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Kaithal News: बेटे को विदेश भेजने के नाम पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी, तीन पर केस
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कैथल। सीवन के डेरा तारा सिंह के एक किसान को उसके बेटे को विदेश भेजने के नाम पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। आरोपियों ने पहले तो युवक को यूके भेजने के नाम पर बरगलाया। इसके बाद उसे कनाडा भेजने की बात कही लेकिन उसे न तो यूके भेजा और न ही कनाडा।
एसपी कार्यालय के माध्यम से सीवन थाना में दी गई शिकायत में सीवन के डेरा तारा सिंह निवासी बलजिंद्र सिंह ने बताया कि लवराज सिंह उसका बेटा है और उसने बेटे का यूके का स्टडी वीजा लगवाने के लिए वर्ष 2020 में रिवाड़ जागीर निवासी जगदीप मित्तल, बिटटू काजल और बिटटू के पिता रामकिशन की ओर से चीका में संचालित किए जा रहे विंगस स्टडी अबरोड में वीजा लगवाने के लिए दस्तावेज दिए थे। आरोपियों ने उनसे एडवांस में एक लाख रुपये मांगे और वह उनकी बातों में आ गए। इसके बाद यह राशि दे दी।
उस समय प्रदेश में चल रही कोरोना महामारी की वजह से काफी समय बीत गया और बेटे का वीजा नहीं लगा। इसके बाद जगदीप ने वर्ष 2023 में उससे कहा कि वे आपके बेटे लवराज सिंह का यूके का स्टडी वीजा अब लगवा देगा। जिसके लिए आपको करीब 16 लाख 50 हजार रुपये देने होंगें और हम आपके बेटे को स्टडी वीजा पर यूके भेज देंगे और यूनिवर्सिटी फीस के लिए एडवांस में छह लाख रुपये की मांग के लिए मेरे घर चक्कर लगाने लगा लेकिन उसने रुपये देने से मना कर दिया।
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फिर उसने कहा कि आप मुझे सिक्योरिटी के तौर पर किसी जिम्मेदार आदमी को दे दो तो वह छह लाख रुपये एडवांस दे देगा। इसके बाद जगदीप मित्तल ने उससे कहा कि उसकी जान पहचान का एक रामकिशन से है, जो गांव का पूर्व सरपंच रह चुका है और उस समय रामकिशन चीका में काजल ट्रैक्टर्स के नाम से एजेंसी में काम करता था।
फिर दोनों पक्ष रामकिशन के पास गए और रामकिशन ने कहा कि आप लिख कर दीजिए और 10 लाख रुपये के खुद जिम्मेदार बनक कहा कि अगर जगदीप मित्तल व बिटटू काजल आपको राशि वापस नहीं करते तो वे खुद राशि लौटा देगा। जिसके लिए वीजा का निर्धारित समय 45 दिन दिया गया और जगदीप मित्तल ने पहले लिए गए छह लाख रुपये की एवज में सिक्योरिटी के तौर पर बैंक खाते के अपने हस्ताक्षर कर सिक्योरिटी के तौर पर दे दिए। इसके बाद वह आरोपियों की बातों में आ गया। फिर यह राशि 13 मार्च 2023 को आरोपियों को दे दी।
इसके बाद आरोपियों में से कोई नहीं मिला। इस कारण वे रामकिशन के पास गए तो वह कहने लगा कि उसका बेटा बिटटू काजल उसे ढूंढने गया है। वे जानबूझ कर गुमराह करते रहे और जब हम बार-बार चक्कर लगाते रहे तो फिर रामकिशन व उसका बेटा बिटटू काजल मिला और उसने दस्तावेज वापस देते हुए कहा कि जगदीप मित्तल का तो मुझे पता नहीं लेकिन आपके बेटे को विदेश कनाडा में भेज सकता है। बेटे को कनाडा भेजने के नाम 26 लाख रुपये मांगे। आरोपियों ने न बेटे का वीजा लगवाया और न ही एडवांस में दिए गए सात लाख रुपये वापस लौटाए।
