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Kaithal News: झांसा देकर तीन लोगों से 49 लाख रुपये की धोखाधड़ी
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कैथल। लॉटरी में गाड़ी देने, गैस सिलिंडर की शिकायत दर्ज करवाने व युवक को फौज में नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपियों ने तीन लोगों से 49 लाख से ज्यादा रुपये धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने तीनों मामलों में केस दर्ज कर लिया है।
केस - एक
लॉटरी के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे
पहले मामले में डेरा टहल सिंह पाडला रोड पट्टी कोथ निवासी गुरुमेज सिंह ने साइबर थाना में शिकायत दी कि उसकी न्यू सिक्का मार्केट कैथल में दुकान है। उसके व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज आया कि उसने लॉटरी के इनाम में एक गाड़ी जीती है। उस मैसेज में उसका नाम, मोबाइल नंबर व गाड़ी की कीमत छह लाख 90 हजार रुपये लिखी हुई थी। मैसेज भेजने वाले ने कहा कि वह गाड़ी लेना चाहेगा या गाड़ी की कीमत के पैसे लेना चाहता है। उसने गाड़ी की कीमत लेने पर सहमति दे दी। इस पर आरोपी ने कहा कि उसे रजिस्ट्रेशन के 6900 रुपये देने पड़ेंगे। उसने रुपये भेज दिए। ऐसा करके आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर और उसे गाड़ी की लॉटरी का लालच देकर करीब 45 लाख रुपये ले लिए। इस बीच आरोपी उसे गाड़ी की कीमत के साथ-साथ दी गई राशि भी रिफंड करने का आश्वासन देता रहा। ऐसा करके आरोपी ने उसके साथ धोखाधड़ी की है।
केस दो
एप डाउनलोड करवाकर ठगी
दूसरे मामले में जाखौली अड्डा निवासी कृष्णलाल ने पुलिस को शिकायत दी कि चार अप्रैल को उसके पास फोन आया। उस पर उसे गैस सिलिंडर की शिकायत दर्ज करवानी थी। फोन करने वाले ने कहा कि रस्ट डेस्क के नाम से एप को वह डाउनलोड कर लें। साथ ही रजिस्ट्रेशन चार्ज के पांच रुपये ऑनलाइन मांगे। उसने रुपये भेज दिए। आरोपी ने उसे बातों में लगाकर रखा और उसके बैंक खाते व क्रेडिट कार्ड से एक लाख 54 हजार 858 रुपये धोखाधड़ी पूर्वक निकाल लिए।
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केस-तीन
फौज में नौकरी लगवाने के नाम पर ढाई लाख हड़पे
तीसरे मामले में गांव हरिपुरा निवासी मुन्नी देवी ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दी कि मानस गांव निवासी सूरजभान उनके गांव में सुनार का काम करता था। उसकी हरिपुरा गांव में कई वर्ष से दुकान थी। बीते साल आरोपी ने उनके घर गांव हरिपुरा में आकर कहा कि वह बच्चों को फौज में सरकारी नौकरी लगवाता है। कई बच्चों को भारतीय फौज में लगवा भी चुका है। आरोपी ने उन्हें पूरा विश्वास दिलवा दिया।
आरोपी ने शिकायतकर्ता के बड़े बेटे जयपाल को सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही और पांच लाख रुपये मांगे। 23 अक्टूबर 2021 को उसके पति रमेश व छोटे बेटे अजय ने आरोपी को उसकी कैथल डिफेंस कॉलोनी स्थित दुकान में दो लाख रुपये नकद दे दिए। बाद में 50 हजार रुपये का चेक भी दे दिया। आरोपी ने उसके बेटे जयपाल को नौकरी लगवाने के लिए मेरठ बुला लिया। उसका बेटा वहां 15 नवंबर से 10 दिसंबर 2021 तक खुद के खर्चे पर किराये का कमरा लेकर रहा। वहां उसके बेटे के साथ एक अन्य युवक संदीप भी था और कई अन्य लड़के भी नौकरी के लिए बुला रखे थे। मेरठ में रहते हुए उसके बेटे जयपाल की सूरजभान व शक्ति नगर निवासी राजेश से बातचीत हुई। सूरजभान ने उसे कह रखा था कि राजेश मेरठ में भारतीय फौज का बहुत बड़ा अफसर है और उसका रिश्तेदार है। उन दोनों ने अपने एक जानकार सचिन का नकली पहचान पत्र उसके बेटे को दिखा दिया। तीनों आरोपी मिलकर काफी समय तक उसके बेटे को फौज में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देते रहे। आरोपियों का एक अन्य व्यक्ति संजय ने भी सहयोग किया। अब दो लाख 50 हजार रुपये लेने के बाद भी आरोपियों ने उसके बेटे को नौकरी पर नहीं लगवाया। न ही उनके रुपये वापस दिए। ऐसा करके आरोपियों ने उनके साथ दो लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। एसआई कुलविंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।
