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Kaithal News: पूंडरी मंडी में गेहूं खरीद न होने से किसानों, आढ़तियों में रोष

Tue, 11 Apr 2023 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 11 Apr 2023 11:48 PM IST
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Fury among farmers and jobbers due to non-purchase of wheat
पूंडरी। अनाज मंडी में गेहूं की खरीद न होने पर किसानों व आढ़तियों में रोष है। किसान जहां गेहूं बेचने के लिए सोलुमाजरा स्थित साइलो अदानी गोदामों के धक्के खा रहे हैं और गेहूं क्वालिटी पास न होने पर वापस लाकर सुखा रहे हैं, वहीं आढ़तियों के ग्राहक किसान दूसरी मंडियों में गेहूं ले जा रहे हैं। इससे आढ़तियों की आढ़त व ग्राहक के चले जाने का डर सता रह है।
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नई अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान रणजीत सिंह टाया, पूर्व प्रधान रामपाल बरसाना व कार्यकारिणी सदस्य महेंद्र पाल, नरेंद्र सिंह, संजीव कुमार, मोनी गोयल व सुशील गोरा ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि सरकार एक अप्रैल से ही गेहूं की खरीद शुरू करने की बात कही थी लेकिन पूंडरी मंडी के किसानों का गेहूं सीधे साइलो गोदामों में डालने के निर्देश जारी किए हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि आदानी गोदाम ने 10 अप्रैल तक भी गेहूं लेना शुरू नहीं किया था जिसकी वजह से गोदाम के सामने तीन से चार किलोमीटर तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लग गई। किसानों के जाम लगाने व धरना देने के बाद मंगलवार से गोदाम में गेहूं लेना शुरू हुआ। बहुत किसान पूंडरी मंडी में गेहूं डाले हुए हंै। मंडी में इस समय लगभग 50 हजार क्विंटल गेहूं पड़ा है।
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उन्होंने बताया कि किसान मजबूरी में मजदूरी देकर ट्रक व ट्रॉलियों में गेहूं लोड करवा रहे हैं, जिनमें से कुछ अन्य मंडियों में गेहूं बेचकर आ रहे हैं। अदानी गोदामों में दो दिन तक नंबर नहीं आ रहा। आढ़तियों ने मांग की कि जो किसान अदानी गोदाम में गेहूं नहीं ले जाना चाहते हैं, उनकी बारदाना देकर मंडी से खरीद की जाए।

किसान मोर्चा प्रदेश महासचिव रणदीप आर्य ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाए कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से किसान आर्थिक रूप से गुलाम होता जा रहा है और आढ़ती का व्यापार खत्म होने के कगार पर है। प्रदेश में जब मंडियां शुरू की गई थी, तब मंडियां में किसान 15 से 20 किलोमीटर तक फसल बेचने के लिए आते थे। इस दूरी को कम करने के लिए सरकार ने खरीद केंद्र खोलकर इस दूरी को पांच से 10 किलोमीटर कर दिया।


साइलो गोदामों में बाकल, हजवाणा, सिरसल, बदनारा जैसे गांव के किसान 30 से 35 किलोमीटर दूरी तय करके गोदामों तक जा रहे हैं। सरकार की इस नीति के खिलाफ किसान आढ़तियों के साथ सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के लिए तैयार हैंं। मंडी में गेहूं लेकर आए किसान लखविंद्र सिंह, राजकिशन टयोंठा, शिशपाल फरल, नीरज सांच, निशान सिंह व राजकुमार ने कहा कि किसान पर दोहरी मार पड़ रही है। किसान को पहले बेमौसमी बारिश ने बर्बाद किया, अब गेहूं बेचने के लिए किसान को साइलो गोदामों में धक्के खाने पड़ रहे हंै।
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