फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Flood of faith in Mahayagya

50 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे महायज्ञ में भाग लेने

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 01:06 AM IST
विज्ञापन
Flood of faith in Mahayagya
कैथल। कैलरम और तितरम गांव में बाबा ठंडूनाथ की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा के लिए आयोजित महायज्ञ में रविवार को श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने महायज्ञ में सहभागिता की। इस दौरान विशेष भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण की। सोमवार को दिल्ली से बुक किया गया हेलीकॉप्टर दोनों गांवों के आसमान से पुष्पवर्षा करेगा। 18 मार्च से आयोजित महायज्ञ में प्रतिदिन लगभग एक लाख की सब्जी की खपत हो रही है।
विज्ञापन

दोनों गांवों के लगभग दो हजार युवाओं ने भंडारे की कमान संभाल रखी है। भंडारे में देशी घी के लड्डू, सब्जी, रोटी, दाल, चावल का प्रसाद बनाया गया। भंडारे की कमान दोनों गांवों के युवाओं ने जिम्मेदारी से संभाल रखी है। मंदिर कमेटी ने युवाओं की अलग-अलग जिम्मेवारी तय की है।
विज्ञापन

मंदिर कमेटी के सदस्य चांदी राम ने बताया कि भंडारे में सब्जियों की आपूर्ति की जिम्मेवारी उन्हें सौंपी गई है। 18 मार्च से भंडारे में अब तक दो लाख से अधिक लोग प्रसाद ग्रहण कर चुके हैं। जब से भंडारा शुरू हुआ है, तब से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु भंडारे में निरंतर आ रहे हैं। हलवाई ईश्वर ने बताया कि हर रोज 15 क्विंटल सब्जी भंडारे में बनाई जाती है। इसमें दाल, आलू, टमाटर, मटर, प्याज, मिर्च आदि शामिल हैं। 24 घंटे भंडारा चलता है। सब्जियां कैथल मंडी से ही खरीदी गई हैं। इसके साथ-साथ गांव के जो किसान सब्जी का काम करते हैं, वे भी सब्जियां उपलब्ध करवा रहे हैं। इसके अलावा जो किसान धान व गेहूं की खेती करते हैं, वे चावल, आटा की व्यवस्था कर रहे हैं। 18 मार्च से रविवार तक 700 के करीब गैस सिलिंडर लग चुके हैं। 200 से अधिक हवाई मिलकर भंडारे में प्रसाद तैयार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

महिलाओं ने 50 क्विंटल आटे की बनाई रोटियां
महिला सेवा, अनीता, अंगूरी, कमली, नमिता, अनीता, बीरमति और कृष्णा ने बताया कि वह 18 मार्च से भंडारे में रोटियां बना रही हैं। 26 मार्च तक हर रोज 10 क्विंटल आटे की रोटियां बनाते थे। रविवार को उन्हें रोटियां बनाने के लिए 50 क्विंटल आटा दिया गया है। रोटियां बनाने के लिए 20 तवे लगाए गए हैं। सभी तवों पर छह से सात महिलाएं रोटियां बनाती हैं। आटा गूंथने के लिए भी 10 बड़ी परात दी गई है। प्रत्येक परात पर पांच से छह महिलाएं बैठकर आटा गूंथती है। इसके लिए भी बहुत सी महिलाएं सेवा करने के लिए तैयार रहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed