{"_id":"61857a4dcd13c8493e68158a","slug":"festival-of-lights-celebrated-with-pomp-kaithal-news-knl88688443","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूमधाम से मनाया दीपों का पर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूमधाम से मनाया दीपों का पर्व
विज्ञापन
festival of lights celebrated with pomp
- फोटो : Kaithal
दीपों का पर्व दीपावली नगर व आसपास के क्षेत्र में धूमधाम से मनाया गया। दिन भर बाजारों में महिलाओं, बच्चों व युवाओं ने जमकर खरीदारी की। रंग बिरंगी चीनी लड़ियां दुकानों पर रखी तो रही, लेकिन इस बार इनके प्रति लोगों में कम रुझान रहा। आतिशबाजी चलाने पर प्रतिबंध लगाए जाने के चलते इसका भी शोर पूर्व की अपेक्षा बहुत ही कम सुनाई दिया। ऐसे बहुत से दुकानदार इस बार देखे जो पूर्व में पटाखे बेचते थे, लेकिन इस बार वे बिक्री के लिए सामान ही नहीं लाए। लोग आतिशबाजी खरीदने के लिए इधर-उधर घूमते देखे गए। संवाद
क्षेत्र में दीपावली पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। घरों को सजाकर लोगों ने खूब आतिशबाजी चलाई। विधि विधान से मां लक्ष्मी की पूजा की। देर शाम घरों को सजाकर धन व वैभव की वृद्धि की कामना हुई। प्रशासन के आदेशों को दरकिनार कर लोगों ने खासकर गांवों में जमकर पटाखे छोड़े। हालांकि पुलिस कस्बे से पटाखे की दुकानों पर गश्त करते व उनके पटाखों को समेटते भी दिखी लेकिन फिर भी कस्बे में खूब पटाखे बिके। लोगों का कहना था कि साल में एक बार ही त्योहार आता है और उसी खुशी के त्योहार पर प्रशासन व कोर्ट पाबंदी लगा देते हैं। लोगों का कहना है कि बिना आतिशबाजी व पटाखों के कैसी दिवाली। संवाद
दीपों का त्यौहार दीपावली नगर व आसपास के गांवों में मनाया गया। दीपावली पर्व के उपलक्ष्य में बाजारों में चहल-पहल पिछले वर्ष की अपेक्षा काफी कम दिखाई दी। वहीं नगर में चाइनीज लड़ियां भी न के बराबर थी। लोगों ने अब की बार ज्यादातर मिट्टी के दीए ही जलाए। नगर के पूरे बाजार दुल्हन की तरह सजे हुए थे। दीपावली के दिन लोगों के एक दूसरे को बधाई दी। हलवाई की दुकानों पर अब की बार वह रौनक नही दिखाई दी। दुकानदारों का कहना था कि धान की सीजन लेट होने के कारण अब की बार लोगों ने बहुत कम खरीददारी की। सायं के समय लोगों ने दीपावली पूजन के दौरान लक्ष्मी, गणेश की पूजा कर घर में सुख शांति की कामना की। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र में दीपावली पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। घरों को सजाकर लोगों ने खूब आतिशबाजी चलाई। विधि विधान से मां लक्ष्मी की पूजा की। देर शाम घरों को सजाकर धन व वैभव की वृद्धि की कामना हुई। प्रशासन के आदेशों को दरकिनार कर लोगों ने खासकर गांवों में जमकर पटाखे छोड़े। हालांकि पुलिस कस्बे से पटाखे की दुकानों पर गश्त करते व उनके पटाखों को समेटते भी दिखी लेकिन फिर भी कस्बे में खूब पटाखे बिके। लोगों का कहना था कि साल में एक बार ही त्योहार आता है और उसी खुशी के त्योहार पर प्रशासन व कोर्ट पाबंदी लगा देते हैं। लोगों का कहना है कि बिना आतिशबाजी व पटाखों के कैसी दिवाली। संवाद
विज्ञापन
दीपों का त्यौहार दीपावली नगर व आसपास के गांवों में मनाया गया। दीपावली पर्व के उपलक्ष्य में बाजारों में चहल-पहल पिछले वर्ष की अपेक्षा काफी कम दिखाई दी। वहीं नगर में चाइनीज लड़ियां भी न के बराबर थी। लोगों ने अब की बार ज्यादातर मिट्टी के दीए ही जलाए। नगर के पूरे बाजार दुल्हन की तरह सजे हुए थे। दीपावली के दिन लोगों के एक दूसरे को बधाई दी। हलवाई की दुकानों पर अब की बार वह रौनक नही दिखाई दी। दुकानदारों का कहना था कि धान की सीजन लेट होने के कारण अब की बार लोगों ने बहुत कम खरीददारी की। सायं के समय लोगों ने दीपावली पूजन के दौरान लक्ष्मी, गणेश की पूजा कर घर में सुख शांति की कामना की। संवाद
विज्ञापन