सीवन थाना प्रभारी कुलदीप देशवाल ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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एसपी कार्यालय के माध्यम से सीवन थाना में दी गई शिकायत में सीवन के डेरा तारा सिंह निवासी बलजिंद्र सिंह ने बताया कि लवराज सिंह उसका बेटा है और उसने बेटे का यूके का स्टडी वीजा लगवाने के लिए वर्ष 2020 में रिवाड़ जागीर निवासी जगदीप मित्तल, बिटटू काजल और बिटटू के पिता रामकिशन की ओर से चीका में संचालित किए जा रहे विंगस स्टडी अबरोड में वीजा लगवाने के लिए दस्तावेज दिए थे। आरोपियों ने उनसे एडवांस में एक लाख रुपये मांगे और वह उनकी बातों में आ गए। इसके बाद यह राशि दे दी।
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उस समय प्रदेश में चल रही कोरोना महामारी की वजह से काफी समय बीत गया और बेटे का वीजा नहीं लगा। इसके बाद जगदीप ने वर्ष 2023 में उससे कहा कि वे आपके बेटे लवराज सिंह का यूके का स्टडी वीजा अब लगवा देगा। जिसके लिए आपको करीब 16 लाख 50 हजार रुपये देने होंगें और हम आपके बेटे को स्टडी वीजा पर यूके भेज देंगे और यूनिवर्सिटी फीस के लिए एडवांस में छह लाख रुपये की मांग के लिए मेरे घर चक्कर लगाने लगा लेकिन उसने रुपये देने से मना कर दिया।
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फिर उसने कहा कि आप मुझे सिक्योरिटी के तौर पर किसी जिम्मेदार आदमी को दे दो तो वह छह लाख रुपये एडवांस दे देगा। इसके बाद जगदीप मित्तल ने उससे कहा कि उसकी जान पहचान का एक रामकिशन से है, जो गांव का पूर्व सरपंच रह चुका है और उस समय रामकिशन चीका में काजल ट्रैक्टर्स के नाम से एजेंसी में काम करता था।
फिर दोनों पक्ष रामकिशन के पास गए और रामकिशन ने कहा कि आप लिख कर दीजिए और 10 लाख रुपये के खुद जिम्मेदार बनक कहा कि अगर जगदीप मित्तल व बिटटू काजल आपको राशि वापस नहीं करते तो वे खुद राशि लौटा देगा। जिसके लिए वीजा का निर्धारित समय 45 दिन दिया गया और जगदीप मित्तल ने पहले लिए गए छह लाख रुपये की एवज में सिक्योरिटी के तौर पर बैंक खाते के अपने हस्ताक्षर कर सिक्योरिटी के तौर पर दे दिए। इसके बाद वह आरोपियों की बातों में आ गया। फिर यह राशि 13 मार्च 2023 को आरोपियों को दे दी।
इसके बाद आरोपियों में से कोई नहीं मिला। इस कारण वे रामकिशन के पास गए तो वह कहने लगा कि उसका बेटा बिटटू काजल उसे ढूंढने गया है। वे जानबूझ कर गुमराह करते रहे और जब हम बार-बार चक्कर लगाते रहे तो फिर रामकिशन व उसका बेटा बिटटू काजल मिला और उसने दस्तावेज वापस देते हुए कहा कि जगदीप मित्तल का तो मुझे पता नहीं लेकिन आपके बेटे को विदेश कनाडा में भेज सकता है। बेटे को कनाडा भेजने के नाम 26 लाख रुपये मांगे। आरोपियों ने न बेटे का वीजा लगवाया और न ही एडवांस में दिए गए सात लाख रुपये वापस लौटाए।
सीवन थाना प्रभारी कुलदीप देशवाल ने बताया कि इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।