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Kaithal News: स्कूलों को नोटिस जारी कर पांच दिन का अल्टीमेटम
Sat, 15 Apr 2023 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 15 Apr 2023 01:20 AM IST
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जितेंद्र पांचाल
कैथल। जिले में कई ऐसे निजी स्कूल ऐसे हैं, जहां न तो योग्य शिक्षक हैं और न अन्य सुविधाएं। निजी प्रकाशकों की पुस्तकें थोपने आदि शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने करीब 12 स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। स्पष्टीकरण देने के लिए उन्हें पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है।
शिक्षा विभाग के मुताबिक, यदि समयावधि में संबंधित स्कूलों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो उनकी मान्यता पर भी तलवार लटक सकती है। इन स्कूलों में शिक्षकों की योग्यता तक सही नहीं मिली है। कई अन्य अनियमितताएं भी मिलने की बात सामने आई है।
गौरतलब है कि स्कूलों द्वारा लगवाई जा रही निजी प्रकाशकों की पुस्तकों, दाखिले के नाम पर फीस वसूली और निजी स्कूलों में जरूरी सुविधाओं के अभाव संबंधित समाचारों को विशेष अभियान के तहत प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने अलग-अलग समय में स्कूलों में छापामारी की। इसके साथ स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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शहर के नामी स्कूलों सहित जिले के अन्य कई स्कूलों में कक्षाएं न होने के बावजूद शिक्षक नर्सरी व केजी के विद्यार्थियों को पढ़ाते मिले। स्कूलों में न तो अग्निश्मन यंत्र मिला और न ही सफाई या फिर भवन सुरक्षा का प्रमाण पत्र मिला। एनसीईआरटी के बजाय स्कूल में निजी प्रकाशक की पुस्तकें पाई गई। उनके दाम भी एनसीईआरटी की पुस्तकों से कई गुना अधिक पाए गए। कई स्कूलों में शिक्षकों की योग्यता तक पूरी नहीं पाई गई। न ही उनको वेतन देने से संबंधित रिकॉर्ड स्कूलों के पास अधोहस्ताक्षरी पाया गया।
अब जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी नोटिस में कहा है कि छापामारी के दौरान कुछ निजी स्कूल ऐसे भी पाए गए हैं, जिनके परिसर में कॉलेज तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। जबकि स्कूल और कॉलेज प्रांगण को अलग-अलग करने के लिए चहार दीवारी तक नहीं मिली। ऐसे स्कूलों को कड़े आदेश दिए गए कि वे स्कूल व कॉलेज के भूमि संबंधित दस्तावेज डीइओ कार्यालय में जमा करवाएं। संवाद
स्कूलों को स्पष्टीकरण के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। अगर कोई संतोषजनक जवाब स्कूलों की ओर से नहीं आया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों को स्कूलों के खिलाफ सख्त निर्णय लेने के लिए पत्र लिखा जाएगा। -रविंद्र चौधरी जिला शिक्षा अधिकारी
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कैथल। जिले में कई ऐसे निजी स्कूल ऐसे हैं, जहां न तो योग्य शिक्षक हैं और न अन्य सुविधाएं। निजी प्रकाशकों की पुस्तकें थोपने आदि शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने कड़ा संज्ञान लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने करीब 12 स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। स्पष्टीकरण देने के लिए उन्हें पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है।
शिक्षा विभाग के मुताबिक, यदि समयावधि में संबंधित स्कूलों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो उनकी मान्यता पर भी तलवार लटक सकती है। इन स्कूलों में शिक्षकों की योग्यता तक सही नहीं मिली है। कई अन्य अनियमितताएं भी मिलने की बात सामने आई है।
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गौरतलब है कि स्कूलों द्वारा लगवाई जा रही निजी प्रकाशकों की पुस्तकों, दाखिले के नाम पर फीस वसूली और निजी स्कूलों में जरूरी सुविधाओं के अभाव संबंधित समाचारों को विशेष अभियान के तहत प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने अलग-अलग समय में स्कूलों में छापामारी की। इसके साथ स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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शहर के नामी स्कूलों सहित जिले के अन्य कई स्कूलों में कक्षाएं न होने के बावजूद शिक्षक नर्सरी व केजी के विद्यार्थियों को पढ़ाते मिले। स्कूलों में न तो अग्निश्मन यंत्र मिला और न ही सफाई या फिर भवन सुरक्षा का प्रमाण पत्र मिला। एनसीईआरटी के बजाय स्कूल में निजी प्रकाशक की पुस्तकें पाई गई। उनके दाम भी एनसीईआरटी की पुस्तकों से कई गुना अधिक पाए गए। कई स्कूलों में शिक्षकों की योग्यता तक पूरी नहीं पाई गई। न ही उनको वेतन देने से संबंधित रिकॉर्ड स्कूलों के पास अधोहस्ताक्षरी पाया गया।
अब जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जारी नोटिस में कहा है कि छापामारी के दौरान कुछ निजी स्कूल ऐसे भी पाए गए हैं, जिनके परिसर में कॉलेज तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। जबकि स्कूल और कॉलेज प्रांगण को अलग-अलग करने के लिए चहार दीवारी तक नहीं मिली। ऐसे स्कूलों को कड़े आदेश दिए गए कि वे स्कूल व कॉलेज के भूमि संबंधित दस्तावेज डीइओ कार्यालय में जमा करवाएं। संवाद
स्कूलों को स्पष्टीकरण के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। अगर कोई संतोषजनक जवाब स्कूलों की ओर से नहीं आया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों को स्कूलों के खिलाफ सख्त निर्णय लेने के लिए पत्र लिखा जाएगा। -रविंद्र चौधरी जिला शिक्षा अधिकारी