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सचिवालय परिसर भवन की नहीं है अभी तक फायर एनओसी
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जिले के निजी प्रतिष्ठानों और भवनों की फायर एनओसी की जांच करने का जिम्मेदार विभाग जिस लघु सचिवालय परिसर में चल रहा है। उस लघु सचिवालय की फायर एनओसी अभी तक जारी नहीं हो पाई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सरकारी भवनों की यह स्थिति है तो जिले में निजी भवनों की हालत क्या होगी?
आरटीआई कार्यकर्ता जयपाल रसूलपुर ने कहा कि आरटीआई के माध्यम से यह सूचना मांगी गई थी कि लघु सचिवालय भवन की फायर एनओसी है या नहीं। जिसमें पता चला है कि अभी तक फायर एनओसी नहीं है। कुछ दिन पहले कृषि विभाग के कक्ष में आग लग गई थी। जिस पर दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया गया था।
फायर विभाग के फायर ऑफिसर गुरमेल सिंह ने कहा कि लघु सचिवालय की एनओसी नहीं है। जब तक दस्तावेज पूरे नहीं होंगे, एनओसी नहीं दी जा सकती। एनओसी से पहले ड्राइंग स्कीम पास होने के लिए भेजी जाती है। ड्राइंग स्कीम के दस्तावेज पूरे होने पर मुख्यालय भेजा जाएगा और वहां से अप्रूवल लेटर आएगा उसके बाद ही एनओसी के लिए आवेदन किया जा सकता है।
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आरटीआई कार्यकर्ता जयपाल रसूलपुर ने कहा कि आरटीआई के माध्यम से यह सूचना मांगी गई थी कि लघु सचिवालय भवन की फायर एनओसी है या नहीं। जिसमें पता चला है कि अभी तक फायर एनओसी नहीं है। कुछ दिन पहले कृषि विभाग के कक्ष में आग लग गई थी। जिस पर दमकल विभाग की मदद से आग पर काबू पाया गया था।
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फायर विभाग के फायर ऑफिसर गुरमेल सिंह ने कहा कि लघु सचिवालय की एनओसी नहीं है। जब तक दस्तावेज पूरे नहीं होंगे, एनओसी नहीं दी जा सकती। एनओसी से पहले ड्राइंग स्कीम पास होने के लिए भेजी जाती है। ड्राइंग स्कीम के दस्तावेज पूरे होने पर मुख्यालय भेजा जाएगा और वहां से अप्रूवल लेटर आएगा उसके बाद ही एनओसी के लिए आवेदन किया जा सकता है।
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