरान सूचना पर आरोपी गोहिदा गांव करनाल निवासी विनोदी, पवन व कुलदीप को दुसैन के पास से काबू किया गया व आरोपी गोहिदा निवासी विनोद उर्फ कुकू को गोहिदा से काबू किया गया।
डीएसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कबूला वे मोबाइल टावरों पर काम करते थे और कभी काम मिल जाता है, कभी नहीं। काम के एवज में समय पर वेतन भी नहीं मिलता था।
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों के मुताबिक, उनको पता था कि टावरों पर लगी आरआरयू (रिमोट रेडियो यूनिट) काफी महंगी बिकती है। एक उपकरण की कीमत 2.5 लाख से पांच लाख रुपये तक है। उन सभी ने रात के समय टावरों से आरआरयू उपकरण चोरी करके बेचने की योजना बनाई व करीब एक साल से टावरों से चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगे।
डीएसपी ने बताया कि आरोपियों ने जिला कैथल की छह, जिला करनाल की नौ, जिला कुरुक्षेत्र की दो व जिला यमुनानगर की एक टावर से उपकरण चोरी करने की वारदात कबूली है। आरोपी चोरीशुदा उपकरण को आगे बेचने के लिए अपने अन्य साथी आरोपी इंद्री करनाल निवासी संदीप को दे देते थे। जो आगे आरोपी संदीप बेचता था। आरोपी संदीप ने भी आरोपियों के साथ टावरों में काम किया हुआ है।
आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक स्विफ्ट गाड़ी, वारदात में प्रयुक्त औजार, 70 हजार रुपये, करीब 35 लाख रुपये कीमत के 11 आरआरयू उपकरण बरामद किए गए। आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
टावर पर चढ़कर आरोपी करते थे निगरानी
डीएसपी ने बताया कि आरोपी दिन के समय टावरों की रैकी करते थे तथा रात के समय चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। जो एक आरोपी टावर पर चढ़कर चारों तरफ निगरानी करता था। दो आरोपी टावर पर चढ़कर उपकरण उतारते थे। शेष आरोपी नीचे रहकर निगरानी करते थे। सबसे उपर चढ़े आरोपी को जब किसी व्यक्ति या गाड़ी के आने का आभास होता था तो वह फोन करके नीचे सूचना देता था, नीचे वाले आरोपी गाड़ी को दाएं-बाएं छुपा लेते थे।
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कैथल। एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ ने टावरों से आरआरयू (रिमोट रेडियो यूनिट) उपकरण चोरी करने के मामले में चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर चार आरोपी काबू किए हैं।
आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट गाड़ी, वारदात में प्रयुक्त औजार, 70 हजार रुपये के साथ करीब 35 लाख रुपये के 11 आरआरयू उपकरण बरामद किए गए। पत्रकारों से बातचीत में सोमवार को डीएसपी सुशील प्रकाश ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान गांव गोहिदा जिला करनाल निवासी विनोदी, पवन, कुलदीप व विनोद उर्फ कुक्कू के रूप में हुई है। सभी करीब पांच साल से मोबाइल टावरों पर काम करते थे
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उन्होंने बताया कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से विभिन्न जिलों में टावरों से उपकरण चोरी करने की 18 वारदात सुलझाने में पुलिस को सफलता मिली है. डीएसपी ने बताया कि जींद के दालमवाला निवासी रणबीर सिंह ने शिकायत दी थी कि वह आरएस सिक्योरिटी में सुपरवाइजर के पद पर कार्य करता है। वह आरएस कंपनी इंडस मोबाइल टावर की सुरक्षा की कार्य देखती है। फरल में लगे टावर से 13 मार्च को अज्ञात टावर के ऊपर लगे एक आरआरयू उपकरणों को चोरी कर ले गए। पूंडरी थाने में यह मामला दर्ज कराया गया था।
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डीएसपी ने कहा कि मामले की जांच एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ के इंस्पेक्टर रणजीत व एसआई प्रदीप की टीम कर रही थी। इस दौरान सूचना पर आरोपी गोहिदा गांव करनाल निवासी विनोदी, पवन व कुलदीप को दुसैन के पास से काबू किया गया व आरोपी गोहिदा निवासी विनोद उर्फ कुकू को गोहिदा से काबू किया गया।
डीएसपी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कबूला वे मोबाइल टावरों पर काम करते थे और कभी काम मिल जाता है, कभी नहीं। काम के एवज में समय पर वेतन भी नहीं मिलता था।
डीसीपी ने बताया कि आरोपियों के मुताबिक, उनको पता था कि टावरों पर लगी आरआरयू (रिमोट रेडियो यूनिट) काफी महंगी बिकती है। एक उपकरण की कीमत 2.5 लाख से पांच लाख रुपये तक है। उन सभी ने रात के समय टावरों से आरआरयू उपकरण चोरी करके बेचने की योजना बनाई व करीब एक साल से टावरों से चोरी की वारदातों को अंजाम देने लगे।
डीएसपी ने बताया कि आरोपियों ने जिला कैथल की छह, जिला करनाल की नौ, जिला कुरुक्षेत्र की दो व जिला यमुनानगर की एक टावर से उपकरण चोरी करने की वारदात कबूली है। आरोपी चोरीशुदा उपकरण को आगे बेचने के लिए अपने अन्य साथी आरोपी इंद्री करनाल निवासी संदीप को दे देते थे। जो आगे आरोपी संदीप बेचता था। आरोपी संदीप ने भी आरोपियों के साथ टावरों में काम किया हुआ है।
आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक स्विफ्ट गाड़ी, वारदात में प्रयुक्त औजार, 70 हजार रुपये, करीब 35 लाख रुपये कीमत के 11 आरआरयू उपकरण बरामद किए गए। आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
टावर पर चढ़कर आरोपी करते थे निगरानी
डीएसपी ने बताया कि आरोपी दिन के समय टावरों की रैकी करते थे तथा रात के समय चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। जो एक आरोपी टावर पर चढ़कर चारों तरफ निगरानी करता था। दो आरोपी टावर पर चढ़कर उपकरण उतारते थे। शेष आरोपी नीचे रहकर निगरानी करते थे। सबसे उपर चढ़े आरोपी को जब किसी व्यक्ति या गाड़ी के आने का आभास होता था तो वह फोन करके नीचे सूचना देता था, नीचे वाले आरोपी गाड़ी को दाएं-बाएं छुपा लेते थे।