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केस - एक
लॉटरी के नाम पर लाखों रुपये ऐंठे
पहले मामले में डेरा टहल सिंह पाडला रोड पट्टी कोथ निवासी गुरुमेज सिंह ने साइबर थाना में शिकायत दी कि उसकी न्यू सिक्का मार्केट कैथल में दुकान है। उसके व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज आया कि उसने लॉटरी के इनाम में एक गाड़ी जीती है। उस मैसेज में उसका नाम, मोबाइल नंबर व गाड़ी की कीमत छह लाख 90 हजार रुपये लिखी हुई थी। मैसेज भेजने वाले ने कहा कि वह गाड़ी लेना चाहेगा या गाड़ी की कीमत के पैसे लेना चाहता है। उसने गाड़ी की कीमत लेने पर सहमति दे दी। इस पर आरोपी ने कहा कि उसे रजिस्ट्रेशन के 6900 रुपये देने पड़ेंगे। उसने रुपये भेज दिए। ऐसा करके आरोपी ने अलग-अलग बहाने बनाकर और उसे गाड़ी की लॉटरी का लालच देकर करीब 45 लाख रुपये ले लिए। इस बीच आरोपी उसे गाड़ी की कीमत के साथ-साथ दी गई राशि भी रिफंड करने का आश्वासन देता रहा। ऐसा करके आरोपी ने उसके साथ धोखाधड़ी की है।
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केस दो
एप डाउनलोड करवाकर ठगी
दूसरे मामले में जाखौली अड्डा निवासी कृष्णलाल ने पुलिस को शिकायत दी कि चार अप्रैल को उसके पास फोन आया। उस पर उसे गैस सिलिंडर की शिकायत दर्ज करवानी थी। फोन करने वाले ने कहा कि रस्ट डेस्क के नाम से एप को वह डाउनलोड कर लें। साथ ही रजिस्ट्रेशन चार्ज के पांच रुपये ऑनलाइन मांगे। उसने रुपये भेज दिए। आरोपी ने उसे बातों में लगाकर रखा और उसके बैंक खाते व क्रेडिट कार्ड से एक लाख 54 हजार 858 रुपये धोखाधड़ी पूर्वक निकाल लिए।
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केस-तीन
फौज में नौकरी लगवाने के नाम पर ढाई लाख हड़पे
तीसरे मामले में गांव हरिपुरा निवासी मुन्नी देवी ने सिविल लाइन थाना में शिकायत दी कि मानस गांव निवासी सूरजभान उनके गांव में सुनार का काम करता था। उसकी हरिपुरा गांव में कई वर्ष से दुकान थी। बीते साल आरोपी ने उनके घर गांव हरिपुरा में आकर कहा कि वह बच्चों को फौज में सरकारी नौकरी लगवाता है। कई बच्चों को भारतीय फौज में लगवा भी चुका है। आरोपी ने उन्हें पूरा विश्वास दिलवा दिया।
आरोपी ने शिकायतकर्ता के बड़े बेटे जयपाल को सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही और पांच लाख रुपये मांगे। 23 अक्टूबर 2021 को उसके पति रमेश व छोटे बेटे अजय ने आरोपी को उसकी कैथल डिफेंस कॉलोनी स्थित दुकान में दो लाख रुपये नकद दे दिए। बाद में 50 हजार रुपये का चेक भी दे दिया। आरोपी ने उसके बेटे जयपाल को नौकरी लगवाने के लिए मेरठ बुला लिया। उसका बेटा वहां 15 नवंबर से 10 दिसंबर 2021 तक खुद के खर्चे पर किराये का कमरा लेकर रहा। वहां उसके बेटे के साथ एक अन्य युवक संदीप भी था और कई अन्य लड़के भी नौकरी के लिए बुला रखे थे। मेरठ में रहते हुए उसके बेटे जयपाल की सूरजभान व शक्ति नगर निवासी राजेश से बातचीत हुई। सूरजभान ने उसे कह रखा था कि राजेश मेरठ में भारतीय फौज का बहुत बड़ा अफसर है और उसका रिश्तेदार है। उन दोनों ने अपने एक जानकार सचिन का नकली पहचान पत्र उसके बेटे को दिखा दिया। तीनों आरोपी मिलकर काफी समय तक उसके बेटे को फौज में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देते रहे। आरोपियों का एक अन्य व्यक्ति संजय ने भी सहयोग किया। अब दो लाख 50 हजार रुपये लेने के बाद भी आरोपियों ने उसके बेटे को नौकरी पर नहीं लगवाया। न ही उनके रुपये वापस दिए। ऐसा करके आरोपियों ने उनके साथ दो लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। एसआई कुलविंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।